17 मार्च को निदेशालय पर धरने का नोटिस, कर्मचारियों में भारी आक्रोश

17 मार्च को निदेशालय पर धरने का नोटिस, कर्मचारियों में भारी आक्रोश
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  • शिक्षा विभाग में डीपीसी की मांग को लेकर उबाल

बीकानेर, 6 मार्च । राजस्थान शिक्षा विभागीय कर्मचारी संघ ने मंत्रालयिक संवर्ग के अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति (DPC) में हो रही देरी के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष कमलनारायण आचार्य ने चेतावनी दी है कि यदि 15 मार्च 2026 तक बकाया और नियमित डीपीसी की प्रक्रिया पूरी कर पदस्थापन के आदेश जारी नहीं किए गए, तो 17 मार्च (मंगलवार) को शिक्षा निदेशालय, बीकानेर के समक्ष एक दिवसीय विशाल धरना दिया जाएगा।

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शुक्रवार को प्रदेशाध्यक्ष कमलनारायण आचार्य और प्रदेश परामर्शक विष्णुदत्त पुरोहित ने शिक्षा निदेशक की अनुपस्थिति में अतिरिक्त निदेशक शैलेन्द्र देवड़ा (RAS) को सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। आचार्य ने वार्ता के दौरान स्पष्ट किया कि विभाग मंत्रालयिक संवर्ग की रिव्यु और नियमित डीपीसी में जानबूझकर विलंब कर रहा है। साथ ही, काउंसलिंग के माध्यम से पदस्थापन की प्रक्रिया में ‘दोहरा मापदंड’ अपनाकर मंत्रालयिक कर्मचारियों को उनके हक से वंचित रखा जा रहा है, जिससे उन्हें प्रतिमाह भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।

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अतिरिक्त निदेशक ने दिया 31 मार्च तक का आश्वासन
अतिरिक्त निदेशक शैलेन्द्र देवड़ा ने संघ के साथ हुई वार्ता के दौरान सकारात्मक रुख दिखाते हुए आश्वस्त किया है कि मंत्रालयिक संवर्ग की समस्त लंबित डीपीसी प्रक्रिया 31 मार्च 2026 तक अनिवार्य रूप से संपन्न करवा ली जाएगी। हालांकि, संघ ने स्पष्ट किया है कि पूर्व में भी 54 दिनों तक चले धरने के दौरान उच्चाधिकारियों द्वारा आश्वासन दिए गए थे, जिन्हें अब तक पूर्ण नहीं किया गया है।

प्रशासनिक महकमे में मची हलचल
संघ ने धरने के नोटिस की प्रतियां राज्यपाल, मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और मुख्य सचिव सहित सभी संबंधित आलाधिकारियों को भेज दी हैं। आचार्य ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि 15 मार्च तक मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 17 मार्च को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक सांकेतिक धरना दिया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी राज्य सरकार और शिक्षा प्रशासन की होगी। इस घोषणा के बाद से ही शिक्षा निदेशालय और प्रशासनिक हलकों में गहमागहमी तेज हो गई है।

 

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