हारे के सहारे, बाबा श्याम हमारे…’ भजनों से गूंजा श्याम दरबार
इंदिरा एकादशी पर बीकानेर के खाटू श्याम मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब

- पापांकुशा एकादशी पर जयपुर रोड स्थित खाटू श्याम मंदिर में उमड़े श्रद्धालु, नारियल पर अर्जी लगाकर भक्तों ने मांगी मनोकामना पूर्ति; नवंबर में देवउठनी एकादशी से पहले शुरू होगी लिफ्ट की सुविधा
बीकानेर, 22 अक्टूबर । पापांकुशा एकादशी के पावन अवसर पर गुरुवार को जयपुर रोड स्थित श्री खाटू श्याम मंदिर में अटूट श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिला। सुबह से ही बाबा श्याम के अलौकिक दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया, जो दिनभर बना रहा। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर भजन-कीर्तन, शंखनाद और ‘हारे के सहारे, बाबा श्याम हमारे’ जैसे सुमधुर भजनों व जयकारों से गूंज उठा।


पाँच प्रकार के फूलों से हुआ बाबा का भव्य श्रृंगार



पापांकुशा एकादशी के पावन पर्व पर बाबा श्याम का डेजी, ऑर्किड, टाटा गुलाब, गुलदाउदी और गेंदा सहित पाँच विभिन्न प्रकार के सुगंधित फूलों से बेहद मनमोहक विशेष श्रृंगार किया गया। रंग-बिरंगे फूलों से सजे बाबा श्याम के इस भव्य स्वरूप के दर्शन कर मंदिर पहुँचे श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। मुख्य पुजारी चेतन शर्मा और किशन शर्मा द्वारा यह विशेष श्रृंगार संपन्न किया गया।
नारियल पर अर्जी लगाकर माँगी मनोकामनाएँ
एकादशी के इस विशेष अवसर पर श्रद्धालुओं ने नारियल पर अपनी मन्नत की अर्जी लिखकर बाबा श्याम के चरणों में अर्पित की। भक्तों ने अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए बाबा से अरदास लगाई और परिवार तथा समाज में सुख-समृद्धि एवं शांति बनाए रखने की प्रार्थना की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पापांकुशा एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित है, इसलिए इस दिन व्रत, पूजन और दान-पुण्य का विशेष महत्व रहा।
नवंबर में देवउठनी एकादशी से शुरू होगी लिफ्ट की सुविधा
मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रबंधन द्वारा एक अहम कदम उठाया गया है। मंदिर परिसर में लिफ्ट लगाने का कार्य वर्तमान में अंतिम चरण में चल रहा है। मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष केके शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि आगामी नवंबर माह में आने वाली देवउठनी एकादशी से पहले यह लिफ्ट सुविधा बाबा श्याम के भक्तों को समर्पित कर दी जाएगी। इस आधुनिक सुविधा के शुरू होने से विशेष तौर पर वृद्धजनों, बीमार और उन श्रद्धालुओं को मंदिर में दर्शन करने में बहुत सहूलियत मिलेगी, जिन्हें सीढ़ियाँ चढ़ने-उतरने में कठिनाई होती है।
दिनभर चले धार्मिक आयोजनों और दर्शनों के बाद श्रद्धालुओं ने बाबा के चरणों में शीश नवाकर सभी के कल्याण की मंगलकामना की।

