बीकानेर के 11 सरकारी समाचार
बीकानेर के 11 सरकारी समाचार


- कृषि एवं कृषि कल्याण के साथ बच्चों को शिक्षा का बेहतर वातावरण और मरीजों को गुणवत्तायुक्त चिकित्सा सुविधा मुहैया करवाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताः श्री गोदारा
- लूणकरणसर क्षेत्र के दौरे पर रहे खाद्य मंत्री, अनेक विकास कार्यों का किया लोकार्पण-शिलान्यास
बीकानेर, 9 फरवरी। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री सुमित गोदारा ने सोमवार को लूणकरणसर विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास किया।


इस दौरान गोदारा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार कृषि और कृषक कल्याण के लिए संकल्पबद्धता से कार्य कर रही है। किसानों को कृषि, पशुपालन सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी और लाभ देने के लिए 23 जनवरी से 9 फरवरी तक ‘ग्राम उत्थान शिविर’ आयोजित हुए। इन शिविरों में लाखों किसानों को राहत मिली। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए निर्बाध विद्युत आपूर्ति भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। लूणकरणसर विधानसभा क्षेत्र में इस और भी विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि पहली बार बीस जीएसएस बन रहे हैं। अनेक जीएसएस पर दो-तीन तक अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं। इससे किसानों को चौबीस घंटे बिजली मिलने लगी है। किसानों को गर्मी, सर्दी और प्रतिकूल मौसम अथवा रात के समय काम करने की मुसीबत से छुटकारा मिलने लगा है। उन्होंने कहा कि किसान हमारे अन्नदाता है। उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, सरकार इसके प्रति पूर्ण गंभीर है।


सुई में 33/11 केवी जीएसएस पर 5 एमवीए के तीसरे अतिरिक्त ट्रांसफार्मर के लोकार्पण के दौरान उन्होंने कहा कि पिछले सवा दो साल में ग्रामीण क्षेत्रों में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। पहली बार गांव-गांव विकास कार्य हो रहे हैं। उच्च स्तर पर इनकी नियमित माॅनिटरिंग भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस सरकार ने प्रत्येक बजट में जिले और लूणकरणसर को अनेक सौगातें दी हैं। इस बार भी क्षेत्र के लिए कई घोषणाएं होंगी, जिनका स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उन्होंने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में 45 लाख रुपए की लागत से बनने वाले चार कक्षों तथा राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 15 लाख रुपए की लागत से बनने वाले चिकित्सा आवास का शिलान्यास भी किया।
खाद्य मंत्री ने कहा कि सभी निर्माण कार्य समय पर हों तथा गुणवत्ता के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए। उन्होंने संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को इनकी नियमित माॅनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार विद्यालयों और चिकित्सालयों मेें आधारभूत सुविधाओं के साथ अत्याधुनिक सुविधाएं भी मुहैया करवा रही है। बच्चों को शिक्षा का बेहतर वातावरण मिले तथा मरीजों को इलाज के लिए परेशान नहीं होना पड़े, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
गोदारा ने जैतपुर में 33/11 जीएसएस सेकंड में 3.15 केवीए के अतिरिक्त ट्रांसफार्मर तथा पुलिस स्टेशन बाउंड्री में विधायक निधि से हुए 4.95 लाख राशि के विकास कार्यों का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार केन्द्र और राज्य मद से क्षेत्र का विकास कर रही है। वहीं विधायक निधि का शत-प्रतिशत उपयोग जनाकांक्षा और आवश्यकता के अनुसार प्राथमिकता से हो रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने नोहड़ा चक में 33/11 जीएसएस तथा ट्यूबवेल का लोकार्पण किया।
