स्वच्छता के संकल्प के साथ बीकानेर में चला महाभियान
स्वच्छता के संकल्प के साथ बीकानेर में चला महाभियान


- राजस्थान दिवस समारोह-2026 का आगाज
बीकानेर, 14 मार्च । राजस्थान दिवस (चैत्र प्रतिपदा) के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा की पहल पर प्रदेशभर में आयोजित हो रहे साप्ताहिक समारोहों की बीकानेर में भव्य शुरुआत हुई। समारोह के प्रथम दिन जिला मुख्यालय पर स्वच्छता को मुख्य केंद्र रखते हुए ‘वृद्धजन भ्रमण पथ’ पर व्यापक सफाई अभियान चलाया गया।
प्रशासन और जनता ने मिलकर उठाया झाड़ू
शनिवार सुबह 7:30 बजे जिला कलेक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णि के नेतृत्व में वृद्धजन भ्रमण पथ पर श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस अभियान में केवल सफाई ही नहीं की गई, बल्कि उपस्थित आमजन और अधिकारियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का संकल्प भी दिलाया गया।


अभियान में प्रमुख सहभागिता:
सफाई अभियान में जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। इनमें मुख्य रूप से शामिल रहे:


श्रीमती सुमन छाजेड़ और श्याम सिंह हाडला (जनप्रतिनिधि), मयंक मनीष (नगर निगम कमिश्नर), जसवंत सिंह (अतिरिक्त संभागीय आयुक्त),सुश्री महिला कसाना (एसडीएम बीकानेर, आईएएस),विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता।
राजस्थानी भाषा अकादमी में भी हुई सफाई
इसी कड़ी में राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी परिसर में भी स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अकादमी सचिव शरद केवलिया के नेतृत्व में पुस्तकालय, वाचनालय और कार्यालय कक्षों की सफाई कर कार्मिकों ने समाज को स्वच्छता का संदेश दिया।
कल होगा “विकसित रन” का आयोजन
राजस्थान दिवस समारोह की श्रृंखला में रविवार को खेल और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने के लिए ‘विकसित रन’ का आयोजन किया जाएगा। समय: रविवार सुबह 6:30 बजे। मार्ग: पॉलिटेक्निक कॉलेज से शुरू होकर पंचशती सर्किल, ब्रह्म कुमारी सर्किल, मेडिकल कॉलेज सर्किल और पुनः पॉलिटेक्निक कॉलेज तक।
अपील: निगम कमिश्नर ने बीकानेर के युवाओं और आमजन से इस दौड़ में बड़ी संख्या में भाग लेने का आह्वान किया है।
14 से 19 मार्च तक कार्यक्रमों की धूम
राजस्थान दिवस समारोह-2026 के अंतर्गत जिले में 19 मार्च तक विभिन्न सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की समृद्ध विरासत और गौरवशाली परंपरा को जन-जन तक पहुँचाना है।
