जिला अस्पताल में इंजेक्शन के बाद 10 बच्चों की तबीयत बिगड़ी, 2 रेफर, नर्सिंग कर्मी हटाए गए



बीकानेर, 30 अगस्त। बीकानेर के जस्सूसर गेट स्थित जिला अस्पताल में शुक्रवार देर रात एक बड़ी लापरवाही सामने आई। एंटीबायोटिक इंजेक्शन लगने के बाद 10 बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बच्चों को तेज कंपकंपी और बेचैनी होने लगी, जिसके बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया।
लापरवाही का आरोप और परिजनों का हंगामा
बच्चों की बिगड़ती हालत देख उनके परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। उनका आरोप है कि नर्सिंग कर्मियों ने सिफोटेक्सिम एंटीबायोटिक इंजेक्शन लगाने से पहले जरूरी ‘टेस्ट डोज’ नहीं लगाया, जो एक गंभीर लापरवाही है। पूरा इंजेक्शन सीधे देने से बच्चों को रिएक्शन हो गया।




इस घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल के अधीक्षक डॉ. सुनील हर्ष तुरंत मौके पर पहुंचे और उन्होंने शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण चतुर्वेदी को बुलाया। बच्चों को दूसरा इंजेक्शन देकर उनकी स्थिति को सामान्य किया गया, लेकिन दो बच्चों की हालत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें पीबीएम अस्पताल रेफर करना पड़ा। हालांकि, देर रात तक उनकी हालत भी स्थिर हो गई थी।


कांग्रेस नेता का घेराव और पुलिस की दखल
घटना के बाद कांग्रेस नेता अरुण व्यास मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों के साथ मिलकर अधीक्षक डॉ. सुनील हर्ष का घेराव किया। उन्होंने अस्पताल में दवाओं को लेकर भी आनाकानी करने का आरोप लगाया। तनाव को बढ़ता देख डॉ. हर्ष ने संबंधित नर्सिंग स्टाफ को हटाने और सख्त कार्रवाई करने का लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद ही हंगामा शांत हुआ। सूचना मिलने पर नयाशहर थाना पुलिस भी अस्पताल पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। यह घटना एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही और मरीजों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करती है।