गोदारा ने शेरपुरा में 46.50 लाख रुपए की लागत से बनने वाले पशु चिकित्सालय का शिलान्यास तथा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में 7 लाख की विधायक निधि से तैयार वॉलीबॉल और कबड्डी मेट का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि कृषि और पशुपालन एक-दूसरे के पूरक हैं। पशुपालकों के लिए भी सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है। पहली बार लूणकरणसर में राज्य स्तरीय पशु मेला आयोजित किया जा रहा है। पशुपालक अधिक से अधिक संख्या में इसमें भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दूरगामी सोच के कारण प्रदेश में खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण बना है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को सरकार लगातार प्रोत्साहित कर रही है।
गोदारा ने महाजन में 11 लाख की विधायक निधि से खेल मैदान में बनाए गए रनिंग ट्रेक तथा 5 लाख की राशि से बनाई गई चार दिवारी तथा कपूरीसर में 7 लाख रुपए की लागत से बने अंबेडकर भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को किसी ना किसी खेल से जोड़ें। यह उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि कपूरीसर में बना अम्बेडकर भवन ग्रामीणों के लिए लाभदायक सिद्ध होगा। श्री गोदारा ने कहा कि डाॅ. भीमराव अम्बेडकर ने सदैव शिक्षा को बढ़ावा देने का संदेश दिया। हमें चाहिए कि हम बच्चों को शिक्षा के अधिक से अधिक अवसर दें।
इस दौरान कानाराम गोदारा, कैलाश सारस्वत, सावन पुरोहित, राजू दास स्वामी, राहुल पारीक, राजा राम झोरड़, अमराराम सियाग, नेतराम गोदारा श्रीमती मीरा देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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ओलंपिक सावा: सजावट के नीचे और आसपास ना करें आतिशबाजी
बीकानेर, 9 फरवरी। पुष्करणा समाज के ओलंपिक सावे के अवसर पर नगर निगम द्वारा शहरी परकोटा क्षेत्र में सजावट, लाइटिंग, सफाई और लाइनिंग आदि कार्य किए जा रहे हैं। इसके मद्देनजर नगर निगम उपायुक्त यशपाल आहूजा ने शहर वासियों से आह्वान किया है कि जहां-जहां सजावट की गई है, उसके नीचे अथवा आसपास आतिशबाजी ना करें। आतिशबाजी करने से आग लगने व भीड़ में भगदड़ होने का भय रहता है। शहर की छोटी गलियों में फायर ब्रिगेड की गाड़ियां नहीं जा सकती, उसके मद्देनजर सभी शहरवासियों से सजावट के नीचे या उसके आसपास आतिशबाजी नहीं करने की अपील की गई है।
आहूजा ने बताया कि ओलंपिक सावे के मद्देनजर रोड लाइट व्यवस्था के लिए अधिशासी अभियंता अनिल कनवाड़िया और उनकी टीम, साफ-सफाई और चूने की लाइनिंग के लिए स्वास्थ्य अधिकारी और सम्बधित स्वास्थ्य निरीक्षक, सजावट के लिए भंडार अधीक्षक किशन गोपाल पुरोहित और परकोटा क्षेत्र अनुसार समस्त कार्यों की देखरेख के लिए नियुक्त किए गए नोडल अधिकारी द्वारा अपने आवंटित क्षेत्र अनुसार ड्यूटी संपादित की जाएगी।
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- ग्राम उत्थान शिविर: किसानों व पशुपालकों को मिली बड़ी राहत
- 77 भू-अभिलेख निरीक्षक वृत्त मुख्यालयों पर हुआ सफल आयोजन
- एक लाख से अधिक लोगों ने लिया भाग, 2133 मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित
- 26 हजार 548 किसानों को कृषि व 16 हजार 336 को उद्यान विभाग योजनाओं की मिली जानकारी
बीकानेर, 9 फरवरी। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार दो चरणों में 77 भू-अभिलेख निरीक्षक वृत्त मुख्यालयों पर ग्राम उत्थान शिविर आयोजित किये गए। सोमवार को आखिरी दिन 10 ग्राम उत्थान शिविरों का आयोजन हुआ। उद्यान विभाग के सहायक निदेशक मुकेश गहलोत ने बताया कि ग्राम उत्थान शिविरों का व्यापक लाभ ग्रामीण, किसानों व पशुपालकों को मिला। ग्राम उत्थान शिविरों में 1 लाख 9 हजार 265 प्रतिभागियों 26 हजार 702 महिला और 82 हजार 563 पुरुष शामिल रहे। 2 हजार 133 किसानों को मौके पर ही मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गये। 16 हजार 336 प्रतिभागी किसानों को उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई तथा 26 हजार 548 प्रतिभागी किसानों को कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। 22 हजार 127 प्रतिभागियों को फसल बीमा योजना की जानकारी दी गई।
