गंगाशहर और उदयरामसर की जलापूर्ति के लिए PHED ने कसी कमर
गंगाशहर और उदयरामसर की जलापूर्ति के लिए PHED को ज्ञापन


बीकानेर, 6 फ़रवरी । आगामी ग्रीष्म ऋतु और प्रस्तावित नहरबंदी के दौरान शहर में पेयजल किल्लत न हो, इसके लिए जन प्रतिनिधियों और प्रशासन ने साझा प्रयास शुरू कर दिए हैं। गंगाशहर और उदयरामसर क्षेत्र में निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग को लेकर शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के अधिकारी राजेश पुरोहित से मुलाकात की।


प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारी का ध्यान इस ओर आकर्षित किया कि गंगाशहर का खारिया कुआं क्षेत्र अंतिम छोर (टेल) पर स्थित होने के कारण मार्च-अप्रैल की नहरबंदी के दौरान सबसे अधिक प्रभावित होता है। वहीं, उदयरामसर में ट्यूबवेल की मोटरों के बार-बार खराब होने और टंकी होने के बावजूद नियमित सप्लाई न मिलने से स्थानीय निवासियों में रोष है।


PHED की तैयारी में 20 ट्यूबवेलों की मरम्मत और नई टंकी से सप्लाई
क्षेत्रीय समस्याओं को सुनने के बाद PHED अधिकारी राजेश पुरोहित ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि विभाग ने गर्मी से निपटने के लिए ‘एक्शन प्लान’ तैयार कर लिया है। उन्होंने प्रमुख समाधानों की जानकारी देते हुए बताया।
मेंटेनेंस कार्य: गंगाशहर क्षेत्र के सभी 20 ट्यूबवेलों की मेंटेनेंस और सफाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
नई टंकी का संचालन: विधायक जेठानंद व्यास के प्रयासों से गोपेश्वर क्षेत्र में नवनिर्मित पानी की टंकी से जल्द ही जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी, जिससे क्षेत्र का दबाव कम होगा।
लीकेज पर प्रहार: शहर में विभिन्न स्थानों पर हो रहे जल रिसाव (लीकेज) की शिकायतों पर पुरोहित ने तत्काल मरम्मत करवाने के निर्देश जारी किए।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल
मुलाकात के दौरान भाजपा के श्रीगंगानगर सह-प्रभारी मोहन सुराणा, गंगाशहर मंडल अध्यक्ष प्रकाश मेघवाल, जिला सोशल मीडिया सह-संयोजक चंद्रशेखर शर्मा, ओबीसी जिला महामंत्री दीपक यादव और गंगाशहर मंडल महामंत्री गोविंद सारस्वत सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रतिनिधियों ने मांग की कि नहरबंदी के उन 60 दिनों के लिए अभी से बैकअप प्लान तैयार रखा जाए ताकि जनता को टैंकरों पर निर्भर न रहना पड़े।
अधिकारी ने अंत में भरोसा दिलाया कि विभाग का लक्ष्य आगामी गर्मी में हर घर तक शुद्ध और पर्याप्त पेयजल पहुँचाना है, ताकि भीषण गर्मी में आमजन को राहत मिल सके।
