सांसद पप्पू यादव को गर्दनीबाग मामले में मिली जमानत, लेकिन बुद्धा कॉलोनी केस के चलते अभी जेल में ही रहेंगे
सांसद पप्पू यादव


पटना, 10 फ़रवरी । पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को राहत और सस्पेंस के बीच आज बड़ी खबर मिली है। पटना की एक स्थानीय अदालत ने 31 साल पुराने जमीन विवाद (गर्दनीबाग मामला) में सांसद पप्पू यादव की जमानत याचिका मंजूर कर ली है। हालांकि, इस जमानत के बावजूद वे फिलहाल जेल (न्यायिक हिरासत) से बाहर नहीं आ पाएंगे, क्योंकि बुद्धा कॉलोनी थाने में दर्ज एक अन्य मामले में उनकी सुनवाई अभी लंबित है।


पप्पू यादव को शुक्रवार देर रात पटना के मंदिरी स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया था। यह गिरफ्तारी जुलाई 2025 में एक पुराने मामले में बेल बॉन्ड रद्द होने और गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद की गई थी। उन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 467 (दस्तावेजों की जालसाजी) सहित अन्य गंभीर आरोप हैं। सोमवार को पटना कोर्ट में बम की धमकी के कारण न्यायिक कार्य बाधित होने से उनकी याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी थी, जो आज संपन्न हुई।


तबीयत खराब होने पर PMCH शिफ्ट करने का आदेश
सांसद के वकील शिवनंदन भारती ने मीडिया को जानकारी दी कि यद्यपि गर्दनीबाग मामले में जमानत मिल गई है, लेकिन सांसद की स्वास्थ्य स्थिति ठीक नहीं है। अदालत ने उनकी शारीरिक स्थिति को देखते हुए उन्हें जेल की कोठरी के बजाय पीएमसीएच (PMCH) के कैदी वार्ड में इलाज के लिए स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। वकील ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस द्वारा काम में बाधा डालने के जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे निराधार हैं; सांसद ने स्वयं कानून का सम्मान करते हुए गिरफ्तारी दी थी।
अगली सुनवाई पर टिकी नजरें
पप्पू यादव की रिहाई अब पूरी तरह से बुद्धा कॉलोनी एफआईआर मामले में होने वाली अगली सुनवाई पर निर्भर करती है। यदि कल होने वाली सुनवाई में उन्हें राहत मिलती है, तभी वे अस्पताल या जेल से बाहर आ सकेंगे। गिरफ्तारी के समय पप्पू यादव ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया था, जबकि पुलिस का कहना था कि वह केवल न्यायालय के वारंट की तामील कर रही है। बिहार की राजनीति में इस गिरफ्तारी को लेकर बयानबाजी का दौर भी तेज हो गया है।
