जमीअत उलमा-ए-हिन्द द्वारा हज ट्रेनिंग कैंप का सफल आयोजन
जमीअत उलमा-ए-हिन्द द्वारा हज ट्रेनिंग कैंप का सफल आयोजन



- हाजियों को सिखाए गए हज के अरकान
बीकानेर। 4 अप्रैल। हज के मुकद्दस सफर पर जाने वाले जायरीन की सुविधा और जानकारी के लिए शनिवार को जमीअत उलमा-ए-हिन्द (शाखा बीकानेर) की ओर से एक विशेष हज ट्रेनिंग कैंप का आयोजन किया गया। बीकानेर के खड़गावतों का मोहल्ला स्थित मदरसा तालीमुल इस्लाम में आयोजित इस शिविर में हाजियों को सफर-ए-हज की बारीकियों और धार्मिक प्रक्रियाओं से रूबरू करवाया गया।


विशेषज्ञों ने दी हज के अरकान की जानकारी
कैंप का शुभारंभ तिलावत-ए-कुरआन पाक से हुआ। प्रशिक्षण मुख्य रूप से जयपुर से आए विख्यात हज ट्रेनर हाजी परवेज साहब द्वारा दिया गया। उन्होंने हज के दौरान अदा किए जाने वाले तमाम अरकान, वाजिबात, सुन्नत तरीकों और सफर के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों पर विस्तार से रोशनी डाली। बीकानेर के अनुभवी हज गाइड हाजी सैयद अख्तर अली और हाजी इंसाफ अली ने भी अपने अनुभवों के आधार पर हाजियों को जरूरी हिदायतें दीं और अमली तौर पर हज अदा करने के तरीके समझाए।


सालों से जारी है मार्गदर्शन का सिलसिला
जमीअत उलमा-ए-हिन्द, बीकानेर के महासचिव मौलाना मोहम्मद इरशाद कासमी ने बताया कि संस्था पिछले कई वर्षों से नियमित रूप से ऐसे कैंप आयोजित कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सही जानकारी और रहनुमाई के बिना हज के अरकान को मुकम्मल करना कठिन होता है, इसलिए ऐसे प्रशिक्षण शिविर हाजियों के लिए बेहद मददगार साबित होते हैं। उन्होंने संस्था की दीनी और सामाजिक खिदमत के संकल्प को दोहराते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों को जारी रखने की बात कही।
सफल सफर के लिए की गई दुआ
ट्रेनिंग कैंप में बड़ी संख्या में आज़मीन-ए-हज ने शिरकत की और विशेषज्ञों से अपनी शंकाओं का समाधान पाया। कार्यक्रम के अंत में सभी हाजियों के सुरक्षित और मकबूल हज के लिए विशेष दुआ की गई। इस अवसर पर कारी शाहिद, सैयद मुसद्दीक, यूसुफ भाई, लुकमान गौरी, मोहम्मद वसीम नदीम, ताहिर राठौड़ और रहमतुल्लाह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