संयुक्त निदेशक कृषि मदनलाल ने बताया कि किसानों से 104 पोली हाउस के आवेदन तैयार करवाए गए तथा 603 किसान क्रेडिट कार्ड के आवेदन प्राप्त किए गए। 1 हजार 522 पशुपालकों का मुख्यमंत्री मंगल पशु बीमा योजना में पंजीकरण किया गया। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 59 हजार 888 प्रतिभागियों को वीबी जीरामजी के बारे में बताया गया। 13 किसानों को मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना का लाभ दिया गया। 491 किसानों को स्वामित्व कार्ड वितरित किया गया व 410 प्रतिभागियों का पंजीकरण पीएम सूर्य घर योजना के लाभ हेतु किया गया। पशुपालन विभाग द्वारा 20 हजार 666 पशुओं की प्राथमिक चिकित्सा की गई। ग्राम उत्थान शिविरों में 720 जनप्रतिनिधियों व 1 हजार 841 अधिकारियों व कार्मिकों ने भाग लिया।
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अधिकारियों व कर्मचारियों के डाटा अद्यतन करने के निर्देश
बीकानेर, 9 फरवरी। आगामी पंचायती राज एवं नगर निकाय चुनाव-2026 के लिए मतदान दलों के गठन, रेण्डमाईजेशन एवं मतगणना संबंधी कार्यों के मद्देनजर जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती नम्रता वृष्णि ने समस्त कार्यालयाध्यक्षों, विभागाध्यक्षों एवं आहरण-वितरण अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि वे अपने अधीनस्थ समस्त कार्यालयों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सूचना 13 फरवरी 2026 तक ईएमएस पोर्टल (http:103.203.136.40/ems2026) पर अनिवार्य रूप से अद्यतन कर लॉक करवाना सुनिश्चित करें। आगामी माह के वेतन बिलों के साथ ईएमएस पोर्टल से डाटा अद्यतन के पश्चात जनरेट होने वाले प्रमाण पत्र की हस्ताक्षरयुक्त प्रति प्रेषित करने के पश्चात ही वेतन बिल पास किया जाएगा। डेटाबेस अद्यतन के दौरान तकनीकी सहायता के लिए सूचना एवं विज्ञान अधिकारी श्री संकल्प शर्मा (0151-2226027) पर जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
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पत्रावली दाखिल दफ्तर करने के दिए निर्देश
बीकानेर, 9 फरवरी। चूरू जिले की तारानगर तहसील की ग्राम पंचायत साहवा के पूर्व सरपंच तथा वर्तमान प्रशासक श्री कर्मचंद के विरुद्ध प्रकरण की जांच ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग द्वारा गठित कमेटी से करवाई गई। जांच कमेटी ने शिकायतों को निराधार मानते हुए प्रकरण निस्तारित करने की अनुशंसा की जिसके मध्यनजर संभागीय आयुक्त श्री विश्राम मीणा ने राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 38 के तहत उक्त प्रकरण को समाप्त किया जाकर पत्रावली दाखिल दफ्तर करने के निर्देश दिए हैं।
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- सामाजिक ताने-बाने से उपजी हैं दो घूँट पाणी’ की कहानियां: डॉ. जीएल शर्मा
- प्रसार की ओर से देवकिशन राजपुरोहित की पुस्तक विमोचन कार्यक्रम आयोजित
- अनुभव से उपजी हैं राजपुरोहित की कहानियां: जोशी
- साहित्यकार के रूप में देवकिशन राजपुरोहित ने समाज को दिखाई दिशा: पंचारिया
बीकानेर, 8 फरवरी। वरिष्ठ साहित्यकार देवकिशन राजपुरोहित के राजस्थानी कहानी संग्रह ‘दो घूँट पाणी’ का विमोचन समारोह रविवार को सर्किट हाउस में आयोजित हुआ।
