बीकानेर के 9 सरकारी समाचार
बीकानेर के 11 सरकारी समाचार


पीएमश्री राजकीय सादुल उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित हुए विभिन्न कार्यक्रम


बीकानेर, 6 फरवरी। पीएमश्री राजकीय सादुल उच्च माध्यमिक विद्यालय में शुक्रवार को पीएमश्री योजना के तहत वार्षिक उत्सव, खेल दिवस और भामाशाह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संभागीय आयुक्त श्री विश्राम मीणा और विशिष्ट अतिथि अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी श्री शिव शंकर चौधरी थे।
श्री विश्राम मीणा ने कहा कि कार्यक्रम की सराहना की और कहा कि यह विद्यार्थियों को अच्छा प्लेटफॉर्म देगा। उन्होंने कहा कि डेढ़ सौ वर्ष पुराने विद्यालय की अपनी विशेष प्रतिष्ठा है। शिक्षकों को इसे बरकरार रखने की जरूरत है। उन्होंने विद्यार्थियों से सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। विद्यालय की स्वच्छता और हरियाली की प्रशंसा की।
अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी श्री शिव शंकर चौधरी ने कहा कि विद्यालय ने पीएमश्री गतिविधियों के तहत जिले में सबसे उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।विद्यालय के विद्यार्थियों का शैक्षणिक और सह शैक्षणिक प्रदर्शन सराहनीय है। खेल और अन्य प्रतियोगिताओं में विद्यालय के छात्र- छात्रा राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन कर रहे हैं।
पीएमश्री गतिविधियों को देखने तेलंगाना से राजस्थान आए शिक्षकों ने विद्यालय के कार्यक्रमों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि राजस्थान में पीएमश्री गतिविधियों में इस विद्यालय की गतिविधियाँ अव्वल दर्जे की हैं।
कार्यक्रम में विद्यालय के भामाशाहों का सम्मान किया गया। विद्यालय की प्रतिभाओं का सम्मान किया गया। पूर्व छात्र-छात्राओं नें भी कार्यक्रम में भाग लिया। विद्यालय में खेल दिवस पर कई खेलों का आयोजन किया गया और इसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ अध्यापक सुभाष जोशी ने किया। संयोजन हिमानी शर्मा, कीर्ति बंसल, ममता पालीवाल, महेंद्र मोहता, डॉ. चंद्रभान, विक्रम जोशी ने किया। प्रधानाचार्य सुशीला जयपाल ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
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कृषि यंत्र योजना: मुनीराम और सीताराम के लिए राहत लाया ग्राम उत्थान शिविर


मल्टी क्रॉप थ्रेसर पर मिली 2 लाख पच्चीस हजार रुपए की सब्सिडी, मुख्यमंत्री का जताया आभार
बीकानेर, 6 फरवरी। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल पर आयोजित किए जा रहे ग्राम उत्थान शिविरों में ग्रामीणों को राहतभरी खुशियां मिल रही हैं।
कृषि सहित विभिन्न योजनाओं का हाथोंहाथ लाभ पा किसान प्रसन्नचित हैं।
श्रीडूंगरगढ़ के गिरदावर सर्किल आडसर में शुक्रवार को आयोजित ग्राम उत्थान शिविर में भी ऐसा दृश्य देखने को मिला, जब शिविर में आए प्रगतिशील किसान मुनीराम मेघवाल और सीताराम मेघवाल को कृषि यंत्र पर प्राप्त अनुदान प्राप्त होने पर उनके चेहरे पर संतोष का भाव दिखा।
मुनीराम व सीताराम को राज्य सरकार की ‘कृषि यंत्र योजना’ के तहत मल्टी क्रॉप थ्रेसर पर 2.25-2.25 लाख रुपए के अनुदान की राशि मिली। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा एवं राज्य सरकार को धन्यवाद दिया।
मुनीराम व सीताराम ने कृषि विभाग के अधिकारियों के माध्यम से कृषि यंत्र योजना के तहत मल्टी क्राप थ्रेसर सब्सिडी के लिए ऑनलाइन आवेदन किया। आवेदन करने के बाद उनके खातेदारी के खेत व ट्रेक्टर का प्री-वेरिफिकेशन हुआ और कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत अनुदान की प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी गई।
