अंतरराष्ट्रीय समस्याओं के समाधान में भगवान महावीर के सिद्धांतों की प्रासंगिकता: साध्वी श्री पुण्ययशा

अंतरराष्ट्रीय समस्याओं के समाधान में भगवान महावीर के सिद्धांतों की प्रासंगिकता: साध्वी श्री पुण्ययशा
quicjZaps 15 sept 2025
STBA 5 JUNE 2026

होले नरसिंहपुर, 31 मार्च 2026। युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमणजी की सुशिष्या साध्वी श्री पुण्ययशा जी के पावन सान्निध्य में भगवान महावीर का जन्म कल्याणक महोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ साध्वी श्री द्वारा किए गए पवित्र महामंत्रोच्चार से हुआ, जिसके बाद उन्होंने वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में महावीर के दर्शन पर गंभीर प्रकाश डाला। अपने उद्बोधन में साध्वी श्री ने भगवान महावीर को अहिंसा का अवतार और समता का महासागर बताते हुए कहा कि वे केवल महापुरुष नहीं, बल्कि मानवीय चेतना के सर्वोच्च आदर्श हैं।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

साध्वी श्री ने शूरवीरता की नई व्याख्या करते हुए बताया कि संसार में दो तरह के योद्धा होते हैं— युद्धशूर और क्षमाशूर। जहाँ युद्धशूर बाहरी शत्रुओं पर विजय प्राप्त करता है, वहीं क्षमाशूर अपने भीतर की शत्रुता के भाव को जीतता है। भगवान महावीर ने स्वयं को जीतकर ‘तिन्नाणं तारयाणं’ की साधना की, जो आज के अशांत विश्व के लिए एक मार्गदर्शक सिद्धांत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विश्व आज तीन प्रमुख समस्याओं— मैत्री का अभाव, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की कमी और मानवीय विषमताओं से जूझ रहा है, और इन तीनों का सटीक समाधान महावीर की वाणी में निहित है।

pop ronak

वैश्विक समस्याओं के समाधान का मार्ग बताते हुए साध्वी श्री ने कहा कि भगवान महावीर का सूत्र ‘मित्ती मे सव्वभूएसु’ (सभी जीवों से मेरी मित्रता है) विश्व मैत्री का आधार है। वहीं, वैचारिक मतभेदों को सुलझाने के लिए उनका ‘स्याद्वाद’ और ‘अनेकान्तवाद’ का सिद्धांत शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का एकमात्र जरिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब हम आत्म-तुल्यता के सिद्धांत को मानेंगे कि ‘सभी जीवों की आत्मा समान है’, तभी समाज से भेदभाव और विषमताएं समाप्त होंगी। भगवान महावीर ने हजारों वर्ष पूर्व नारी को पुरुष के समान अधिकार देकर सामाजिक न्याय की जो अलख जगाई थी, वह आज भी उतनी ही प्रासंगिक है।

इस अवसर पर साध्वी श्री ने आचार्य भिक्षु की तेरस का उल्लेख करते हुए भगवान महावीर और आचार्य भिक्षु के जीवन की अद्भुत समानताओं पर भी चर्चा की। कार्यक्रम में भाजपा चेयरमैन विपुल जी छाजेड़ सहित बिडदी, मैसूर, हासन, चिकमंगलूर और प्रियापटना जैसे अनेक क्षेत्रों के श्रद्धालुओं ने शिरकत की। साध्वी वर्धमानयशा जी के विचारों और विभिन्न महिला मंडलों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को और अधिक भव्य बनाया। अंत में, गौतम जी पीतलिया ने आभार व्यक्त किया और कार्यक्रम का कुशल संचालन साध्वी बोधिप्रभा जी द्वारा किया गया।

sesumo school
sjps

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *