मंत्रालयिक कर्मचारियों की डीपीसी में देरी पर प्रदेशाध्यक्ष आचार्य ने जताई चिंता, शिक्षा निदेशक ने दिया जल्द समाधान का भरोसा
मंत्रालयिक कर्मचारियों की डीपीसी में देरी पर प्रदेशाध्यक्ष आचार्य ने जताई चिंता


बीकानेर, 26 जनवरी। गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर शिक्षा निदेशालय में आयोजित ध्वजारोहण समारोह के पश्चात शिक्षा विभागीय कर्मचारी संघ राजस्थान (बीकानेर) के प्रदेशाध्यक्ष कमल नारायण आचार्य ने शिक्षा निदेशक शैलेंद्र देवड़ा से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान आचार्य ने मंत्रालयिक संवर्ग की रिव्यू एवं नियमित डीपीसी (विभागीय पदोन्नति समिति) में हो रहे विलंब और इससे कर्मचारियों को हो रहे आर्थिक नुकसान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।


मार्गदर्शन और पदों की स्वीकृति में अटका मामला
प्रदेशाध्यक्ष कमल नारायण आचार्य ने निदेशक को अवगत कराया कि निदेशालय द्वारा राज्य सरकार को नवंबर और दिसंबर 2025 में पत्र भेजकर रिव्यू एवं नियमित डीपीसी के संबंध में मार्गदर्शन मांगा गया था। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक कोई दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। साथ ही, कैडर रिव्यू के पदों की वांछित स्वीकृति भी लंबे समय से लंबित चल रही है। आचार्य ने आग्रह किया कि निदेशालय व्यक्तिगत रुचि लेकर सरकार से मार्गदर्शन प्राप्त करे ताकि कर्मचारियों की पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त हो सके।


राज्यस्तरीय मिश्रित सूची जारी करने की मांग
वार्ता के दौरान आचार्य ने निदेशालय स्तर पर होने वाली अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी (AAO) की डीपीसी में हो रहे विलंब पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि सहायक प्रशासनिक अधिकारियों की राज्यस्तरीय मिश्रित सूची अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है, जिसके कारण पदोन्नति की प्रक्रिया रुकी हुई है। उन्होंने इस सूची को अविलंब जारी करने की मांग की ताकि प्रशासनिक ढांचे में शुचिता और गतिशीलता आए।
निदेशक का आश्वासन: जल्द होगी डीपीसी
शिक्षा निदेशक शैलेंद्र देवड़ा ने संघ की मांगों को गंभीरता से सुना और सकारात्मक रुख अपनाते हुए आश्वासन दिया कि मंत्रालयिक कर्मचारियों की इन समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि विभागीय स्तर पर प्रक्रियाओं को तेज कर जल्द ही रिव्यू एवं नियमित डीपीसी संपन्न करवाई जाएगी, ताकि पात्र कार्मिकों को उनका हक मिल सके।
