घरेलू सर्राफा बाजार में बड़ी गिरावट- सोना ₹1.60 लाख और चांदी ₹2.56 लाख के स्तर पर फिसली
घरेलू सर्राफा बाजार में बड़ी गिरावट- सोना ₹1.60 लाख और चांदी ₹2.56 लाख के स्तर पर फिसली


नई दिल्ली/बीकानेर, 16 मार्च । सोमवार को भारतीय सर्राफा बाजार में बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक बाजारों में डॉलर की मजबूती और निवेशकों द्वारा सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने-चांदी के बजाय बॉन्ड व डॉलर की ओर रुख करने से कीमतों पर भारी दबाव देखा गया।


चांदी की कीमतों में ₹9,000 की भारी गिरावट
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, दिल्ली के बाजार में चांदी की कीमत ₹9,000 की बड़ी गिरावट के साथ ₹2,56,500 प्रति किलोग्राम पर आ गई। गौरतलब है कि पिछले शुक्रवार को भी चांदी में ₹11,000 की गिरावट आई थी। दो कारोबारी सत्रों में चांदी लगभग ₹20,000 सस्ती हो चुकी है।


सोना ₹2,950 टूटा
सोने की कीमतों में भी लगातार तीसरे दिन गिरावट का सिलसिला जारी रहा।
99.9% शुद्धता वाला सोना: ₹2,950 की गिरावट के साथ ₹1,60,250 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।
तुलना: पिछले शुक्रवार को सोना ₹1,65,200 के स्तर पर था। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली और वैश्विक कारकों ने कीमतों को नीचे धकेला है।
क्यों गिर रहे हैं दाम? (विशेषज्ञों की राय)
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे तीन मुख्य कारण हैं. डॉलर और बॉन्ड की मजबूती: सुरक्षित निवेश के लिए निवेशक अब सोने से हटकर अमेरिकी डॉलर और सरकारी बॉन्ड में पैसा लगा रहे हैं।
कच्चे तेल का प्रभाव: एच़डीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट दिलीप परमार के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से महंगाई बढ़ने की आशंका है, जिससे केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती को टाल सकते हैं। यह स्थिति सोने के लिए नकारात्मक साबित हो रही है।
भू-राजनीतिक तनाव: मध्य पूर्व (पश्चिम एशिया) में जारी तनाव के बावजूद, बाजार में बड़े पैमाने पर ‘पोजीशन अनवाइंडिंग’ (सौदे काटना) देखी जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल
वैश्विक स्तर पर भी कीमती धातुओं में कमजोरी का रुख रहा:
हाजिर सोना: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 5,000 डॉलर प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया है।
हाजिर चांदी: चांदी भी 80 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे कारोबार कर रही है।
वित्त वर्ष (2025-26) के अंत से पहले निवेशकों द्वारा की जा रही मुनाफावसूली को भी इस बिकवाली की एक प्रमुख वजह माना जा रहा है।
