5-डे बैंकिंग की मांग को लेकर सड़क पर उतरे बैंककर्मी, लगातार 4 दिन बंद रहेंगे बैंक
5-डे बैंकिंग की मांग को लेकर सड़क पर उतरे बैंककर्मी, लगातार 4 दिन बंद रहेंगे बैंक


- 27 जनवरी को देशव्यापी हड़ताल, लगातार 4 दिन बंद रहेंगे बैंक
जोधपुर, 23 जनवरी। सप्ताह में पांच कार्यदिवस (5-Day Banking) की अपनी वर्षों पुरानी मांग को लेकर बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। यूनाइटेड फॉर्म ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर गुरुवार को जोधपुर की सड़कों पर बैंककर्मियों ने विशाल रैली निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ अपना रोष प्रकट किया।


4 दिन के ‘महा-अवकाश’ से चरमराएगी बैंकिंग सेवाएं


आंदोलन के चलते आम जनता को बैंकिंग कार्यों में बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। संयोजक राजन गहलोत और हनुमान विश्नोई ने बताया कि कैलेंडर के अनुसार:
- 24 जनवरी: चौथा शनिवार (अवकाश) , 25 जनवरी: रविवार (अवकाश) ,26 जनवरी: गणतंत्र दिवस (राष्ट्रीय अवकाश) , 27 जनवरी: देशव्यापी हड़ताल (बैंक बंद)
इस प्रकार लगातार चार दिनों तक बैंक बंद रहेंगे। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि वे अपने जरूरी काम समय रहते निपटा लें या डिजिटल माध्यमों का उपयोग करें।
समझौते के बाद भी देरी से बढ़ा आक्रोश
रैली के दौरान बैंक नेताओं देवेंद्र धारू और श्रवण सोलंकी ने केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 8 मार्च 2024 को इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनियंस के बीच द्विपक्षीय समझौते (Bipartite Settlement) पर हस्ताक्षर हो चुके थे। इसमें ‘5-डे वीक’ के प्रावधान को स्वीकार किया गया था, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी सरकार इसे लागू करने के लिए अधिसूचना जारी नहीं कर रही है।
आशापूर्णा मॉल से जलजोग चौराहे तक गूंजे नारे
यह विरोध रैली एसबीआई आशापूर्णा मॉल से शुरू हुई, जो जलजोग चौराहा और जैन ट्रैवल्स होते हुए पुनः एसबीआई कार्यालय पर संपन्न हुई। रैली में बड़ी संख्या में विभिन्न सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारी शामिल हुए, जिन्होंने “हक हमारा, पांच दिन का कार्य सप्ताह” जैसे नारों के साथ अपनी आवाज बुलंद की। यूनियंस का कहना है कि यदि 27 जनवरी की हड़ताल के बाद भी सरकार नहीं जागी, तो आगामी दिनों में बेमियादी हड़ताल जैसा कठोर कदम उठाया जा सकता है।
