बीटीयू में वैश्विक तकनीकी मंथन में छठी अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आगाज़
बीटीयू में वैश्विक तकनीकी मंथन में छठी अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आगाज़



- 12 देशों के विशेषज्ञों के बीच नवाचार पर चर्चा
बीकानेर ,17 अप्रैल। बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय (BTU) में “एडवांसेस इन इन्फॉर्मेशन कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी एंड कंप्यूटिंग” विषय पर दो दिवसीय छठी अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का भव्य शुभारंभ हुआ। यह आयोजन वैश्विक शोध और स्थानीय समस्याओं के तकनीकी समाधान के बीच सेतु बनने का प्रयास है।


कड़ी चयन प्रक्रिया: 600 में से केवल 90 शोध-पत्रों को जगह
आयोजन के ऑर्गेनाइजिंग चेयर डॉ. विशाल गोड ने बताया कि इस कॉन्फ्रेंस के लिए इराक, घाना, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, कनाडा, और त्रिनिदाद एवं टोबैगो सहित 12 से अधिक देशों से 600 से अधिक शोध-पत्र प्राप्त हुए थे। अंतरराष्ट्रीय पीयर-रिव्यू प्रक्रिया के बाद केवल 90 उच्च-गुणवत्ता वाले शोध-पत्रों का चयन प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया, जो इस आयोजन की अकादमिक गंभीरता को दर्शाता है।


तकनीक का लक्ष्य: स्थानीय समाधान और सामाजिक लाभ
उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि, राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सुमंत व्यास ने कहा कि तकनीक तभी सार्थक है जब वह स्थानीय समस्याओं का समाधान करे। उन्होंने पशु विज्ञान, कृषि और ग्रामीण विकास में आधुनिक तकनीक के समावेश पर जोर दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बीटीयू के कुलगुरु प्रो. अखिल रंजन गर्ग ने स्पष्ट किया कि शोध का उद्देश्य केवल प्रकाशन नहीं, बल्कि समाज को प्रत्यक्ष लाभ पहुँचाना होना चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालयों से उद्योग और समाज की आवश्यकताओं को पूरा करने वाले अनुसंधान को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
भविष्य की तकनीक: AI और सिंगुलैरिटी पर फोकस
विशिष्ट अतिथि और जीआर फाउंडेशन के निदेशक डॉ. अमित जोशी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सिंगुलैरिटी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मानव और मशीन का समन्वय शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग में क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा। इराक की रेपानियन यूनिवर्सिटी की प्रो. पाईमन अहमद ने भी वैश्विक ज्ञान-विनिमय के महत्व को रेखांकित किया।
14 तकनीकी सत्रों में गहन मंथन
कॉन्फ्रेंस के जनरल चेयर डॉ. मनोज कुड़ी ने जानकारी दी कि दो दिनों में कुल 14 तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। पहले दिन 40 से अधिक शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए। सत्रों की अध्यक्षता डॉ. नोनिता शर्मा (दिल्ली), डॉ. झलक ठक्कर (गांधीनगर), डॉ. निरव मेहता (वडोदरा) और डॉ. संजय गौड़ (जोधपुर) जैसे विशेषज्ञों ने की। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. ममता शर्मा पारीक द्वारा किया गया।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगी गति
इस कॉन्फ्रेंस से बीकानेर क्षेत्र को डिजिटल सेवाओं, जल प्रबंधन और कृषि के क्षेत्र में नए तकनीकी समाधान मिलने की उम्मीद है। साथ ही, यह विद्यार्थियों के लिए स्टार्टअप संस्कृति और वैश्विक विशेषज्ञों से जुड़ने का एक बड़ा मंच साबित होगा।
