घोड़ी पर सवार होकर ससुराल पहुंची दुल्हन ऐश्वर्या; पुष्करणा ओलंपिक सावे में दिखी महिला सशक्तिकरण की अनूठी झलक

घोड़ी पर सवार होकर ससुराल पहुंची दुल्हन ऐश्वर्या
quicjZaps 15 sept 2025
STBA 5 JUNE 2026

बीकानेर, 10 फ़रवरी । छोटी काशी के नाम से विख्यात बीकानेर में पुष्करणा ब्राह्मण समाज के ‘ओलंपिक सावे’ की धूम मची हुई है। इस सावे की अनूठी परंपराओं के बीच सोमवार देर रात एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने प्राचीन संस्कृति के साथ-साथ आधुनिक महिला सशक्तिकरण का संदेश भी दिया। रंगा परिवार की लाड़ली ऐश्वर्या, दूल्हे की तरह घोड़ी पर सवार होकर गाजे-बाजे के साथ अपनी गणेश परिक्रमा (छींकी) की रस्म निभाने ससुराल पहुंचीं।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

श्रीमती शकुंतला और नागेंद्र रंगा की सुपुत्री ऐश्वर्या पारंपरिक पीले परिधान और राजसी ठाठ-बाट के साथ घोड़ी पर चढ़कर वैवाहिक कार्यक्रम स्थल ‘आचार्य बगीची’ पहुंचीं। ऐश्वर्या का विवाह मंगलवार को वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. सत्यप्रकाश आचार्य के पौत्र और रेणु-कमल आचार्य के पुत्र नकुल के साथ संपन्न होना है। पुष्करणा सावे में आमतौर पर दूल्हे घोड़ी पर चढ़ते हैं, लेकिन दुल्हन द्वारा इस रस्म को निभाते देख राहगीरों और समाज के लोगों में भारी उत्साह देखा गया।

pop ronak

ससुराल पक्ष ने किया शाही स्वागत
छींकी लेकर घोड़ी पर पहुंची वधू ऐश्वर्या का ससुराल पक्ष की महिलाओं ने पारंपरिक मंगल गीतों और पूर्ण मान-मनुहार के साथ जोरदार स्वागत किया। ससुराल पक्ष की ओर से वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. सत्यप्रकाश आचार्य, अनिल आचार्य, शिक्षक नेता रवि आचार्य, पार्षद किशोर आचार्य सहित मनीष आचार्य, विनोद आचार्य और अन्य गणमान्य जनों ने वधू पक्ष की अगवानी की। इस दौरान समाज की समृद्ध और प्राचीन परंपराओं का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ किया गया।

पुष्करणा सावे का आकर्षण
ज्ञात रहे कि बीकानेर में पुष्करणा समाज का सावा (ओलंपिक सावा) अपनी विशिष्टता के लिए दुनिया भर में मशहूर है। सामूहिक विवाह के इस महापर्व पर ‘छींकी’ और ‘गणेश परिक्रमा’ जैसी रस्में घर-घर में उल्लास भर देती हैं। ऐश्वर्या द्वारा निभाई गई इस रस्म ने न केवल परंपरा को जीवित रखा, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति बढ़ते सम्मान और समानता के भाव को भी प्रदर्शित किया।

 

sesumo school
sjps

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *