गला दबाकर हत्या करने वाला आरोपी गिरफ्तार, CCTV से खुला राज; मुआवजे की मांग पर अड़े ग्रामीण
पुलिसिया लापरवाही व खाकी की नाकामी से बड़ी बहन के बाद छोटी से भी गैंगरेप, न्याय न मिलने पर परेशान छोटी बहन ने भी खाया जहर


- बीकानेर छात्रा हत्याकांड
बीकानेर, 24 फरवरी। जिले के एक गांव में 8वीं बोर्ड की परीक्षा देने जा रही 13 वर्षीय मासूम छात्रा के साथ हुई दरिंदगी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को डिटेन किया है, जिसने पूछताछ में छात्रा की गला दबाकर हत्या करने की बात स्वीकार कर ली है। हालांकि, घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी शव का पोस्टमॉर्टम नहीं हो सका है, क्योंकि परिजन और ग्रामीण मुआवजे व सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर अस्पताल में धरने पर बैठे हैं।घटना के चौथे दिन मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे धरने पर बैठे ग्रामीणों और पुलिस-प्रशासन के बीच सहमति बनने के बाद शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया।


CCTV फुटेज और समय के अंतर ने खोला राज
एसपी कावेंद्र सिंह सागर ने बताया कि इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाने में सीसीटीवी फुटेज सबसे अहम सुराग साबित हुए। 21 फरवरी को जिस रास्ते से छात्रा गुजरी थी, उसी रास्ते पर आरोपी युवक दोपहर 12:15 बजे जाता हुआ और करीब 1:30 बजे लौटता हुआ दिखाई दिया।


झूठा बहाना: शुरुआती पूछताछ में युवक ने खेत पर काम पर जाने का बहाना बनाया, लेकिन पुलिस ने जब घटनास्थल और उसके खेत की दूरी का समय मिलान किया, तो बड़ा अंतर पाया गया।
कबूलनामा: सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी टूट गया और उसने बालिका को रास्ते में रोककर विरोध करने पर उसकी हत्या करने का जुर्म कबूल कर लिया।
दुष्कर्म की आशंका: मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार
छात्रा का शव अर्द्धनग्न अवस्था में मिला था, जिससे पुलिस और परिजनों ने दुष्कर्म की आशंका जताई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दुष्कर्म हत्या से पहले हुआ या बाद में, इसकी पुष्टि केवल मेडिकल बोर्ड द्वारा की जाने वाली पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही हो पाएगी। फिलहाल पुलिस विस्तृत प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए पूरे मामले का खुलासा करने की तैयारी में है।
परिजनों का धरना: तीसरे दिन भी नहीं हुआ पोस्टमॉर्टम
घटना के बाद से ही ग्रामीणों और परिजनों में भारी आक्रोश है। मंगलवार को तीसरे दिन भी शव पीबीएम अस्पताल की मोर्चरी में ही रखा रहा।
प्रमुख मांगें: ग्रामीण मृतक छात्रा के परिवार को उचित मुआवजा देने और आरोपी को फांसी की सजा दिलाने की मांग पर अड़े हैं।
प्रशासनिक वार्ता: जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारी लगातार प्रदर्शनकारियों से समझाइश का प्रयास कर रहे हैं ताकि पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू की जा सके और मामले में कानूनी कार्यवाही आगे बढ़े।
वारदात के बाद ग्रामीणों के साथ धरने में बैठा रहा आरोपी
वारदात के बाद आरोपी घटना स्थल पर ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठा रहा। अगले दिन 22 फरवरी को समझाइश कर बॉडी को हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया था। संदिग्ध युवक को दो दिन की पूछताछ के बाद सोमवार को डिटेन किया गया। सख्ती से पूछताछ की गई, जिसके बाद उसने वारदात करना कबूल कर लिया।
सहमति के बाद धरना खत्म, शव का हुआ पोस्टमॉर्टम
घटना के चौथे दिन मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे धरने पर बैठे ग्रामीणों और पुलिस-प्रशासन में सहमति बनी। इसके बाद शव का पोस्टमॉर्टम करवाया गया। उपखंड प्रशासन स्तर पर परिजनों को लिखित में मांगों को लेकर आश्वासन दिया गया है।
5 लाख रुपए पीड़ित प्रतिकर योजना, 5 लाख रुपए मुख्यमंत्री सहायता कोष और परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी दिलवाने की बात कही है। वहीं मुआवजे के रूप में एक करोड़ रुपए का प्रस्ताव भी सरकार को भेजा जाएगा।