पब्लिक रिलेशंस एंड एलाइड सर्विसेज एसोसिएशन ऑफ राजस्थान (प्रसार) की ओर से आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. जीएल शर्मा थे। उन्होंने कहा कि ‘दो घूँट पाणी’ सामाजिक ताने-बाने से उपजी कहानियां हमारे हैं। राजस्थान में पानी सबसे अनमोल है। राजपुरोहित इसके संरक्षण के प्रति जागरूक करते हैं। समाज को सीख देते हैं। उन्होंने कहा कि राजपुरोहित ने राजस्थानी सृजन को नए आयाम दिए हैं। युवा साहित्यकारों को इससे सीख लेनी चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा जल संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
श्याम सुंदर पंचारिया ने कहा कि साहित्य को समाज का दर्पण माना जाता है। देवकिशन राजपुरोहित ने साहित्यकार के रूप में समाज को दिशा दिखाने का कार्य किया है। अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार राजेंद्र जोशी ने की। उन्होंने कहा कि राजपुरोहित की कहानियां अनुभव से उपजी कहानियां हैं। इनमें लोकाचार है। सामाजिक समस्याओं का चित्रण है, तो उनका समाधान भी सुझाया है। उन्होंने कहा कि राजपुरोहित धुरंधर लेखक होने के साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में भी विशेष पहचान रखते हैं।
कर्मचारी नेता महेश व्यास ने कहा कि देवकिशन राजपुरोहित पिछले छह-सात दशकों से राजस्थानी साहित्य सृजन से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि राजपुरोहित की कहानियां हमारे चारों ओर बिखरी कहानियां हैं, जो हमें सीख देती हैं। युवा शिक्षाविद उपेंद्र शर्मा ने कहा कि राजस्थानी का लिखित साहित्य बेहद समृद्ध है। राजपुरोहित जैसे साहित्यकारों ने इसे और मजबूत किया है।
स्वागताध्यक्ष हेमा राम जोशी ने देवकिशन राजपुरोहित के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने राजपुरोहित की साहित्यिक योगदान की जानकारी भी दी। प्रसार के प्रदेश अध्यक्ष और जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक हरि शंकर आचार्य ने स्वागत उद्बोधन दिया। प्रसार की गतिविधियों के बारे में बताया। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष एड. जुगल किशोर व्यास ने कहा कि राजपुरोहित की साहित्य साधना आमजन के लिए प्रेरणादाई है। अवर फॉर नेशन के सीए सुधीश शर्मा ने स्वच्छता की मुहीम के बारे में बताया। कार्यक्रम का संचालन गोपाल जोशी ने किया। दिलीप सिंह आडसर ने आभार जताया।
इस दौरान घनश्याम जोशी, पर्यटन अधिकारी पवन शर्मा, निशांत शर्मा, वीरेंद्र राजपुरोहित, निशिकांत उपाध्याय, चैन सिंह राजपुरोहित, रवींद्र जाजड़ा, महेंद्र ढाका, प्रहलाद जोशी, महादेव उपाध्याय, बिरजू, राजा राजपुरोहित, जुगल उपाध्याय और टीनू शर्मा आदि मौजूद रहे।
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तारबंदी ने सुरक्षित की फसलें, किसान जगदीश को मिली राहत की सब्सिडी
बीकानेर, 9 फरवरी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर गिरदावर सर्कल्स पर आयोजित हो रहे ग्राम उत्थान शिविर किसानों के लिए लाभदायक रहे हैं। ऐसा ही दृश्य श्रीडूंगरगढ़ पंचायत समिति की ग्राम पंचायत उपनी में सोमवार को देखने को मिला। यहां आयोजित ग्राम उत्थान शिविर के समापन पर किसान जगदीश पुत्र भंवरलाल मेघवाल के चेहरे पर खुशी थी। यह खुशी इसलिए थी, क्योंकि जगदीश को राज्य सरकार की तारबंदी योजना के तहत अपने खेतों के चारों ओर तारबंदी करने पर 40 हजार रुपए के अनुदान की राशि मिली। तारबंदी योजना में अनुदान के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा एवं राज्य सरकार को धन्यवाद दिया। जगदीश को पहले फसल को आवारा जानवरों से बचाने के लिए रातभर जागकर खेतों की सुरक्षा करनी पड़ती थी या खुद के पैसे खर्च कर रखवाली करवानी पड़ती थी। जगदीश ने कृषि विभाग के अधिकारियों के माध्यम से तारबंदी योजना के तहत सब्सिडी के लिए ऑनलाइन आवेदन किया। आवेदन करने के बाद उनके खातेदारी के खेतों के खसरा