धोखाधड़ी से दुकान हड़पने का प्रयास, मामला दर्ज

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बीकानेर, 31 मई । बीकानेर केंद्रीय बस स्टैंड के सामने स्थित मिठाई की दुकान के संचालक परमेंद्र अग्रवाल ने बीछवाल थाने में फर्जी व कूटरचित दस्तावेजों के सहारे उसकी दुकान हड़पने का प्रयास करने का आरोप लगाया है।

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न्यायालय में पेश इस्तगासे में परमेंद्र अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि आरोपी रामकृष्ण आश्रम के पास, करणी नगर, निवासी इन्द्रसिंह ने अपने भांजे विक्रमसिंह पुत्र जेतसिंह के पक्ष में 10/- रूपये के स्टाम्प पर किरायानामा निष्पादित करवाया गया है, जो कि फर्जी है। इसपर दो स्थान पर प्रार्थी के पिता स्व. श्यामलाल के हस्ताक्षर किये गये है व उन हस्ताक्षरों के नीचे कोष्ठक में प्रार्थी के पिता स्व. श्यामलाल का नाम हिन्दी में लिखा गया है।

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परिवादी का कहना है कि यह हस्ताक्षर उसके पिता के नहीं है, क्योंकि प्रार्थी के पिता स्व. श्यामलाल ने अपने जीवनकाल में अभियुक्त इंद्र सिंह और विक्रमसिंह के पक्ष में कोई किरायानामा निष्पादित नहीं किया था, ना ही किरायानामा पर हस्ताक्षर ही किये थे व इन्द्रसिंह द्वारा प्रस्तुत तथाकथित किरायानामा पर जो प्रार्थी के पिता के हस्ताक्षर है वह फर्जी व कूटरचित है।

परमेंद्र अग्रवाल की ओर से पेश इस्तगासे में कहा गया है कि इन्द्रसिंह पुत्र सुगनसिंह निवासी पारेवड़ा सुजानगढ़ द्वारा प्रस्तुत तथाकथित किरायानामा पर जो प्रार्थी के पिता के हस्ताक्षर है वह फर्जी व कूटरचित है। इंद्र सिंह, विक्रम सिंह, शिवसिंह ने आपस में षडयंत्र कर छलपूर्वक प्रार्थी के पिता के नाम की किरायेशुदा दुकान को छलपूर्वक हड़प करने की गर्ज से एक फर्जी व कूटरचित किरायानामा तैयार किया व उस किरायानामा पर प्रार्थी के पिता स्व. श्यामलाल के फर्जी, बनावटी व कुटरचित हस्ताक्षर किये व इन कुटरचित हस्ताक्षरों के आधार पर इस किरायानामा को सही के रूप में प्रयोग किया गया व प्रार्थी की किरायेशुदा दुकान पर जबरदस्ती कब्जा कर उस पर अपना अधिकार साबित करने की आपराधिक मंशा से इस कुटरचित दस्तावेज को पुलिस के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

परमेंद्र का यह भी कहना है कि विक्रमसिंह द्वारा कभी भी प्रार्थी के पिता को कोई किराया अदा नहीं किया गया, ना ही प्रार्थी के पिता इस तथाकथित दुकान के कभी मालिक रहे है। प्रार्थी के पिता के जीवनकाल में प्रार्थी के पिता की हैसियत इस दुकान में किरायेदार की थी व उनकी मृत्यु के पश्चात् इस दुकान में प्रार्थी किरायेदार की हैसियत से काबिज है। बीछवाल पुलिस ने धारा 420, 467, 468, 471, 120 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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