177 वर्ष पुराने गोल मंदिर का भव्य प्रतिष्ठा महोत्सव 4 फरवरी से; गूंजेंगे खरतरगच्छाधिपति के प्रवचन
177 वर्ष पुराने गोल मंदिर का भव्य प्रतिष्ठा महोत्सव 4 फरवरी से


बीकानेर, 24 जनवरी। बीकानेर के गंगाशहर स्थित 177 वर्ष प्राचीन ऐतिहासिक श्री त्रिशिखरीय शिखरबद्ध जिनालय (गोल मंदिर) के जीर्णोद्धार के पश्चात अब वहाँ नव-निर्मित श्री सांवलिया पार्श्वनाथ भगवान मंदिर का पंच-दिवसीय अंजनशलाका एवं प्रतिष्ठा महोत्सव आगामी 4 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। खरतरगच्छाधिपति श्री जिनमणिप्रभ सूरिश्वरजी महाराज की पावन निश्रा में आयोजित इस महोत्सव को लेकर जैन समाज में अपार उत्साह है।


3 फरवरी: नगर प्रवेश और नाकोड़ा भैरव की प्रतिष्ठा


महोत्सव का आगाज 3 फरवरी को सूरिश्वरजी महाराज के भव्य नगर प्रवेश के साथ होगा। इसी दिन वे रांगड़ी चौक (बोहरों की सेहरी) स्थित भगवान महावीर स्वामी मंदिर में नाकोड़ा भैरव की प्रतिमा की प्रतिष्ठा करवाएंगे। इस धार्मिक अनुष्ठान में श्री चिंतामणि जैन मंदिर प्रन्यास सहित शांति लाल मुकीम खजांची परिवार का विशेष सहयोग रहेगा।
महोत्सव की रूपरेखा: 4 से 8 फरवरी तक के मुख्य आकर्षण
भगवान श्री पार्श्वनाथ मंदिर जीर्णोद्धार ट्रस्ट के अध्यक्ष धनपत सिंह बांठिया ने विस्तृत कार्यक्रम की जानकारी दी:
- 4 फरवरी (प्रथम दिन): महोत्सव स्थल ‘वाराणसी नगर’ का उद्घाटन, वेदिका पूजन और कुंभ स्थापना होगी। शाम को च्यवन कल्याणक विधान और भव्य स्टेज कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
- 5 फरवरी (द्वितीय दिन): भगवान के जन्म कल्याणक की खुशियाँ मनाई जाएंगी। मेरू पर्वत पर 250 अभिषेक और पार्श्वनाथ पंच कल्याणक पूजा होगी।
- 6 फरवरी (तृतीय दिन): जिनालय में 18 अभिषेक, ध्वजदंड और कलशादि अभिषेक होंगे। परमात्मा के विवाह और राज्याभिषेक के प्रसंग जीवंत किए जाएंगे।
- 7 फरवरी (चतुर्थ दिन): सुबह बांठिया चौक से भव्य रथ-शोभायात्रा (वरघोड़ा) निकलेगी। मध्य रात्रि के शुभ मुहूर्त में अति-महत्वपूर्ण अंजन विधान संपन्न होगा।
- 8 फरवरी (पंचम दिन): मंगल मुहूर्त में महा मंगलकारी प्रतिमाओं की प्रतिष्ठा होगी। दोपहर में अष्टोत्तरी शांति स्नात्र महापूजन और शाही करबा आयोजित होगा।
सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संगम
महोत्सव के दौरान मुंबई के विधिकारक हेमंत भाई और संगीतकार नरेंद्र भाई वाणीगोता प्रतिदिन भक्ति संध्या की प्रस्तुतियां देंगे। गंगाशहर के विद्या निकेतन (कुशल कांति नगर) में साधार्मिक भक्ति और तेरापंथ भवन में स्टेज कार्यक्रम होंगे। मंदिर के भव्य प्रवेश द्वार का उद्घाटन 9 फरवरी को होगा, जिसके बाद सतरभेदी पूजा का आयोजन किया जाएगा।
