समाज की धरोहर हैं वरिष्ठ नागरिक: चूरू में मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का आयोजन
चूरू में मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का आयोजन



चूरू, 12 मार्च । जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा के निर्देशन में वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य एवं सर्वांगीण कल्याण को समर्पित एक विशेष जागरूकता और प्रशिक्षण शिविर का आयोजन गुरुवार को स्वयंसिद्धा आश्रम में किया गया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग (SJED) और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस शिविर में बुजुर्गों को बढ़ती उम्र में स्वस्थ और सक्रिय जीवन जीने के गुर सिखाए गए।


स्वस्थ जीवनशैली और तनाव प्रबंधन पर जोर
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक नगेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को मानसिक और शारीरिक रूप से सुदृढ़ बनाना है। शिविर में उपस्थित विशेषज्ञों ने निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष मार्गदर्शन दिया:


नियमित दिनचर्या: योग, प्राणायाम और दैनिक व्यायाम को जीवन का हिस्सा बनाने की सलाह दी गई।
मानसिक स्वास्थ्य: तनाव प्रबंधन और स्मरण शक्ति (Memory) को बेहतर बनाए रखने के व्यावहारिक उपाय साझा किए गए।
संतुलित आहार: बढ़ती उम्र में होने वाली सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव के लिए पोषण और खान-पान के महत्व को रेखांकित किया गया।
निःशुल्क चिकित्सा परीक्षण और परामर्श
शिविर के दौरान चिकित्सा विभाग की एक विशेष टीम ने अपनी सेवाएं दीं। चिकित्सकों ने उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों का चिकित्सा परीक्षण किया और उन्हें व्यक्तिगत स्वास्थ्य परामर्श प्रदान किया। उपनिदेशक नगेन्द्र सिंह ने इस अवसर पर कहा कि वरिष्ठ नागरिक हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं, उनकी खुशी और बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
प्रशासनिक उपस्थिति
कार्यक्रम को सफल बनाने में स्वयंसिद्धा आश्रम की संस्था प्रभारी सोनू चारण, अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी रामनिवास भूवाल और कनिष्ठ सहायक पवन कुमार थालोड़ सहित विभाग के अन्य कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। उपस्थित बुजुर्गों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
