एसजेपीएस- भगवान महावीर जन्मकल्याणक पर जीवंत झाँकियों से जीवन आदर्शों का भव्य प्रस्तुतीकरण
एसजेपीएस- भगवान महावीर जन्मकल्याणक पर जीवंत झाँकियों से जीवन आदर्शों का भव्य प्रस्तुतीकरण



बीकानेर, 31 मार्च 2026। श्री जैन पब्लिक स्कूल (एसजेपीएस) द्वारा हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी महावीर जन्मकल्याणक के पावन अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा भगवान महावीर स्वामी के जीवन, उपदेशों एवं सिद्धांतों को जीवंत झाँकियों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। यह आयोजन न केवल धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक रहा, बल्कि आधुनिक तकनीक और पारंपरिक मूल्यों के अनूठे संगम के रूप में उभरा।


एआई और रोबोटिक्स बना मुख्य आकर्षण
इस वर्ष के आयोजन में विद्यालय के विद्यार्थियों ने अपनी तकनीकी दक्षता का परिचय दिया। शाला के एआई (AI) विद्यार्थियों द्वारा निर्मित रोबोट के माध्यम से भगवान की आरती उतारना और चौबीस तीर्थंकरों के लिए प्रस्तुत की गई नृत्य वंदना आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। इसके साथ ही विद्यालय की विभिन्न गतिविधियों को स्कैन कोड (QR Code) के माध्यम से डिजिटल रूप में प्रस्तुत किया गया, जो शिक्षा में आधुनिकता को दर्शाता है।


11 जीवंत झाँकियाँ और सामाजिक संदेश
शालाध्यक्ष विजय कुमार कोचर ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने 11 आकर्षक झाँकियों के माध्यम से समाज को प्रेरित किया। शाला सचिव सीए माणक कोचर के अनुसार, इन झाँकियों और रैली में निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया . पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता अभियान, नशा मुक्ति का संदेश, भगवान महावीर का अंतिम उपदेश और निर्वाण, ‘जियो और जीने दो’ का सार्वभौमिक सिद्धांत, कर्म सिद्धांत की व्याख्या
संस्कार और संस्कृति से जुड़ाव
शाला की प्रधानाचार्या रूपश्री सिपानी ने आयोजन को युवाओं को अपनी संस्कृति से जोड़ने का प्रखर माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर के पंचशील सिद्धांत—अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह, अस्तेय और ब्रह्मचर्य—को जीवन में अपनाना ही आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
अतिथियों द्वारा उत्साहवर्धन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आईएएस श्री गौरव बोथरा एवं जैन महासभा के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने विद्यार्थियों के प्रदर्शन की सराहना की। जैन महासभा की टीम से जैन लूणकरण छाजेड़, चंपक मल सुराणा, कन्हैयालाल बोथरा, संजय सांड, बसंत नवलखा, विनोद बाफना और जयचंद लाल डागा आदि ने विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह तथा नकद राशि भेंट कर प्रोत्साहित किया।