प्रशासनिक स्वीकृति के बाद दोनों ने पंजीकृत अनुबंधित कृषि यंत्र विक्रेता से मल्टी क्राप थ्रेसर खरीद की। विभागीय अधिकारियों द्वारा सत्यापन पश्चात वित्तीय स्वीकृति के आदेश जारी हुए और उन्हें सब्सिडी राशि मिली।
सहायक निदेशक (उद्यान) मुकेश गहलोत ने बताया कि उन्नत कषि यंत्रों के उपयोग से समय व श्रम की बचत होती है। कृषि यंत्र खरीदने पर सामान्य कृषकों को मूल्य का अधिकतम 40 प्रतिशत तक अनुदान देय है। वहीं लघु, सीमांत, महिला, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के किसानों को मूल्य का 50% तक अनुदान देय है।
ग्राम उत्थान शिविर में सहायक कृषि अधिकारी श्रीराम जाखड, कृषि पर्यवेक्षक अरविंद माली व बनवारी लाल सैनी सहित प्रगतिशील किसान मौजूद रहे।
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खेतों की तारबंदी के बाद फसलें हुई सुरक्षित ,किसान ओमप्रकाश को मिली 40 हजार रुपए की सब्सिडी
बीकानेर, 6 फरवरी। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल पर गिरदावर सर्कल्स पर ग्राम उत्थान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। यह ग्रामीणों के लिए लाभदायक साबित हो रहे हैं। विभिन्न योजनाओं की जानकारी के साथ इनका लाभ पाकर किसान खुश हैं।
श्रीडूंगरगढ़ पंचायत समिति की ग्राम पंचायत आडसर में शुक्रवार वार को आयोजित ग्राम उत्थान शिविर में किसान ओमप्रकाश सोनी के चेहरे पर खुशी थी। यह खुशी जायज भी थी, क्योंकि ओमप्रकाश को राज्य सरकार की तारबंदी योजना के तहत अपने खेतों के चारों ओर तारबंदी करने पर 40 हजार रुपए के अनुदान की राशि मिली।
तारबंदी योजना में अनुदान के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा एवं राज्य सरकार को धन्यवाद दिया। ओमप्रकाश को पहले फसल को आवारा जानवरों से बचाने के लिए रातभर जागकर खेतों की सुरक्षा करनी पड़ती थी या खुद के पैसे खर्च कर रखवाली करवानी पड़ती थी।
ओमप्रकाश ने कृषि विभाग के अधिकारियों के माध्यम से तारबंदी योजना के तहत सब्सिडी के लिए ऑनलाइन आवेदन किया। आवेदन करने के बाद उनके खातेदारी के खेतों के खसरा नंबर का प्री-वेरिफिकेशन हुआ और तारबंदी योजना के तहत अनुदान की प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी गई।
प्रशासनिक स्वीकृति के बाद दोनों ने अपने खातेदारी के खेतों के चारों ओर तारबंदी का कार्य करवाया। तारबंदी का कार्य पूरा होने के बाद वित्तीय स्वीकृति के आदेश जारी हुए और उन्हें सब्सिडी राशि मिली।
खेत की तारबंदी होने के बाद ओमप्रकाश को अब आवारा पशुओं द्वारा फसल नष्ट किए जाने और खेतों की रखवाली की चिंता नहीं करनी पड़ती उनकी फसल सुरक्षित हो गई है।
सहायक निदेशक (उद्यान) मुकेश गहलोत ने बताया कि तारबंदी योजना के तहत किसानों का लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 40 हजार रुपए तथा लघु व सीमांत किसानों को 48 हजार रुपए अनुदान देय है।
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राज्य स्तरीय पशु मेला शुक्रवार से लूणकरणसर में, विभिन्न गतिविधियों का होगा आयोजनबीकानेर, 6 फरवरी। जिला प्रशासन तथा पशुपालन विभाग के संयुक्त तत्वावधान् में राज्य स्तरीय पशु मेला 7 से 12 फरवरी तक लूणकरणसर में कालू रोड पर आयोजित किया जाएगा।
पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डाॅ. बिरमाराम ने बताया कि मेले की सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। मेले में पशु प्रदर्शनी का आयोजन होगा। साथ ही पशुओं से जुड़ी विभिन्न प्रतियोगिताएं भी होंगी तथा विजेता पशुपालकों को पुरस्कार दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि मेले के दौरान मनोरंजन के विभिन्न कार्यक्रम हांेगे। सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित होंगी। इस दौरान पशुपालन विभाग की गतिविधियों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। विशेषज्ञों के व्याख्यान होंगे। मेले का उद्घाटन प्रातः 11 बजे होंगे। उपखण्ड अधिकारी दयानंद रुयल को मेला अधिकारी तथा डाॅ. चौधरी को सचिव नियुक्त किया गया है। उपनिदेशक डाॅ. राजेन्द्र स्वामी मेला अधिकारी होंगे। मेले में राजस्थान के विभिन्न जिलों के साथ अन्य प्रदेशों से भी पशुओं के आने की संभावना है।ग्रामीण हाट में शुरू हुआ राजसखी मेला, देश भर के स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने लगाए सौ स्टॉल्सविधायक जेठानंद व्यास ने किया शुभारंभ, कहा-अधिक से अधिक महिलाएं निभाएं भागीदारी
केंद्र और राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण की दिशा में कर रही ऐतिहासिक कार्य: विधायक
श्याम पंचारिया सहित अनेक गणमान्य लोग रहे मौजूद
बीकानेर, 5 फरवरी। जिला प्रशासन तथा राजीविका के संयुक्त तत्वावधान में सात दिवसीय राजसखी बीकाणा मेला गुरुवार को जय नारायण व्यास कॉलोनी स्थित ग्रामीण हाट में शुरू हुआ।
उद्घाटन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बीकानेर (पश्चिम) विधायक श्री जेठानंद व्यास थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण की दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रही है। महिलाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में यह प्रयास मील के पत्थर साबित होंगे। उन्होंने कहा कि राजसखी मेले में देश के विभिन्न क्षेत्रों से 100 से अधिक महिला स्वयं सहायता समूह भागीदारी निभा रहे हैं। ये अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन तथा उत्पादों का विक्रय करेंगे। उन्होंने कहा कि सात दिवसीय मेले में अधिक से अधिक संख्या में महिलाओं की भागीदारी के सामूहिक प्रयास किए जाएं।
विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए श्याम पंचारिया ने कहा कि ऐसे अवसर महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। आर्थिक संबल से महिलाएं और अधिक सशक्त होती हैं। जो कि समाज और देश को समृद्ध करने की राह खोलता है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं किसी से कम नहीं हैं। उन्हें आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर देने की जरूरत है।
जिला परिषद की अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रियंका तिलानिया ने कहा कि राजीविका द्वारा महिलाओं को आगे बढ़ाने के सतत प्रयास किया जा रहे हैं। राजसखी मेले का यह अवसर महिला सशक्तिकरण के दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। राजीविका के डीपीएम दिनेश कुमार मिश्रा ने बताया कि राज सखी मेला 11 फरवरी तक आयोजित होगा। इसमें महिलाओं द्वारा हस्तनिर्मित उत्पाद, विभिन्न मूल्य संवर्धित खाद्य सामग्री, कोटा डोरिया साड़ियां, अगरबत्ती, अचार, मिट्टी के बर्तन सहित अनेक उत्पाद विक्रय के लिए रखे गए हैं। उन्होंने फूड कोर्ट और पादुका कॉर्नर के बारे में बताया और कहा कि मेले के दौरान नियमित रूप से सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित होंगी।
