संत शिरोमणि पीपा जी महाराज की 703वीं जयंती पर श्रद्धा का ज्वार; मंदिर में विकास कार्यों का हुआ श्रीगणेश
संत शिरोमणि पीपा जी महाराज की 703वीं जयंती पर श्रद्धा का ज्वार; मंदिर में विकास कार्यों का हुआ श्रीगणेश


बीकानेर, 2 अप्रैल 2026। भक्ति आंदोलन के प्रमुख संत और निर्गुण परंपरा के संवाहक संत श्री पीपा जी महाराज की 703वीं जयंती गुरुवार को बीकानेर के गंगाशहर क्षेत्र में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। नोखा रोड स्थित श्री पीपा जी मंदिर में श्री पीपा क्षत्रिय ट्रस्ट, गंगाशहर के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य समारोह में समाज के हजारों श्रद्धालुओं ने शिरकत की।


धार्मिक अनुष्ठान: सुंदरकांड से लेकर महाअभिषेक तक
उत्सव का शुभारंभ बुधवार शाम को मंदिर परिसर में आयोजित भव्य सुंदरकांड पाठ के साथ हुआ। गुरुवार प्रातः शुभ वेला में संत पीपा जी महाराज की प्रतिमा का विधिवत अभिषेक और विशेष पूजन किया गया। मंदिर को फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाया गया, जहाँ सुबह से ही दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा।


विकास की नई इबारत: भूमि पूजन कार्यक्रम
ट्रस्ट के सचिव श्री भंवर लाल बड़गुजर ने जानकारी दी कि इस पावन अवसर को यादगार बनाने के लिए मंदिर परिसर में नए विकास कार्यों का भूमि पूजन किया गया।
प्रस्तावित निर्माण: श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु 10 आधुनिक कमरे, एक विशाल रसोई, पानी का कुंड और बाथरूम परिसर का निर्माण किया जाएगा।
जनसहयोग: यह समस्त निर्माण कार्य समाज बंधुओं के आर्थिक सहयोग और सेवा भावना से पूर्ण किया जाएगा।
प्रतिभाओं का सम्मान और महाप्रसादी
जयंती के अवसर पर श्री पीपा क्षत्रिय नवयुवक मंडल द्वारा मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया, ताकि नई पीढ़ी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ सके। कार्यक्रम के समापन पर विशाल महाप्रसादी का आयोजन हुआ, जिसमें समाज के सभी वर्गों ने सामूहिक भोज का आनंद लिया।
गणमान्य जनों की उपस्थिति
भूमि पूजन और मुख्य समारोह में भंवर लाल बड़गुजर, धनराज कच्छावा, राजेंद्र कुमार बड़गुजर, राजकुमार कच्छावा, जगदीश कच्छावा, ललित कच्छावा, रामलाल चौहान, बाबूलाल सोलंकी, मुरलीधर दैया, विजय सिंह तंवर, संजय चौहान, नवदीप टाक, रामदेव कच्छावा, मनोज कुमार बड़गुजर, इंद्रचंद दैया एवं शेर सिंह कच्छावा सहित अनेक प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।
युवा शक्ति का योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में नवयुवक मंडल के अर्जुन कच्छावा, किशोर, बजरंग सिंह, राधेश्याम, अनिल सिंह, धीरज, शुभम सिंह, राकेश, संजय दैया, महादेव और अजित दैया सहित पूरी टीम का विशेष योगदान रहा। समाज के वरिष्ठजनों ने युवाओं के इस सेवा भाव और संगठनात्मक क्षमता की मुक्त कंठ से सराहना की।