नंबर का प्री-वेरिफिकेशन हुआ और तारबंदी योजना के तहत अनुदान की प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी गई। प्रशासनिक स्वीकृति के बाद दोनों ने अपने खातेदारी के खेतों के चारों ओर तारबंदी का कार्य करवाया। तारबंदी का कार्य पूरा होने के बाद वित्तीय स्वीकृति के आदेश जारी हुए और उन्हें सब्सिडी राशि मिली। खेत की तारबंदी होने के बाद जगदीश को अब आवारा पशुओं द्वारा फसल नष्ट किए जाने और खेतों की रखवाली की चिंता नहीं करनी पड़ती उनकी फसल सुरक्षित हो गई है। सहायक निदेशक (उद्यान) मुकेश गहलोत ने बताया कि तारबंदी योजना के तहत किसानों का लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 40 हजार रुपए तथा लघु व सीमांत किसानों को 48 हजार रुपए अनुदान देय है। ग्राम उत्थान शिविर मे सहायक कृषि अधिकारी संदीप, कृषि पर्यवेक्षक राजकुमार व बनवारी लाल सैनी वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक उद्यान व प्रगतिशील किसान उपस्थित रहें।
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- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से पर्यावरण प्रेमी संतों एवं प्रबुद्धजनों ने की मुलाकात
- खेजड़ी संरक्षण के कानून की घोषणा के लिए जताया आभार एवं किया अभिनंदन
- विभिन्न जिलों से आए संत एवं प्रबुद्धजन, कहा – खेजड़ी संरक्षण के लिए कानून की घोषणा से समाज में हर्ष
जयपुर, 08 फरवरी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर पर्यावरण प्रेमी संतों एवं प्रबुद्धजनों ने मुलाकात की। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए बिश्नोई समाज के संतों एवं प्रतिनिधियों ने राज्य विधानसभा में 5 फरवरी को खेजड़ी संरक्षण के लिए कानून लाए जाने की गई घोषणा पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। संतों ने कहा कि मुख्यमंत्री की यह श्रेष्ठ पहल ऐतिहासिक है। संतों के सान्निध्य में समाज के प्रबुद्धजनों ने भी मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।
मुकाम पीठाधीश्वर रामानन्द जी महाराज ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि प्रदेश में 70 वर्ष बाद राज्य सरकार द्वारा खेजड़ी की रक्षा के लिए कानून की पहल सराहनीय है तथा इससे समाज में हर्ष है। महन्त स्वामी सच्चिदानंद जी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने 27 अगस्त 2025 को पर्यावरण प्रेमी संतों एवं प्रतिनिधियों से खेजड़ी संरक्षण के संबंध में सुझाव सुने थे। उस समय मुख्यमंत्री ने जो कहा था वो करके दिखाया। विधानसभा में संतों की मंशा का हवाला देकर कानून बनाने की घोषणा की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि हमारी सरकार खेजड़ी और पर्यावरण संरक्षण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। हमने पर्यावरण प्रेमी संतों एवं प्रतिनिधियों से सुझाव लेते हुए खेजड़ी संरक्षण के लिए कानून बनाने का आश्वासन दिया था। इसी दिशा में हमने विधानसभा में घोषणा की है और संतों के सुझाव के अनुरूप ही इसकी प्रक्रिया जारी है। उन्होंने आश्वस्त किया कि खेजड़ी संरक्षण के लिए शीघ्र कानून लाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति में वृक्षों, पहाड़ों और नदियों की पूजा की जाती है। हमारी संस्कृति में संतों-ऋषियों का भी विशेष महत्व है और ये समाज को सही मार्ग दिखाते हैं। बिश्नोई समाज ने विश्व को प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीने की प्रेरणा दी है। उन्होंने भगवान जम्भेश्वर जी एवं मां अमृता देवी को नमन करते हुए कहा कि जम्भेश्वर जी द्वारा प्रतिपादित 29 नियम आज भी पर्यावरण सुरक्षा का अत्यंत प्रभावी मॉडल है। उन्होंने ‘‘जीव दया पालनी, रुख लीलौ नहीं घावै‘‘ के शाश्वत संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि जांभोजी ने हमें निरीह जीवों और पेड़ों की रक्षा को भी भक्ति के एक रूप में सिखाया। इसी तरह, मां अमृता देवी ने प्रकृति को मां का स्वरूप मानकर पर्यावरण की रक्षा और सम्मान करने की सीख दी है। