‘राजस्थानी साहित्य में जाम्भाणी योगदान’ पर राष्ट्रीय संगोष्ठी 11 जनवरी को; ‘झीणी वाणी’ का होगा लोकार्पण

shreecreates
quicjZaps 15 sept 2025

बीकानेर, 9 जनवरी । राजस्थानी भाषा और साहित्य के समृद्ध संरक्षण की दिशा में आगामी 11 जनवरी 2026 को बीकानेर में एक महत्वपूर्ण बौद्धिक समागम होने जा रहा है। राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी तथा जाम्भाणी साहित्य अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में ‘राजस्थानी भाषा एवं साहित्य में जाम्भाणी साहित्य का योगदान’ विषयक एकदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इस गरिमामयी समारोह के दौरान जाम्भाणी साहित्य अकादमी की प्रतिष्ठित त्रैमासिक पत्रिका ’झीणी वाणी’ के नवीन अंक का लोकार्पण भी किया जाएगा।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

कार्यक्रम के संयोजक डॉ. हरिराम बिश्नोई और अकादमी सचिव शरद केवलिया ने संयुक्त रूप से बताया कि संगोष्ठी का आयोजन दोपहर 12 बजे जयनारायण व्यास कॉलोनी स्थित जाम्भाणी साहित्य अकादमी भवन में होगा। इस आयोजन के मुख्य अतिथि महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. मनोज दीक्षित होंगे, जबकि अध्यक्षता ’झीणी वाणी’ के संपादक डॉ. बनवारी लाल सहू करेंगे। संगोष्ठी में देश के प्रतिष्ठित विद्वान अपने विचार साझा करेंगे, जिनमें जोधपुर के डॉ. गजेसिंह राजपुरोहित (सारस्वत वक्ता), डॉ. प्रकाशदान चारण (विशिष्ट वक्ता) और पूर्व शोध अधिकारी डॉ. कृष्णलाल बिश्नोई (बीज वक्ता) शामिल हैं।

pop ronak

जाम्भाणी साहित्य अकादमी की अध्यक्षा डॉ. इंद्रा बिश्नोई और संरक्षक स्वामी कृष्णानंद आचार्य ने इस आयोजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संत जाम्भोजी का साहित्य न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि राजस्थानी भाषा की भाषाई और सांस्कृतिक विरासत के लिए भी अमूल्य निधि है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह राष्ट्रीय संगोष्ठी विशेष रूप से शोधार्थियों और युवा साहित्यकारों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगी, जिससे उन्हें राजस्थानी साहित्य की ऐतिहासिक जड़ों को समझने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम का संचालन और आभार प्रदर्शन विनोद जम्भदास और राजाराम धारणियां द्वारा किया जाएगा।

भीखाराम चान्दमल 15 अक्टूबर 2025
mmtc 2 oct 2025

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *