बीकानेर के सरकारी समाचार


एमजीएसयू के नव-निर्मित भवनों में स्थापित किए गए महापुरुषों के चित्र एवं जीवनियां


महर्षियों और संत विभूतियों के आदर्शों से प्रेरित होंगे विद्यार्थी : आचार्य मनोज दीक्षित


बीकानेर, 8 जुलाई। महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू) परिसर में नव-निर्मित भवनों का नामकरण भारतीय ऋषि-मुनियों एवं संत विभूतियों के नाम पर किए जाने के क्रम में बुधवार को संबंधित भवनों में उनके चित्रों एवं जीवनियों की स्थापना का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं के न्यासीगण एवं प्रतिनिधियों ने भाग लेते हुए महान संतों एवं ऋषियों के जीवन-दर्शन, आध्यात्मिक चिंतन तथा समाज के प्रति उनके योगदान पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलगुरु आचार्य मनोज दीक्षित के मुख्य आतिथ्य में हुआ।
कुलगुरु आचार्य मनोज दीक्षित ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि विश्वविद्यालय केवल ज्ञान अर्जन का केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों एवं आध्यात्मिक परंपराओं के संरक्षण का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि भारतीय ऋषि-मुनियों एवं संतों के नाम पर भवनों का नामकरण तथा उनके जीवन-दर्शन को विद्यार्थियों के समक्ष प्रस्तुत करना विश्वविद्यालय की सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक दृष्टि का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों से इन महापुरुषों के आदर्शों को आत्मसात करते हुए समाज एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय परिसर में नव-निर्मित भवनों का लोकार्पण 7 जून 2026 को माननीय राज्यपाल, राजस्थान, केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री श्री अर्जुनराम मेघवाल तथा उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा द्वारा किया गया था। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म एवं ज्ञान परंपरा के महान विभूतियों के सम्मान में सेंट्रल फैसिलिटी फॉर रिसर्च का नाम आचार्य तुलसी भवन, एग्जामिनेशन सेंटर का नाम गुरु जम्भेश्वर भवन, सेंट्रल क्लासरूम (विज्ञान) का नाम मां करणी भवन, सेंट्रल क्लासरूम (कला) का नाम संत रामसुखदास भवन, एनआईईएलआईटी भवन का नाम संवित सदन, एकेडमिक-5 का नाम कपिल मुनि भवन, एकेडमिक-6 का नाम प्रचेता भवन तथा ध्वज वृत्त के समीप स्थित उद्यान का नाम अमृता देवी उद्यान रखा गया है।
कार्यक्रम के दौरान आचार्य तुलसी, मां करणी, कपिल मुनि, संत रामसुखदास जी महाराज तथा संत सोमगिरी जी महाराज के चित्रों एवं जीवन परिचय का अनावरण किया गया। कपिल मुनि ट्रस्ट की ओर से बनवारीलाल सेवग, करणी माता मंदिर न्यास की ओर से शंकरदान, आचार्य तुलसी के संबंध में सुरपत बोथरा तथा संत रामसुखदास जी महाराज की ओर से श्यामसुन्दर महाराज ने प्रेरणादायी उद्बोधन देते हुए भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। अंत में कुलसचिव श्री यशपाल आहूजा ने सभी अतिथियों एवं विभिन्न संस्थाओं से पधारे न्यासीगण का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर वित्त नियंत्रक देवेन्द्र सिंह राठौड़, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. प्रभुदान चारण सहित विश्वविद्यालय के कई अधिकारी, शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
—
एमजीएसयू में अधिष्ठाता एवं कुलानुशासक कार्यालय का शुभारंभ, विद्यार्थियों के लिए अभ्यागत केंद्र का लोकार्पण
कुलगुरु बोले— विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं और त्वरित समाधान उपलब्ध कराना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता
