खेजड़ी संरक्षण के लिए राजस्थान सरकार का बड़ा कदम, मंत्री जोगाराम पटेल की अध्यक्षता में बनी 6 सदस्यीय कमेटी, बनेगा नया कानून
मंत्री जोगाराम पटेल की अध्यक्षता में बनी 6 सदस्यीय कमेटी, बनेगा नया कानून



जयपुर, 9 मार्च । राजस्थान सरकार ने राज्य वृक्ष खेजड़ी के संरक्षण को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के आश्वासन के बाद, सरकार अब ‘वृक्ष संरक्षण अधिनियम’ का प्रारूप तैयार करने के लिए पूरी तरह सक्रिय हो गई है। इसके लिए कानून मंत्री जोगाराम पटेल की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय 6 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।


समिति का गठन और पहली बैठक
मंत्रिमण्डल सचिवालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस विशेष कमेटी में नीतिगत और कानूनी पहलुओं को शामिल करने के लिए अनुभवी सदस्यों को नियुक्त किया गया है।
अध्यक्ष: जोगाराम पटेल (कानून मंत्री), सदस्य: हेमंत मीणा (राजस्व मंत्री) और संजय शर्मा (वन एवं पर्यावरण मंत्री), कानूनी विशेषज्ञ: महावीर विश्नोई (अतिरिक्त महािवक्ता) और कुणाल विश्नोई (अधिवक्ता, राजस्थान हाईकोर्ट), सचिव: प्रमुख शासन सचिव विधि एवं राजस्व विभाग के शासन सचिव। समिति के गठन के साथ ही आज मंत्री जोगाराम पटेल के निवास पर पहली बैठक भी आयोजित हुई, जिसमें कानून के खाके पर प्राथमिक चर्चा की गई।


कठोर होंगे प्रावधान: अब हर भूमि पर सुरक्षित होगी खेजड़ी
वर्तमान में केवल कृषि भूमि पर पेड़ों की कटाई को लेकर काश्तकारी कानून के तहत सीमित प्रावधान हैं। लेकिन प्रस्तावित नया कानून गेम-चेंजर साबित होगा।
विस्तार: अब आवंटित, रूपांतरित, अधिग्रहित और आबादी (गैर-कृषि) भूमियों पर भी वृक्ष संरक्षण के कठोर नियम लागू होंगे।
अनुमति: बिना प्राधिकृत अधिकारी की अनुमति के कोई भी पेड़ नहीं हटाया जा सकेगा। विकास कार्यों के लिए भी केवल न्यूनतम आवश्यक पेड़ हटाने की ही अनुमति मिल सकेगी।
अध्ययन: समिति अगले एक महीने में अन्य राज्यों के कानूनों और न्यायिक निर्णयों का अध्ययन कर अपना ड्राफ्ट सरकार को सौंपेगी।
आंदोलन की जीत: सोलर प्लांट्स के लिए कटाई पर लगा था विरोध
यह कदम बीकानेर और अन्य मरुस्थलीय जिलों में चले प्रखर खेजड़ी संरक्षण आंदोलन का परिणाम है। सौर ऊर्जा संयंत्रों (सोलर प्लांट्स) की स्थापना के नाम पर हजारों खेजड़ी के पेड़ों की कटाई के विरोध में संतों और पर्यावरण प्रेमियों ने बीकानेर में 11 दिनों तक महापड़ाव और अनशन किया था।
जनभावनाओं का सम्मान करते हुए, 12 फरवरी 2026 को सरकार ने पूरे प्रदेश में खेजड़ी की कटाई पर तत्काल रोक लगा दी थी। अब इस रोक को कानूनी अमलीजामा पहनाने की तैयारी की जा रही है, जिससे ‘रेगिस्तान के गौरव’ खेजड़ी को स्थायी सुरक्षा मिल सकेगी।
