सीताराम भवन में श्रीराम कथा का समापन आज, कल से गूंजेंगे ‘नानी बाई रो मायरो’ के भजन
सुंदरकांड के प्रसंगों पर छह घंटे भक्ति रस में डूबे रहे श्रद्धालु, राम नाम संकीर्तन से माहौल हुआ दिव्य


- सुंदरकांड के प्रसंगों पर छह घंटे भक्ति रस में डूबे रहे श्रद्धालु, राम नाम संकीर्तन से माहौल हुआ दिव्य
बीकानेर, 23 मई। जस्सूसर गेट क्षेत्र के सीताराम भवन में आयोजित किए जा रहे ‘श्रीराम कथा अमृतोत्सव’ का समापन आज रविवार (24 मई 2026) को भगवान श्रीराम के दिव्य राज्याभिषेक प्रसंग के साथ होगा। इसके तुरंत बाद, सोमवार (25 मई) से इसी परिसर में श्रीमती पुष्पा देवी सोमानी (धर्मपत्नी श्री सीताराम सोमानी) एवं समस्त सोमानी परिवार के सौजन्य से संगीतमय ’’नानी बाई के मायरे’’ की कथा का शुभारंभ होगा। इस तीन दिवसीय कथा का वाचन वृंदावन के विख्यात पंडित देवेश दीक्षित महाराज द्वारा रोजाना अपरान्ह 3:30 बजे से सायं 7:00 बजे तक किया जाएगा।


सुंदरकांड के पाठ से दूर होते हैं रोग और शोक: पंडित पुरुषोत्तम व्यास


इससे पूर्व शनिवार को कथा के दौरान सुंदरकांड प्रसंग का बेहद सजीव और संगीतमय वर्णन किया गया। कथावाचक पंडित पुरुषोत्तम व्यास ’’मीमांशक’’ ने हनुमान जी महाराज की महिमा का बखान करते हुए कहा कि सनातन धर्मावलंबियों को रामचरितमानस के सुंदरकांड का नियमित पाठ करना चाहिए। यदि प्रतिदिन संभव न हो, तो मंगलवार और शनिवार को इसका पाठ अवश्य करना चाहिए। सुंदरकांड का पाठ करने से जीवन के सभी रोग, शोक, दोष और विघ्न दूर होते हैं तथा घर में सुख, शांति व समृद्धि का वास होता है।
अशोक वाटिका प्रसंग सुन भाव-विभोर हुए श्रोता
कथा के दौरान जब पंडित व्यास ने हनुमान जी के श्लोक “अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं…” का सस्वर पाठ किया, तो पूरा पांडल ‘जय सियाराम’ और ‘जय-जय श्री राम’ के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। कथा में माता जानकी और हनुमान जी के अशोक वाटिका मिलन, राम जी की मुद्रिका (अंगूठी) सौंपने तथा लंका दहन के प्रसंगों को संगीतकारों ने इतनी जीवंतता के साथ प्रस्तुत किया कि श्रद्धालु करीब 6 घंटे तक प्रभु भक्ति में लीन रहे। कथावाचक ने विभीषण-हनुमान मिलन प्रसंग के माध्यम से समझाया कि ‘बिनु हरि कृपा मिलहिं नहीं संता’ अर्थात् ईश्वर की असीम अनुकम्पा से ही सच्चे संतों का सानिध्य और सत्संग प्राप्त होता है।
- शोभासर जलाशय का पाइप फटने से नया शहर क्षेत्र में हाहाकार, पानी के लिए महिलाओं का फूटा गुस्सा
- नया शहर टंकी पर महिलाओं ने अभियंताओं को घेरा; टैंकर आपूर्ति में रसूखदारों के दखल से परेशान हुए जरूरतमंद
बीकानेर, 23 मई। शोभासर जलाशय के मुख्य हैडर पाइप के अचानक फट जाने और उसकी मरम्मत में लंबा समय लगने के कारण शनिवार को शहर के एक बड़े हिस्से में पेयजल संकट गहरा गया। इसके चलते नया शहर, नत्थूसर, मुरलीधर व्यास नगर, रामपुरा, मुक्ता प्रसाद नगर, सर्वोदय बस्ती और चौखूंटी सहित कई इलाकों में जलापूर्ति पूरी तरह ठप रही।
अभियंताओं का घेराव, कानून-व्यवस्था के लिए बुलानी पड़ी पुलिस
पानी की बूंद-बूंद को तरसीं महिलाओं के कई जत्थे सुबह ही नया शहर स्थित पानी की टंकी पर पहुंच गए और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। महिलाओं के भारी आक्रोश के चलते वहां तैनात सहायक एवं कनिष्ठ अभियंताओं को पूरे दिन घेराव का सामना करना पड़ा, जिससे वे भोजन-पानी तक से वंचित रहे। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पुलिस प्रशासन का सहयोग लेना पड़ा।
टैंकरों की आपूर्ति में छोटे नेताओं की दखलअंदाजी
विभाग के अभियंताओं ने संकट को देखते हुए प्रभावित मोहल्लों में टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति शुरू करवाई। लेकिन इस दौरान कुछ स्थानीय व छोटे नेताओं ने अपने रसूख का इस्तेमाल करते हुए टैंकरों को जबरन रुकवा लिया और वास्तविक जरूरतमंद क्षेत्रों के बजाय अपने करीबियों व परिचितों के घरों में पानी डलवा दिया। इसके कारण कई मोहल्लों के वास्तविक हकदार पानी के लिए तरसते रह गए।
पीएचईडी के अभियंताओं ने स्पष्ट किया कि मुख्य लाइन में खराबी के कारण वे लाचार थे, फिर भी वैकल्पिक तौर पर टैंकरों से राहत देने का पूरा प्रयास किया गया। उन्होंने आम जनता से धैर्य बनाए रखने और संकट के इस समय में पानी का बेहद सीमित व सदुपयोग करने की मार्मिक अपील की है।


