महर्षि दयानंद सरस्वती की 202वीं जयंती पर श्रद्धाजंलि
महर्षि दयानंद सरस्वती की 202वीं जयंती पर श्रद्धाजंलि


- “वेदों की ओर लौटो” के उद्घोष से गूंजा आर्य समाज
बीकानेर ,12 फ़रवरी । स्वामी दयानंद सरस्वती की 202वीं जयंती के पावन अवसर पर गुरुवार को आर्य समाज में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने महर्षि के जीवन आदर्शों और वैदिक शिक्षाओं को वर्तमान समय में विश्व कल्याण का एकमात्र मार्ग बताया। कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री भगवतीप्रसाद-सीमा के यज्ञमानत्व और श्रीमती अमिता के ब्रह्मत्व में पवित्र यज्ञ-हवन के साथ हुआ।


मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित श्री डूंगर महाविद्यालय के इतिहास विभागाध्यक्ष एवं डीन डॉ. चंद्रशेखर कच्छावा ने महर्षि के ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि 12 फरवरी 1824 को जन्मे स्वामी दयानंद ने “वेदों की ओर लौटो” का कालजयी नारा देकर वैदिक ज्ञान को पुनर्जीवित किया। डॉ. कच्छावा ने बताया कि 1875 में आर्य समाज की स्थापना कर महर्षि ने जातिवाद, अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जो शंखनाद किया था, उसकी प्रासंगिकता आज भी उतनी ही गहरी है।


सत्य और शुद्ध कर्म से ही संभव है विश्व कल्याण
विद्वान डॉ. केशरमल शास्त्री ने ऋषि के साहित्यिक और आध्यात्मिक कार्यों पर प्रकाश डालते हुए ‘सत्यार्थ प्रकाश’ के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि ऋषि का संपूर्ण आग्रह सत्य को ग्रहण करने और करवाने पर था। सत्य ज्ञान, शुद्ध कर्म और शुद्ध उपासना के समन्वय से ही मानवता का कल्याण संभव है, जो सनातन वैदिक धर्म का प्रधान लक्ष्य है।
आर्य समाज के प्रधान महेश आर्य ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में जोर देकर कहा कि आर्य समाज के दस नियमों का पालन न केवल व्यक्तिगत बल्कि राष्ट्र और विश्व के सर्वांगीण विकास का आधार है। कार्यक्रम में उप प्रधान श्रीमती अमिता और दशरथ आर्य ने भी स्वामी दयानंद के क्रांतिकारी विचारों को साझा किया।
भजनों की प्रस्तुति और ‘ऋषि बोधोत्सव’ का आमंत्रण
सांस्कृतिक प्रस्तुति के दौरान श्रीमती रूपा, उषा, कंचन, सीमा और नीलू ने राजस्थानी भाषा में भावपूर्ण भजन “खमा हो खमा ऋषि दयानंद स्वामी, थारो तो जस गावे सारी दुनिया” गाकर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
समारोह के अंत में मंत्री भगवती प्रसाद ने जानकारी दी कि आगामी 15 फरवरी 2026 (रविवार) को प्रातः 9 बजे इसी प्रांगण में ‘ऋषि बोधोत्सव’ का भव्य आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में भारत विकास परिषद के नरेश खत्री, डॉ. सतीश कच्छावा, डॉ. संजय गर्ग, व्यवसायी विवेक, समाजसेवी प्रेमरत्न सोनी और चंद्रप्रकाश सोनी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। शांति पाठ और “महर्षि दयानंद की जय” के जयकारों के साथ सभा का समापन हुआ।
