अतिरिक्त मुख्य सचिव की सहमति के बाद भी मंत्रालयिक संवर्ग की डीपीसी नहीं होने पर आक्रोश: शिक्षा निदेशक को सौंपा ज्ञापन
अतिरिक्त मुख्य सचिव की सहमति के बाद भी मंत्रालयिक संवर्ग की डीपीसी नहीं होने पर आक्रोश: शिक्षा निदेशक को सौंपा ज्ञापन


बीकानेर, 1 अप्रैल 2026, बुधवार। शिक्षा विभागीय कर्मचारी संघ राजस्थान (बीकानेर) ने मंत्रालयिक कर्मचारियों की पदोन्नति (DPC) में हो रही देरी को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष कमल नारायण आचार्य ने बुधवार को शिक्षा निदेशक सीताराम जाट (IAS) से मुलाकात कर इस संबंध में एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा और निदेशालय स्तर पर बरती जा रही कथित “हठधर्मिता” पर गहरा रोष व्यक्त किया।


एसीएस की मंजूरी के बाद भी अटका मामला
प्रदेशाध्यक्ष आचार्य ने बताया कि 30 मार्च 2026 को जयपुर में अतिरिक्त मुख्य सचिव (शिक्षा) श्री राजेश यादव, संयुक्त शासन सचिव (शिक्षा) श्री महेंद्र खींची और कार्मिक विभाग के अधिकारियों के साथ सकारात्मक वार्ता हुई थी। एसीएस ने संघ की मांगों को जायज मानते हुए उसी दिन डीपीसी प्रक्रिया शुरू करने की सहमति दे दी थी।


ज्ञापन के मुख्य बिंदु
पदों का विवरण: संस्थापन एवं प्रशासनिक अधिकारी (राज्य स्तर), अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी (निदेशालय स्तर) तथा सहायक प्रशासनिक अधिकारी एवं वरिष्ठ सहायक (मंडल स्तर) के पदों पर डीपीसी होनी है।
निर्देशों का उल्लंघन: एसीएस के स्पष्ट निर्देशों और सहमति के बावजूद निदेशालय स्तर पर अभी तक डीपीसी की बैठक का नोटिस जारी नहीं किया गया है।
आर्थिक नुकसान: पदोन्नति में देरी के कारण प्रदेशभर के हजारों मंत्रालयिक कर्मचारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिससे उनमें भारी असंतोष व्याप्त है।
हठधर्मिता का आरोप
संघ ने आरोप लगाया कि उच्चाधिकारियों के आदेशों के बावजूद स्थानीय स्तर पर प्रक्रिया को लटकाया जा रहा है। आचार्य ने पुरजोर मांग की है कि शासन, निदेशालय, मंडल और जिला स्तरों पर डीपीसी का कार्य तत्काल संपन्न कर चयन आदेश जारी किए जाएं और कर्मचारियों को ‘यथावत कार्यभार’ ग्रहण करने की अनुमति देकर न्याय प्रदान किया जाए।
शिक्षा निदेशक का आश्वासन
प्रदेशाध्यक्ष कमल नारायण आचार्य के साथ हुई वार्ता के दौरान शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने मामले की गंभीरता को समझा। उन्होंने संघ को आश्वस्त किया है कि वह आज ही शासन के उच्चाधिकारियों से चर्चा करेंगे और डीपीसी की तिथि तय कर प्रक्रिया को जल्द से जल्द संपन्न कराएंगे।