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के एक पेड़ मां के नाम अभियान से प्रेरणा लेकर हमारी सरकार ने वृक्षारोपण का महाअभियान चलाया और दो वर्षों में 20 करोड़ पौधे लगाए। हमारा लक्ष्य है कि पांच वर्षों में 50 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जाएं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मुकाम पीठाधीश्वर रामानन्द जी महाराज, महन्त स्वामी सच्चिदानंद जी सहित सभी संतों का दुपट्टा ओढ़ाकर एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया।
इस दौरान उद्योग एवं वाणिज्य राज्यमंत्री श्री के.के. विश्नोई, राजस्थान राज्य जीव जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री जसवंत बिश्नोई, पूर्व विधायक श्री बिहारी लाल बिश्नोई, आचार्य महन्त श्री स्वामी भगवान दास, महन्त स्वामी भागीरथदास शास्त्री, श्री राजू महाराज, स्वामी कृपाचार्य, श्री स्वामी बलदेवानन्द, श्री स्वामी शिवज्योतीषानन्द, श्री महन्त शिवदास जी रूडकली, श्री स्वामी प्रेमदास जी महाराज, श्री रविदास जी महाराज, श्री सुरेन्द्रानन्द जी महाराज, श्री रघुवरदास जी महाराज, श्री शिवदास जी महाराज, श्री महेशानन्द जी महाराज, सहित अन्य संत उपस्थित रहे। साथ ही, बालोतरा, बाड़मेर, नागौर, बीकानेर, जोधपुर, फलौदी, जालोर, श्रीगंगानगर जिले की बिश्नोई समाज की प्रबुद्ध महिलाएं एवं जन उपस्थित रहे।
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राज्य स्तरीय पशु मेलाः आयोजित हुई विभिन्न गतिविधियां
बीकानेर, 9 फरवरी। जिला प्रशासन तथा पशुपालन विभाग द्वारा लूणकरणसर में आयोजित हो रहे राज्य स्तरीय पशु मेले के तीसरे दिन सोमवार को विभिन्न गतिविधियां हुई।
पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डाॅ. बीरमाराम चौधरी ने बताया कि दस बजे से योग शिविर के साथ इनकी शुरूआत हुई। इस दौरान सभी ने सामूहिक योगाभ्यास किया। योग प्रशिक्षक श्री प्रदीप गोदारा ने पशुपालकों सहित लूणकरणसर के 6 विद्यालयों के लगभग दो सौ से अधिक विद्यार्थियों को विभिन्न योग आसन करवाए और उनकी उपयोगिता बताई।
पशुपालकों और ग्रामीणों के लिए मेहंदी, रंगोली और साफा बंधन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। पशु पालक संवाद कार्यक्रम भी हुआ। इसमें वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ दीनू खान ने पशुओं की मौसमी बीमारियों और पशु आहार प्रबंधन की जानकारी दी और उनके प्रश्नों के उत्तर दिए। डॉ. राजेश स्वामी, डॉ. सुभाष घारू और डॉ. वेद प्रकाश ने संवाद कार्यक्रम में पशुपालकों से जुड़ी जानकारी दी।
मेला अध्यक्ष तथा उपखण्ड अधिकारी श्री दयानंद रुयल और मेला सचिव डॉ बीरमा राम द्वारा मेले की व्यवस्थाओं की समीक्षा की और इसमें अधिक से अधिक पशुपालकों की भागीदारी का आह्वान किया। पशुपालकों की सुविधा के लिए पशु इलाज की समुचित व्यवस्था मेला स्थल पर की गई है। पशु चिकित्सा शिविर के माध्यम से बीमार पशुओं की जाँच कर उनका उपचार किया जा रहा है।
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उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में आवेदन की तिथि बढ़ाई
