राजस्थान में मकर संक्रांति पर मातम, पतंगबाजी और मांझे ने ली 6 मासूम जिंदगियां, 140 से अधिक घायल

राजस्थान में मकर संक्रांति पर मातम,
mmtc 31 oct 2026
क्विक जेप्स विज्ञापन 13 oct 2026

जयपुर/बीकानेर, 15 जनवरी । राजस्थान में मकर संक्रांति का उल्लास उस वक्त मातम में बदल गया जब प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में पतंगबाजी से जुड़े हादसों में 6 लोगों की मौत हो गई। बुधवार (14 जनवरी) को मनाए गए मुख्य पर्व के दौरान जयपुर सहित कई जिलों में पतंगबाजी का जुनून जानलेवा साबित हुआ। सबसे अधिक 3 मौतें राजधानी जयपुर में दर्ज की गई हैं। इन हादसों में 140 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें से अधिकांश प्रतिबंधित चाइनीज मांझे का शिकार हुए हैं।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

चाइनीज मांझे का कहर: बच्चों की कटी सांस नली प्रतिबंधित मांझे ने मासूमों की जान लेने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जयपुर में मुंबई से त्योहार मनाने आए 6 वर्षीय मासूम धीर का गला चाइनीज मांझे से कट गया। अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण अस्पताल में उसकी मौत हो गई। वहीं, कोटा में भी एक 5 साल के बच्चे की सांस नली मांझे की चपेट में आने से कट गई, जिसने गुरुवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। प्रशासन की पाबंदी के बावजूद बाजार में बिक रहे इस घातक मांझे ने एक बार फिर सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

pop ronak
bhikharam chandmal advertisment change 24 oct 2026

पतंग लूटने के चक्कर में डिग्गी और नाले में गिरे बच्चे पतंगबाजी के साथ-साथ पतंग लूटने की होड़ भी जानलेवा साबित हुई। श्रीगंगानगर के घड़साना (2 एसटीआर गांव) में 8 वर्षीय नवीन पतंग लूटने के प्रयास में छत से सीधे पानी की डिग्गी में जा गिरा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसी तरह, जयपुर के मालवीय नगर में एक 26 वर्षीय युवक छत से गिर गया और खो-नागोरियान इलाके में एक 7 साल का बच्चा पतंग के पीछे भागते समय नाले में गिर गया। इन दोनों ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया।

प्रदेशभर में हादसों की खबरें, जयपुर में आतिशबाजी जयपुर में दिनभर चली पतंगबाजी के बाद शाम को आसमान आतिशबाजी से सराबोर रहा, लेकिन हादसों की खबरों ने उत्सव की चमक फीकी कर दी। उधर, भीलवाड़ा में पतंग लूटने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया, वहीं झालावाड़ में पतंगबाजी के दौरान हुए शोर से नाराज मधुमक्खियों ने लोगों पर हमला कर दिया। गुरुवार (15 जनवरी) को भी प्रदेश के कई हिस्सों में दूसरे दिन का पर्व मनाया जा रहा है, जिसे देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने लोगों से सावधानी बरतने और विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों को गले में मफलर या हेलमेट पहनने की अपील की है।

adv change on 24 oct 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *