बिजली बिलों में लगे रेगुलेटरी सरचार्ज ने उड़ाई कारोबारियों की नींदे

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  • मंथर गति से चल रहे उद्योगों पर रेगुलेटरी सरचार्ज कोढ़ में खाज के समान

बीकानेर , 8 दिसम्बर। जिला उद्योग संघ अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया एवं संयुक्त सचिव के के मेहता ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर को पत्र भिजवाकर नए टेरिफ में लगे रेगुलेटरी सरचार्ज को हटाने की मांग की | पत्र में बताया गया कि एक और ट्रम्प के टेरिफ के बाद प्रदेश के मेन्यूफेक्चर्स और निर्यातक चुनोती का सामना कर रहे हैं, साथ ही राज्य सरकार देश विदेश के निवेशकों को राजस्थान में निवेश के लिए आमंत्रित कर रही है और दूसरी और सरकार द्वारा ही बिजली की टैरिफ बढाकर उद्योगों की कमर तोड़ दी है | जिसका सीधा असर निर्यात पर ही नहीं घरेलू औद्योगिक इकाइयों पर भी पड़ रहा है | बढ़े हुए टेरिफ से औद्योगिक विकास की गति पर असर पड़ने के साथ साथ उत्पादन लागत पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा |

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उत्पादन लागत बढने से राजस्थान के उत्पाद घरेलू व वैश्विक बाजारों में अन्य राज्यों की तुलना में टिक भी नहीं पायेंगे | राजस्थान सरकार द्वारा उद्योगों पर रेगुलेटरी चार्ज जो पहले शून्य था उसे भी 1 रुपया प्रति यूनिट कर दिया गया है जिसके कारण बढ़े हुए बिजली के बिलों से कारोबारियों की नींद उड़ गई है क्योंकि वर्तमान में राजस्थान के उद्योग पहले से ही गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा और मध्यप्रदेश जैसे राज्यों से निवेश को लेकर प्रतिस्पर्द्धा कर रहा है | ऐसे में बिजली महंगी होने से निवेशक दूसरे राज्यों का रूख करेंगे |

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