बसंत पंचमी पर विद्या के महाकुंभ का आयोजन
मां सरस्वती


- 151 मंदिरों में होगा सरस्वती पूजन, सवा लाख अभिमंत्रित पाटी-पोथी का होगा वितरण
बीकानेर, 22 जनवरी। ज्ञान और कला की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती के पावन पर्व बसंत पंचमी (23 जनवरी) पर बीकानेर में श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। भारतीय संस्कृति एवं सनातन सार्वभौम महासभा तथा श्री विप्र महासभा के तत्वावधान में, पंडित योगेन्द्र कुमार दाधीच के 43वें वार्षिक पूजन अनुष्ठान के अंतर्गत शहर के 151 मंदिरों में एक साथ पूजन और भोग के विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।


नागरी भंडार और पब्लिक पार्क में मुख्य आयोजन
अनुष्ठान के मुख्य कार्यक्रम दो प्रमुख स्थानों पर आयोजित होंगे:


जुबली नागरी भंडार (स्टेशन रोड): प्रातः 9:00 बजे से पुजारी गोपाल गौतम के सान्निध्य में पूजन एवं श्रृंगार होगा।
पब्लिक पार्क सरस्वती मंदिर: प्रातः 11:00 बजे से पुजारी भवानी शंकर कौशिक द्वारा माता का विशेष अभिषेक किया जाएगा। इन आयोजनों में माता सरस्वती को सवा क्विंटल सात्विक भोग अर्पित किया जाएगा।
अभिमंत्रित पाटी-पोथी और त्रिवेणी जल का आशीर्वाद
इस वर्ष के अनुष्ठान की सबसे बड़ी विशेषता सवा लाख मंत्रों से अभिमंत्रित पाटी (स्लेट), पोथी, कलम (पेन) और सरस्वती माता की दिव्य तस्वीरों का वितरण है। आगामी शिक्षा सत्र में प्रवेश लेने वाले नौनिहाल बच्चों को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच त्रिवेणी गंगा जल मिश्रित कुमकुम का तिलक लगाकर और मौली का रक्षा सूत्र बांधकर ये शिक्षण सामग्री भेंट की जाएगी। पंडित योगेन्द्र कुमार दाधीच ने बताया कि इस सामग्री का पूजन निर्वाण पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद भारती जी महाराज के सान्निध्य में श्री धनीनाथ जी मठ में संपन्न किया जा चुका है।
गणमान्य जनों की गरिमामय उपस्थिति
सार्वजनिक पार्क में होने वाले अनुष्ठान में अग्नि अखाड़ा के स्वामी वसुन्दरानन्द महाराज, बार एसोसिएशन अध्यक्ष अजय कुमार, वरिष्ठ अधिवक्ता बच्छराज कोठारी, हरि प्रसाद सारस्वत, और राजकीय अधिवक्ता मदन लाल शर्मा सहित कई शिक्षाविद और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे। नागरी भंडार में नंद किशोर सोलंकी, डॉ. अशोक शर्मा और प्राचार्य पिंकी जोशी पूजन का हिस्सा बनेंगे।
विद्यालयों में भी जारी रहेगा वितरण
बसंत पंचमी से शुरू होने वाला यह वितरण अभियान केवल मंदिरों तक सीमित नहीं रहेगा। बसंत पंचमी के उपरांत निर्धारित मंदिरों और विभिन्न विद्यालयों में भी क्रमवार तरीके से बच्चों को अभिमंत्रित पाटी-पोथी और प्रसाद भेंट कर उनके सुयोग्य नागरिक बनने और उत्तरोत्तर प्रगति की मंगलकामना की जाएगी।