बीकानेर, 9 फरवरी। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में राजस्थान के मूल निवासियों के लिए अनुसूचित जाति, अनु.जनजाति, विशेष समूह योजना (पूर्व में विशेष पिछड़ा वर्ग), अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक पिछड़ा वर्ग, विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्वघुमन्तु वर्ग के विद्यार्थियों के लिए मुख्यमंत्री सर्वजन उच्च शिक्षा उत्तर मैट्रिक छात्रवृति योजनाओं की अंतिम तिथि 28 फरवरी निर्धारित की गई है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक एलडी पंवार ने बताया कि राज्य की राजकीय एवं निजी मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं एवं राज्य के बाहर की राजकीय, राष्ट्रीय स्तर की मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं के पाठ्यक्रमों में प्रवेशित अथवा अध्ययनरत विद्यार्थियों द्वारा वेबसाईट www.sjmsnew.rajasthan.gov.in/scholarship अथवा एसएसओ पोर्टल पर Scholarship sje App अथवा मोबाईल ऐप SJED APPLICATIONS के माध्यम से पेपरलेस आवेदन पत्र ऑनलाईन पंजीकरण करने, आवेदन पत्र भरने के लिए पूर्व में निर्धारित अंतिम तिथि में संशोधन किया गया है।
उन्होंने बताया कि उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए विद्यर्थियों द्वारा पेपरलेस ऑनलाईन आवेदन पत्र पंजीकरण करने, ऑनलाईन आवेदन पत्र भरने एवं शिक्षण संस्थानों द्वारा नवीन पंजीयन अथवा पूर्व में पंजीकृत की मान्यता एवं पाठ्यक्रमवार फीस स्ट्रक्चर अद्यतन करने के लिए अंतिम तिथि अथवा पोर्टल बन्द करने की तिथि 28 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है।
उन्होंने बताया कि आवेदन पत्र भरने से पूर्व संबधित विद्यार्थी द्वारा अपने जनाधार पोर्टल पर जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, आय घोषणा पत्र एवं अन्य जानकारियां अद्यतन करवाना आवश्यक है। उन्होंने कहा है कि योजनाओं से संबधित दिशा-निर्देश, नियम एवं संलग्न किये जाने वाले दस्तावेजों का भली भांति अध्ययन कर ही आवेदन करें। योजना से संबधित नियम, दिशा-निर्देश विभागीय वेबसाईट पर उपलब्ध हैं।
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खाद्य मंत्री सुमित गोदारा मंगलवार को करेंगे विभिन्न कार्यों का करेंगे लोकार्पण-शिलान्यास
बीकानेर, 9 फरवरी। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री सुमित गोदारा मंगलवार को लूणकरणसर विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर रहेंगे और विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास करेंगे।
गोदारा मंगलवार को प्रातः 10 बजे पनपालसर में 33/11 के.वी. के जी.एस.एस का लोकार्पण करेंगे।
वे प्रातः 11.30 बजे शेरेरा में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में 36 लाख रुपए से निर्मित तीन कक्षा कक्षों, 67.50 लाख की लागत की लैब, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा एवं अन्य स्टाफ के लिए 45 लाख रुपये लागत से बनने वाले तीन कमरों का शिलान्यास करेंगे।
खाद्य मंत्री दोपहर 12.30 बजे हेमेरा में 10 लाख रुपए से तैयार सीसी ब्लॉक कार्यों, सार्वजनिक श्मशान भूमि के 10 लाख रुपयों के विकास कार्यों, वार्ड नंबर 6 में 10 लाख 20 हजार रुपये से सामुदायिक भवन से चोखाराम मूंड के घर की ओर सीसी ब्लॉक सड़क मय चौक निर्माण कार्यों, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में 3 लाख रुपये से शौचालय, राजकीय पशु चिकित्सालय में 10 लाख रुपये की लागत से निर्माण एवं अन्य विकास कार्यों, ट्यूबवेल का लोकार्पण तथा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में 48 लाख रुपये में निर्मित चार कक्षा कक्षों का शिलान्यास करेंगे।
गोदारा दोपहर 2 बजे रुपेरा-पूरेरा में राजकीय प्राथमिक विद्यालय में 8 लाख रुपये की लागत से बनने वाले कक्षा कक्ष का शिलान्यास, 5 लाख रुपये लागत से बनने वाले सार्वजनिक बस स्टैंड का शिलान्यास करेंगे। वे 3.30 बजे भोजेरा में 33/11 जीएसएस, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में ्षा कक्षों का शिलान्यास करेंगे।
गोदारा 5 बजे खारडा में 55 लाख रुपये से बनने वाले उप स्वास्थ्य केंद्र का शिलान्यास, ट्यूबवेल का लोकार्पण करेंगे।