बीकानेर, 8 जुलाई। महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों एवं आगन्तुकों की सुविधाओं के विस्तार की दिशा में बुधवार को महत्वपूर्ण पहल करते हुए अधिष्ठाता छात्र कल्याण एवं कुलानुशासक कार्यालय का शुभारंभ तथा विश्वविद्यालय परिसर के मुख्य द्वार पर निर्मित अभ्यागत केंद्र का लोकार्पण कुलगुरु आचार्य मनोज दीक्षित द्वारा किया गया। विश्वविद्यालय परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार के समीप स्थापित अभ्यागत केंद्र में विद्यार्थियों एवं आगन्तुकों के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं विकसित की गई हैं। इस केंद्र के प्रारंभ होने से विश्वविद्यालय में आने वाले विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं अन्य आगन्तुकों को मुख्य द्वार पर ही पेयजल सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी, जिससे उन्हें अधिक सुविधा मिलेगी।
मीडिया प्रभारी उमेश शर्मा ने बताया कि कुलगुरु सचिवालय में अधिष्ठाता छात्र कल्याण एवं कुलानुशासक कार्यालय का भी शुभारंभ किया गया। इस कार्यालय के माध्यम से विश्वविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों की विभिन्न समस्याओं के त्वरित समाधान, मार्गदर्शन तथा छात्र कल्याण से संबंधित गतिविधियों का संचालन अधिक व्यवस्थित ढंग से किया जा सकेगा।
इस अवसर पर कुलगुरु आचार्य मनोज दीक्षित ने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि छात्र हितों से जुड़े कार्यों के प्रभावी संचालन तथा आगन्तुकों की सुविधा के लिए यह पहल विश्वविद्यालय की कार्यसंस्कृति को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी। इस गरिमामयी कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव यशपाल आहूजा, वित्त नियंत्रक देवेन्द्र सिंह राठौड़, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. प्रभुदान चारण, सह अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संतोष कंवर शेखावत, मुख्य कुलानुशासक डॉ. गौतम मेघवंशी, कुलानुशासक डॉ. अभिषेक वशिष्ठ सहित विश्वविद्यालय के अनेक अधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।
—
ग्रामीण सेवा शिविर में वर्षों पुरानी समस्या का हुआ समाधान, तीन परिवारों को मिला खाता विभाजन का लाभ
बीकानेर, 8 जुलाई। राजस्थान सरकार के ग्रामीण सेवा शिविर-2026 के तहत ग्राम पंचायत दुलचासर तहसील श्री डूंगरगढ़ में बुधवार को आयोजित शिविर ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत लेकर आया। इस शिविर के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षों से लंबित राजस्व मामलों का मौके पर ही निपटारा सुनिश्चित किया गया।
एसडीएम श्रीडूंगरगढ़ श्री शुभम शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि शिविर के दौरान तोलाराम, नत्थूराम एवं मालचंद तीनों भाइयों के खाता विभाजन के प्रकरणों का मौके पर ही त्वरित समाधान किया गया। लंबे समय से लंबित इस समस्या के निस्तारण से तीनों लाभार्थियों को अपने भूमि अधिकार स्पष्ट रूप से प्राप्त हुए तथा भविष्य में होने वाले पारिवारिक एवं राजस्व संबंधी विवादों की आशंका भी हमेशा के लिए समाप्त हो गई।
लाभार्थियों ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि पहले खाता विभाजन के जटिल कार्य के लिए उन्हें कई बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन राज्य सरकार के इस ग्रामीण सेवा शिविर में एक ही स्थान पर उनकी समस्या का समाधान हो गया। इससे उनके समय, धन और श्रम—तीनों की बचत हुई है तथा सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करना भी अब उनके लिए अधिक सरल हो जाएगा। लाभार्थी तोलाराम, नत्थूराम एवं मालचंद ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की जनहितकारी सोच और प्रशासन की त्वरित कार्यवाही से ग्रामीण अंचल के लोगों को बड़ी राहत मिल रही है।
—