इस दौरान डीआईजी स्टांप मनीषा लेघा, जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक डॉ. हरिशंकर आचार्य, राजीविका के जिला प्रबंधक मणिशंकर हर्ष, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के आईईसी समन्वयक मालकोश आचार्य, कामिनी भोजक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन गोपाल जोशी ने किया। इससे पहले विधायक तथा अन्य अतिथियों ने फीता काटकर तथा दीप प्रज्वलित कर मेले का शुभारंभ किया। विधायक ने समस्त स्टॉल्स का अवलोकन करते हुए विभिन्न मूल्य संवर्धित खाद्य सामग्रियों तथा मिट्टी के बर्तन खरीदे।
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राज्य के कल्पवृक्ष खेजड़ी को बचाने के लिए कानून लाएंगे, ताकि प्रदेश में खेजड़ी संरक्षित रहे – श्री भजन लाल, मुख्यमंत्री, राजस्थान
राज्यपाल के अभिभाषण पर विधानसभा में बोले मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा
जयपुर/ बीकानेर, 05 फरवरी। राज्य के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर बोलते हुए विधानसभा में कहा कि मैं सदन के जरिए राजस्थान की जनता को यह अवगत कराना चाहता हूं कि राज्य के कल्पवृक्ष खेजड़ी बचाने के लिए कानून लाएंगे। जिससे प्रदेश में खेजड़ी संरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि खेजड़ी राजस्थान का कल्पवृक्ष भी है और राजस्थान की पहचान भी। जिसकी बढ़ते हुए रेगिस्तान को रोकने में सार्थक भूमिका रही है। खेजड़ी की महत्ता को देखते हुए राज्य सरकार ने उसे राज्य वृक्ष घोषित कर रखा है। इसलिए घोषित राज्य वृक्ष को बचाने के लिए हमें दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सामूहिक प्रयास करना होगा।
पर्यावरण प्रेमी संत मुझसे मिले, तभी कानून बनाने के दे दिए थे निर्देश
उन्होंने कहा कि कुछ विषय दलगत राजनीति से ऊपर उठकर विचार करने के होते हैं। माननीय नेता प्रतिपक्ष ने खेजड़ी का विषय उठाया था। साथ ही मैं यहां यह भी कहना उचित समझता हूं कि माह अगस्त 2025 में पर्यावरण प्रेमी संत मुझसे मिले थे। सभी पर्यावरण प्रेमी संत बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, फलौदी, नागौर इत्यादि जिलों के संत मिलने आए थे। मैंने उसी समय खेजड़ी संरक्षण हेतु कानून बनाने के निर्देश दे दिए थे। प्रक्रिया पूरी होते ही हम सदन में इसका मसौदा प्रस्तुत करेंगे।
हमें पर्यावरण और कल्पवृक्ष दोनों की चिंता करनी है
उन्होंने कहा कि आज दुनिया बिगड़े हुए पर्यावरण से चिंतित हैं। कई विश्व स्तरीय सम्मेलन भी हो चुके हैं जिसमें हमारे देश ने भी हिस्सा लिया।हमें बिगड़ते हुए पर्यावरण की चिंता भी करनी है और राजस्थान के कल्पवृक्ष की चिंता भी करनी है। ऊर्जा के बिना हम विकास की कल्पना भी नहीं कर सकते लेकिन विकास और विरासत दोनों को संजोने का कार्य हमें मिलकर करना है।
दो वर्षों में लगाए करीब 20 करोड़ पौधे
मुख्यमंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने एक पेड़ मां के नाम अभियान शुरू किया। उनकी प्रेरणा से राजस्थान सरकार ने भी एक पेड़ मां के नाम महाअभियान चलाया। दो वर्षों में करीब 20 करोड़ पौधे लगाए। पांच वर्षों में 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया। हम वे लोग हैं जो प्रकृति को मां मानकर पूजते हैं। हमारी संस्कृति हजारों वर्षों की है। हम नदियों को भी पूजते हैं।
देश में उत्पादित सौर ऊर्जा का 27 फीसदी हिस्सा राजस्थान का
मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि देश में उत्पादित सौर ऊर्जा का 27 फीसदी हिस्सा राजस्थान का है। इसमें राज्य सरकार के द्वारा दो एमओयू भारत सरकार के उपक्रम के साथ किए हैं। कोयले आधारित ऊर्जा संयंत्रों के स्थान पर वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत जैसे
