बीकानेर में कैंसर जांच व अनुसंधान को नई दिशा दे रहा ‘डायमंड्स केंद्र’: अब NG-जीन अनुक्रमण मशीन की उठी मांग
बीकानेर में कैंसर जांच व अनुसंधान को नई दिशा दे रहा 'डायमंड्स केंद्र'


बीकानेर, 24 जुलाई । सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज, बीकानेर में आचार्य तुलसी कैंसर एवं रेचर्स सेन्टर स्थित डीएचआर-आईसीएमआर (DHR-ICMR) ‘डायमंड्स केंद्र’ कैंसर की आधुनिक जांच, आणविक (मॉलिक्यूलर) परीक्षण और अनुसंधान के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है। वर्ष 2024 में स्थापित इस अत्याधुनिक केंद्र की स्थापना में बीकानेर के सांसद तथा केंद्रीय कानून व न्याय मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल के विशेष प्रयासों और सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके प्रयासों से बीकानेर संभाग को कैंसर जांच के क्षेत्र में एक बड़ा तोहफा मिला है।


केंद्र की निरंतर प्रगति में सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. सुरेंद्र वर्मा के कुशल प्रबंधन व दूरदर्शी नेतृत्व का विशेष योगदान रहा है। आचार्य तुलसी कैंसर अस्पताल की निदेशक डॉ. नीती शर्मा, मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र कुमार बेनीवाल तथा केंद्र की प्रधान अनुसंधानकर्ता डॉ. सुनीता कुल्हरि के नेतृत्व में यहां उन्नत आणविक परीक्षण और शोध कार्य किए जा रहे हैं।


इसी कड़ी में 23 और 24 जुलाई को मुंबई के प्रतिष्ठित टाटा मेमोरियल अस्पताल के सहयोग से कैंसर जांच हेतु दो दिवसीय आरटी-पीसीआर (RT-PCR) व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इसमें देशभर से आए डॉक्टरों, वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों को कैंसर की आणविक जांच, लैब की कार्यप्रणाली और गुणवत्ता नियंत्रण का गहन प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान डॉ. विनय कुमार मेहरा, डॉ. चित्रलेखा सैनी, मोहम्मद फुरकान, गुनगुन जोशी, रोशन पंचारिया, रवि जनागल, डॉ. यशस्विनी, डॉ. अश्विनी और डॉ. कृष्ण डागला सहित कई विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्र की क्षमता को और बढ़ाने के लिए अब इसे ‘नेक्स्ट जनरेशन सीक्वेंसिंग’ (NGS) यानी अगली पीढ़ी की जीन अनुक्रमण मशीन से सुसज्जित करना समय की मुख्य मांग है। एनजीएस तकनीक से कैंसर से जुड़े सूक्ष्म जीन परिवर्तनों की सटीक पहचान संभव हो सकेगी, जिससे मरीजों को ‘टारगेटेड थेरेपी’ दी जा सकेगी। इससे राजस्थान और पड़ोसी राज्यों के कैंसर रोगियों को बड़े महानगरों में भटकना नहीं पड़ेगा और बीकानेर में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की जांच सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। डायमंड्स केंद्र बीकानेर को कैंसर अनुसंधान के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।


