मजदूरों का सब्र टूटा 6 माह से अटका शहरी नरेगा का भुगतान
मजदूरों का सब्र टूटा 6 माह से अटका शहरी नरेगा का भुगतान


- कांग्रेस जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन
बीकानेर, 27 फरवरी। बीकानेर में ‘इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना’ के तहत पसीना बहाने वाले सैकड़ों मजदूरों के चूल्हे बुझने की नौबत आ गई है। पिछले छह महीनों से मानदेय नहीं मिलने से आक्रोशित मजदूरों ने शुक्रवार को शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल के नेतृत्व में जिला कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ADC) से मुलाकात कर चेतावनी दी कि यदि जल्द ही भुगतान नहीं हुआ, तो शहर में एक बड़ा जन-आंदोलन छेड़ा जाएगा।


सितंबर से खाली हैं खाते: ‘मेहनतकशों’ के साथ अन्याय का आरोप
कांग्रेस जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर को बताया कि शहर के सैकड़ों मजदूर सितंबर 2025 से आज तक लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार ने उनके खातों में एक रुपया भी नहीं डाला है।


प्रशासनिक विफलता: मेघवाल ने कहा कि इस संबंध में पहले भी नगर निगम आयुक्त और प्रशासन को अवगत कराया गया था, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला।
दोहरी मार: महंगाई के इस दौर में गरीब मजदूर बड़ी मेहनत से अपना गुजारा करते हैं, ऐसे में 6 महीने तक भुगतान रोकना उनके लोकतांत्रिक और आर्थिक अधिकारों का हनन है।
सैकड़ों महिलाओं ने घेरा कलेक्ट्रेट: ‘अगली बार होगा बड़ा आंदोलन’
प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर ‘मजदूर एकता जिंदाबाद’ के नारों से गूंज उठा। प्रतिनिधिमंडल में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल रहे:
प्रमुख उपस्थिति: पर्यावरणविद् मिलन गहलोत, स्थानीय निकाय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष हसन अली गौरी, जगदीश कुम्हार और कांग्रेस नेत्री संतोष परिहार ने प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखी।
मातृशक्ति का आक्रोश: प्रदर्शन में सलमा बानो, परमेश्वरी देवी, लक्ष्मी देवी, मन्ना देवी, शारदा, लीला और विमला देवी सहित सैकड़ों महिला श्रमिक मौजूद थीं, जिन्होंने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि बिना पैसों के घर चलाना असंभव हो गया है।
प्रशासन को अल्टीमेटम
प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि समय रहते यदि जिला प्रशासन और राज्य सरकार ने शहरी नरेगा श्रमिकों के खातों में बकाया राशि ट्रांसफर नहीं की, तो कांग्रेस पार्टी मजदूरों के साथ मिलकर सड़कों पर उतरेगी। अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभाग से रिपोर्ट तलब करने और जल्द निस्तारण का भरोसा दिलाया है।
