बीकाजी के संस्थापक शिवरतन अग्रवाल का निधन: ‘फन्ना बाबू’ जिन्होंने भुजिया को वैश्विक पहचान दिलाई, चेन्नई में ली अंतिम सांस
बीकाजी के संस्थापक शिवरतन अग्रवाल का निधन


बीकानेर, 23 अप्रैल । बीकानेर के प्रतिष्ठित उद्योगपति और विश्व प्रसिद्ध ‘बीकाजी फूड्स’ के संस्थापक व सीएमडी शिवरतन अग्रवाल (74), जिन्हें प्यार से लोग ‘फन्ना बाबू’ कहते थे, का गुरुवार सुबह चेन्नई में हार्ट अटैक से निधन हो गया। वे अपनी पत्नी के हृदय के ऑपरेशन के सिलसिले में पिछले 10 दिनों से चेन्नई में थे। गुरुवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उन्होंने अंतिम सांस ली।


उनका पार्थिव शरीर आज रात चार्टर प्लेन से बीकानेर लाया जाएगा और शुक्रवार सुबह सार्दुलगंज स्थित निवास से उनकी अंतिम यात्रा निकलेगी। उनके निधन के शोक में बीकानेर व्यापार मंडल ने शुक्रवार दोपहर 2 बजे तक बाजार बंद रखने का निर्णय लिया है।


संघर्ष से सफलता तक: 8वीं पास विजनरी का सफर
शिवरतन अग्रवाल का जीवन एक प्रेरणादायक कहानी है। केवल 8वीं कक्षा तक पढ़े शिवरतन जी ने 1986 में अपने पारिवारिक ब्रांड ‘हल्दीराम’ से अलग होकर नई राह चुनी। उन्होंने ‘शिवदीप फूड्स’ की स्थापना की और 1993 में बीकानेर के संस्थापक राव बीका के नाम पर ‘बीकाजी’ ब्रांड लॉन्च किया।
मशीनीकरण के अग्रदूत: जिस दौर में भुजिया केवल हाथों से बनाई जाती थी, उन्होंने विदेशों की यात्रा कर पहली बार ऑटोमेटेड भुजिया फैक्ट्री भारत में स्थापित की।
ग्लोबल विजन: उन्होंने आधुनिक पैकेजिंग के जरिए उत्पाद की शेल्फ लाइफ बढ़ाई और 1994 में पहली बार यूएई (UAE) को भुजिया एक्सपोर्ट कर इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुँचाया। आज बीकाजी 30 से अधिक देशों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है।
फोर्ब्स की सूची में स्थान: उनके कुशल नेतृत्व का ही परिणाम था कि साल 2024 में उन्हें फोर्ब्स की वर्ल्ड बिलेनियर सूची में भारत के टॉप-25 अमीरों में 14वां स्थान प्राप्त हुआ।
मस्तमौला स्वभाव और मानवीय पक्ष
दोस्तों के बीच ‘फन्ना बाबू’ के नाम से मशहूर शिवरतन जी अपने दरियादिल स्वभाव के लिए जाने जाते थे। उन्होंने बीकानेर और आसपास के क्षेत्रों में बीकाजी के शोरूम अपने दोस्तों और परिचितों को बिना किसी कठिन शर्त के चलाने के लिए दे दिए। होली की मस्ती हो या शहर की सामाजिक गोठ, वे हमेशा अग्रणी भूमिका में रहते थे।
विरासत जो रहेगी अमर
आज बीकाजी 250 से ज्यादा उत्पाद बनाता है और करीब 8 लाख दुकानदार इस ब्रांड से जुड़े हैं। अमिताभ बच्चन जैसे महानायक इस ब्रांड के एंबेसडर हैं। उनके निधन के बाद बीकानेर की करणी और बीछवाल स्थित फैक्ट्रियों में उत्पादन और सप्लाई को शोक स्वरूप रोक दिया गया है। शुक्रवार को नत्थूसर गेट स्थित श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार होगा, जहाँ उनके पुत्र दीपक अग्रवाल उन्हें मुखाग्नि देंगे। थार एक्सप्रेस परिवार उनकी आत्मा की शान्ति के लिए प्रार्थना करता है।
