नमि मुनि जी ने नव वर्ष के साधु जीवन में बनाया कीर्तिमान



बीकानेर, 29 अगस्त। तेरापंथ धर्मसंघ के मुनि श्री नमि कुमार ने अपने 9 साल के साधु जीवन में तपस्या के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उनके अग्रगणीय उग्रविहारी तपोमूर्ति मुनि श्री कमल कुमार ने उनके कठिन तप की सराहना की।
तपस्या और वैराग्य का सफर
मुनि श्री कमल कुमार ने बताया कि मुनि नमि कुमार को आचार्य श्री महाश्रमणजी ने गुवाहाटी चतुर्मास के दौरान दीक्षित किया था। दीक्षा के बाद ही उन्होंने पहले ही चतुर्मास में 27 दिन की तपस्या करके सभी को प्रभावित किया। उन्होंने मुनि श्री दिनेश कुमार जी के संरक्षण में साधु जीवन के संस्कार सीखे। सिलीगुड़ी मर्यादा महोत्सव के बाद आचार्य श्री महाश्रमणजी ने मुनि नमि कुमार जी को मुनिश्री कमल कुमार के साथ सहयोगी के रूप में नियुक्त किया। दोनों ने एक और सहयोगी सन्त के साथ मिलकर दार्जिलिंग, कालिमपोंग, सिलचर, जोरहाट जैसे पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लंबी-लंबी यात्राएं कीं।




नए कीर्तिमान
मुनिश्री नमि कुमार ने एक दिन में 58 किलोमीटर की यात्रा करके अपनी क्षमता का परिचय दिया। अपने 9 चतुर्मासों में उन्होंने गुवाहाटी, मुंबई, सूरत, बैंगलोर, इंदौर, सुनाम, दिल्ली और गंगाशहर जैसे स्थानों की यात्रा की। इस दौरान उन्होंने 40 दिनों की तपस्या की लंबी लड़ी बनाकर तेरापंथ धर्मसंघ में एक रिकॉर्ड बनाया।


मुनिश्री कमल कुमार ने बताया कि गंगाशहर में सिर्फ साढ़े सात महीने के प्रवास में उन्होंने 22, 23, 24, 39 और 40 दिनों की तपस्या करके सबको हैरान कर दिया। उन्होंने कहा कि यह सब आचार्य श्री महाश्रमणजी की कृपा से ही संभव हो पाया है।