6 साल की दो जुड़वां बहनों ने रखा रोजा, आयत और जुवेरिया इबादत के साथ मांग रही हैं मुल्क की खुशहाली की दुआ
आयत और जुवेरिया इबादत के साथ मांग रही हैं मुल्क की खुशहाली की दुआ


चूरू, 18 मार्च 2026। इबादत, रहमत और बरकत के पवित्र महीने माह-ए-रमजान में जहां बड़े खुदा की राह में रोजे रख रहे हैं, वहीं नन्हे रोजेदारों का उत्साह भी देखते ही बन रहा है। चूरू के मोहल्ला चेजारान में रहने वाली 6 साल की दो जुड़वां बहनों, आयत और जुवेरिया ने इस कम उम्र में रोजा रखकर और पांच वक्त की नमाज अदा कर मिसाल पेश की है। ये नन्हीं बहनें न केवल रोजा रख रही हैं, बल्कि पवित्र कुरान शरीफ की तालीम भी हासिल कर रही हैं।


परिवार की प्रेरणा और बच्चों का जुनून
आयत और जुवेरिया के दादा फारूक जमाल और दादी शहनाज ने गर्व के साथ बताया कि परिवार के सभी सदस्य रमजान के नियमों का कड़ाई से पालन करते हैं। घर के बड़ों को इबादत और तिलावत करते देख इन मासूमों के मन में भी खुदा के प्रति गहरा विश्वास जागा है। ये नन्हे रोजेदार समय पर सेहरी और इफ्तार कर रहे हैं और पूरे दिन भूखे-प्यासे रहकर अल्लाह की इबादत में मशगूल हैं।


देश की उन्नति के लिए उठ रहे नन्हे हाथ
मासूम रोजेदारों ने अपनी तोतली जुबान में कहा कि वे रोजा रखकर अल्लाह ताला से देश में अमन, चैन, सुकून और तरक्की की दुआ मांग रही हैं। उनके पिता जावेद और माता फरीन सिसोदिया का मानना है कि इतनी छोटी उम्र में खुदा के प्रति यह समर्पण उनके भविष्य के लिए बेहतर नींव साबित होगा। उन्होंने बताया कि बच्चों के रोजा रखने का पुण्य उनके माता-पिता को भी मिलता है और बच्चों की दुआएं अल्लाह के सबसे करीब होती हैं।
सांप्रदायिक सौहार्द और आस्था का संगम
चूरू जिले में आयत और जुवेरिया जैसे सैकड़ों बच्चे हैं जो पहली बार रोजा रखकर मजहबी नियमों का पालन कर रहे हैं। मोहल्लेवासियों का कहना है कि इन नन्हे बच्चों का जुनून बड़ों के लिए भी प्रेरणादायक है। भीषण गर्मी और लंबी अवधि के रोजों के बावजूद इन बच्चों के चेहरों पर इबादत की चमक फीकी नहीं पड़ी है, जो उनकी अटूट आस्था को दर्शाता है।
