बीकानेर जघन्य हत्याकांड: पूर्व किराएदार ने साथियों संग की बुजुर्ग दंपती की हत्या, 4 गिरफ्तार

बीकानेर जघन्य हत्याकांड
क्विक जेप्स विज्ञापन 13 oct 2026

इस घटना से बीकानेर में बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं 

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

बीकानेर , 18 जुलाई। बीकानेर के मुक्ताप्रसाद नगर में 6 दिन पहले हुए बुजुर्ग दंपती हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है. इस मामले में पूर्व किराएदार, उसकी कथित पत्नी, ससुर और साले सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है. हालांकि, हत्या को अंजाम देने वाले गाजियाबाद (यूपी) के दो मुख्य हमलावरों की तलाश जारी है. क्या हुआ था? मुक्ताप्रसाद नगर के मकान नंबर 4/13 में रहने वाले आर्मी से रिटायर्ड गोपाल वर्मा (67) और उनकी पत्नी निर्मला वर्मा (60) के शव 15 जुलाई (मंगलवार) को घर में सड़ी-गली हालत में मिले थे. पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने 13 जुलाई (रविवार) को ही चुन्नी से गला घोंटकर दंपती की हत्या कर दी थी. इसके बाद वे घर के मेन गेट पर ताला लगाकर फरार हो गए, जिससे पड़ोसियों को भी घटना की भनक नहीं लगी. दो दिन तक शव घर में पड़े रहे, जब बेटों ने फोन नहीं उठाया तो उन्होंने परिचितों को घर भेजा, तब दुर्गंध और सड़ी-गली हालत में शव मिले.

pop ronak
bhikharam chandmal advertisment change 24 oct 2026

कौन-कौन गिरफ्तार हुआ?
पुलिस ने इस मामले में नयाशहर क्षेत्र के धर्मनगर द्वार निवासी अरुण कुमार ओझा, गाजियाबाद निवासी रोहित बंसल, और प्रिया सिसोदिया को गिरफ्तार किया है. प्रारंभिक जांच के बाद अरुण ओझा को हिरासत में लिया गया था. इसके अलावा, बताया गया है कि मृतक दंपती के किराएदार रह चुके अरुण ओझा के ससुर कर्मवीर और साले प्रियांशु भी इस हत्याकांड में शामिल थे, जिनकी तलाश अभी जारी है. पुलिस कुछ और गिरफ्तारियों की भी आशंका जता रही है.

लूट के इरादे से हुई थी हत्या
एसपी कावेंद्र सिंह सागर ने बताया कि आरोपी अरुण ओझा और उसकी कथित पत्नी प्रियंका पहले मृतक दंपती के मकान में किराए पर रहते थे. उस दौरान प्रियंका के माता-पिता और भाई भी उनके साथ रहते थे. बाद में उन्होंने मकान खाली कर दिया, लेकिन अरुण ओझा के ससुर कर्मवीर और साले प्रियांशु ने मकान मालिक गोपाल वर्मा से संपर्क बनाए रखा. पुलिस के अनुसार, आरोपी कर्मवीर तंत्र-मंत्र की जानकारी रखता था और उसने इसी का झांसा देकर बुजुर्ग दंपती को अपने जाल में फंसाया. 13 जुलाई को जब दंपती घर में अकेले थे, रात करीब 10 बजे आरोपी उनके घर में घुसे और गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी. हत्या के बाद आरोपी घर से जेवरात और नकदी लूटकर फरार हो गए और जाते समय मुख्य गेट पर ताला लगा गए, ताकि किसी को घटना का पता न चल सके. घर का सामान भी बिखरा हुआ मिला था, जिससे लूट के इरादे की पुष्टि होती है.

जांच के लिए कई टीमें गठित
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) सौरभ तिवाड़ी ने बताया कि मामले की जांच में तेजी लाने के लिए पांच टीमें गठित की गई हैं. इनमें से तीन टीमों को बाहर के राज्यों में भेजा गया है:

  • एक टीम बिहार भेजी गई है, क्योंकि संदिग्धों से जुड़ी एक कड़ी वहां से मिली है.
  • लूट और हत्या के पुराने रिकॉर्ड से मेल खाने के कारण एक टीम पंजाब भेजी गई.
  • संभावित रिश्तेदारों की तलाश के लिए एक टीम उत्तर प्रदेश भेजी गई.
  • अन्य दो टीमें शहर में ही जांच में जुटी हुई हैं.

अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़
बुजुर्ग दंपती गोपाल वर्मा और निर्मला देवी के शवों का पोस्टमार्टम कर गुरुवार को परिजनों को सौंप दिया गया. दंपती का अंतिम संस्कार वैद्य मघाराम कॉलोनी स्थित श्मशान गृह में किया गया, जिसमें परिवार, समाज और पड़ोसियों की भारी भीड़ उमड़ी. मृतक दंपती घर में अकेले रहते थे; एक बेटा नोएडा में और दूसरा कनाडा में रहता है. मृतक के भाई राधाकिशन की ओर से मुक्ताप्रसाद नगर थाने में हत्या का मामला दर्ज करवाया गया है.

adv change on 24 oct 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *