राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय का श्रीडूंगरगढ़ सम्मेलन: शिक्षक समाज का शिल्पी

राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय का श्रीडूंगरगढ़ सम्मेलन: शिक्षक समाज का शिल्पी
क्विक जेप्स विज्ञापन 13 oct 2026

बीकानेर, 26 सितंबर। राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय का तहसील स्तरीय अधिवेशन श्रीडूंगरगढ़ में आयोजित हुआ, जहाँ वक्ताओं ने शिक्षक को समाज का शिल्पी और राष्ट्र निर्माण की नींव बताया। सम्मेलन में शिक्षकों के दायित्व, संस्कार और शिक्षा के सर्वांगीण विकास पर गहन चिंतन किया गया।
शिक्षक का गुरुतर दायित्व
मुख्य अतिथि ताराचंद सारस्वत ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक का कार्य केवल पाठ्य पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के निर्माण में भी उसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। शिक्षक समाज का शिल्पी है, जिसका गुरुतर दायित्व बालकों को संस्कारित करने और राष्ट्र के लिए समर्पित नागरिकों का निर्माण करना है।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण
विनायक कुमार (विभाग प्रचारक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) ने कहा कि शिक्षक के माध्यम से जैसे विचारों से बालक की पौध पोषित होगी, समाज भविष्य में वैसा ही फलदार वृक्ष प्राप्त करेगा। उन्होंने शिक्षकों से कुटुम्ब प्रबोधन, नागरिक कर्तव्य, स्वदेशी और सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर सकारात्मक सोच के साथ काम करने का आह्वान किया।

pop ronak
bhikharam chandmal advertisment change 24 oct 2026

पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. सत्यप्रकाश आचार्य ने कहा कि शिक्षक ही बालकों को गढ़ने का कार्य करता है, इसलिए उनका सम्मान होता है। शिक्षण कार्य को अपनाना ही सम्मान की बात है, क्योंकि शिक्षक राष्ट्र निर्माण में योगदान देकर सामान्य को बेहतर और बेहतर को बेहतरीन बनाने का सामर्थ्य रखते हैं।

शिक्षा का सर्वांगीण विकास
मुख्य वक्ता पूर्व विधायक बिहारीलाल विश्नोई ने कहा कि संस्कारों का विकास केवल शिक्षक ही कर सकता है, इसलिए शिक्षक को शिक्षण कार्य में ही व्यस्त रखना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल बौद्धिक विकास नहीं, बल्कि बालक का सर्वांगीण विकास करना है।
उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे अपने आचरण को अच्छा बनाए रखें, क्योंकि उनके व्यक्तित्व और कृतित्व से संगठन और समाज आगे बढ़ेगा, और साथ ही शिक्षकों की समस्याओं का समाधान भी हो सकेगा।

उपनिदेशक रमेश हर्ष और जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) किशन दान चारण ने कहा कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों की वर्तमान चुनौतियों, सरकारी नीतियों के प्रभाव पर मंथन करना है। उन्होंने नवाचारों के साथ कार्य करके राष्ट्र के विकास का मार्ग प्रशस्त करने की बात कही।

संगठनात्मक प्रयास
प्रदेश उपाध्यक्ष ओमप्रकाश विश्नोई ने कहा कि सम्मेलनों से आये प्रस्तावों पर सरकारी स्तर पर संवाद होने से शिक्षा के स्तर का विकास होगा। जिलाध्यक्ष मोहनलाल भादू ने टीम भावना के साथ कार्य करने और नए कार्यकर्ताओं के निर्माण के लिए सक्रियता से शिक्षकों के बीच प्रवास करने का आह्वान किया।

adv change on 24 oct 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *