MGSU में बसंतोत्सव और पराक्रम दिवस की धूम: कुलगुरु प्रो. गर्ग बोले— “नेताजी के जीवन से संकट प्रबंधन सीखें युवा
MGSU में बसंतोत्सव और पराक्रम दिवस की धूम


बीकानेर, 23 जनवरी। महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय (MGSU) के अधिष्ठाता छात्र कल्याण विभाग द्वारा शुक्रवार को ‘बसंतोत्सव’ और ‘नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती’ (पराक्रम दिवस) का भव्य संयुक्त आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर देशभक्ति के तराने और ज्ञान की देवी मां सरस्वती की आराधना से सराबोर नजर आया।


विपरीत परिस्थितियों में फौज खड़ी करना ही असली प्रबंधन


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. अखिल रंजन गर्ग ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जीवन ‘संकट प्रबंधन’ (Crisis Management) का सबसे उत्कृष्ट उदाहरण है। प्रो. गर्ग ने कहा कि आज के दौर में युवाओं को उनसे सीखना चाहिए कि कैसे संसाधनों के अभाव और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने न केवल आजाद भारत का सपना देखा, बल्कि उसे हकीकत में बदलने के लिए अपनी एक पूरी फौज (आजाद हिंद फौज) खड़ी कर दी।
आधुनिक भारत और आत्मनिर्भरता के जनक थे बोस
इससे पूर्व, डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर डॉ. मेघना शर्मा ने स्वागत उद्बोधन में बसंती रंग को ऊर्जा, पवित्रता और विवेक का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि आज जिस ‘आत्मनिर्भर भारत’ की चर्चा वैश्विक स्तर पर हो रही है, उसका स्वप्न दशकों पहले नेताजी ने ही देखा था। उन्होंने बोस के वैचारिक योगदान को आधुनिक भारत की आधारशिला बताया।
MGSU परिसर में बनेगा ‘नेताजी उद्यान’
अध्यक्षीय वक्तव्य देते हुए कुलगुरु आचार्य मनोज दीक्षित ने इतिहास के पन्नों को पलटते हुए ब्रिटिश प्रधानमंत्री एटली के उस स्वीकारोक्ति का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने माना था कि भारत को आजादी देने के पीछे आजाद हिंद फौज का मुख्य दबाव था। उन्होंने नेताजी और गांधीजी के पत्रों के माध्यम से उनके आंतरिक संघर्ष और बलिदान को रेखांकित किया। इसी अवसर पर कुलगुरु ने घोषणा की कि विश्वविद्यालय परिसर में निकट भविष्य में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर एक समर्पित उद्यान स्थापित किया जाएगा।
आजाद हिंद फौज का प्रथम राष्ट्रगान गूंजा
सांस्कृतिक सत्र में पंडित राजेंद्र जोशी और उनकी टीम ने अपनी संगीतमयी प्रस्तुति से समां बांध दिया। विशेष आकर्षण तबले और सितार की जुगलबंदी पर आजाद हिंद फौज द्वारा गाया गया ‘प्रथम राष्ट्रगान’ रहा, जिसने श्रोताओं में जोश भर दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन और धन्यवाद ज्ञापन सह-अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. प्रभुदान चारण ने किया।
प्रमुख उपस्थित जन: इस गरिमामय आयोजन में वित्त नियंत्रक देवेंद्र सिंह राठौड़, प्रो. राजाराम चोयल, डॉ. ज्योति लखानी, डॉ. अनिल कुमार दुलार, डॉ. गौतम मेघवंशी, डॉ. धर्मेश हरवानी सहित बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
