शिवानंद आश्रम में पांच दिवसीय सत्संग संपन्न, स्वामी विमर्शानंदगिरि ने प्रेम को बताया आत्मा का मूल स्वरूप
शिवानंद आश्रम में पांच दिवसीय सत्संग संपन्न, स्वामी विमर्शानंदगिरि ने प्रेम को बताया आत्मा का मूल स्वरूप
शिवानंद आश्रम में पांच दिवसीय सत्संग संपन्न, स्वामी विमर्शानंदगिरि ने प्रेम को बताया आत्मा का मूल स्वरूप
संस्कार निर्माण में गीता अति महत्वपूर्ण- स्वामी विमर्शानंदगिरि
शिवबाड़ी में कल ‘गीता ज्ञान लेख परीक्षा’ का आयोजन
ज्योति वधवा रंजना की तीन विधाओं में रचित तीन पुस्तकों का हुआ लोकार्पण