इंद्रिय संयम से ही संभव है कर्म बंधन से मुक्ति’— मुक्तांजना श्री जी
इंद्रिय संयम से ही संभव है कर्म बंधन से मुक्ति’— मुक्तांजना श्री जी
इंद्रिय संयम से ही संभव है कर्म बंधन से मुक्ति’— मुक्तांजना श्री जी
गुरु कृपा से ही संभव है ईश्वर की प्राप्ति : स्वामी चित्रप्रकाशानंद
बीकानेर के नगरसेठ श्री लक्ष्मीनाथ जी दरबार में ‘सनातन सेवा महादिवस’ की धूम
शताब्दी के बाद होगा श्री दिगम्बर जैन नसियाजी का कायाकल्प, विधि-विधान से हुआ जीर्णोद्धार एवं नव-निर्माण का शिलान्यास
जमीअत उलमा-ए-हिन्द द्वारा हज ट्रेनिंग कैंप का सफल आयोजन
कुलदेवी डेहरू माता मंदिर का पाटोत्सव 17 जून को
तेरापंथ के आद्य प्रवर्तक आचार्य श्री भिक्षु का ‘अभिनिष्क्रमण दिवस’ श्रद्धापूर्वक मनाया गया
युवा शक्ति का आध्यात्मिक शंखनाद- 54 दिवसीय अखंड जप अनुष्ठान का भव्य समापन
साध्वी श्री मनुयशा जी पंचतत्व में विलीन, गंगाशहर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
साध्वीश्री पुण्ययशा जी का मंडिया प्रवास; गुरु को बताया ऊर्जा और तेजस्विता का प्रतीक