बीकानेर के सरकारी समाचार

बीकानेर के सरकारी समाचार
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quicjZaps 15 sept 2025
ram Ratan Kochar
  • शार्दूल राजस्थानी रिसर्च इंस्टीट्यूट की ऐतिहासिक पांडुलिपियों के डिजिटाइजेशन का कार्य शुरू
  • संरक्षित होंगी सैंकड़ों वर्ष पुरानी पांडुलिपियां
  • ज्ञान भारतम् मिशन के तहत इंस्टीट्यूट का विश्व गुरुदीप आश्रम के मध्य हुआ था एमओयू

बीकानेर, 9 मार्च। शार्दूल राजस्थानी रिसर्च इंस्टीट्यूट की सैंकड़ों वर्ष पुरानी पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए डिजिटाइजेशन का कार्य सोमवार को शुरू हुआ। भारत सरकार के महत्वाकांक्षी ज्ञान भारतम् मिशन के जनवरी में जयपुर के विश्व गुरुदीप आश्रम शोध संस्था और इंस्टीट्यूट के मध्य इन पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए एमओयू हुआ था। इसके तहत संस्था के तकनीकी प्रतिनिधियों ने पांडुलिपियों के संरक्षण कार्य प्रारम्भ किया।

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इस दौरान वरिष्ठ साहित्यकार डाॅ. मंदन सैनी, जनसंपर्क विभाग के उप निदेशक डाॅ. हरिशंकर आचार्य, गीतकार राजाराम स्वर्णकार तथा पुस्तकालयाध्यक्ष विमल शर्मा अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इंस्टीट्यूट के सचिव राजेन्द्र जोशी ने बताया कि 27 जनवरी को सादूल राजस्थानी रिसर्च इंस्टीट्यूट तथा कलस्टर केंद्र विश्वगुरूदीप आश्रम शोध संस्थान, जयपुर के मध्यम एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। इसके अनुसार इंस्टीट्यूट की अनमोल हस्तलिखित पांडुलिपियां डिजिटल रूप में सुरक्षित होंगी, जो राजस्थानी साहित्य और सांस्कृतिक विरासत के अध्ययन को नई दिशा प्रदान करेगा।

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इस दौरान डाॅ. सैनी ने कहा कि ज्ञान भारतम् मिशन का यह कदम हमारी ऐतिहासिक धरोहर को लुप्त होने से बचाएगा तथा भावी पीढ़ी को हम यह सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विरासत सौप सकेंगे। उन्होंने कहा कि सदियों पूर्व लिखे गए यह हस्तलिखित ग्रंथ हमारी अमूल्य विरासत है। इनका संरक्षण अच्छी पहल है।

डाॅ. आचार्य ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार, हमारी सांस्कृतिक विरासत को पल्लवित, पोषित एवं इसके संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज का दौर डिजिटलीकरण का है। ऐसे में पांडुलिपियां डिजिटाज्ड होंगी तो यह सदियों तक संरक्षित रहेंगी। उन्होंने कहा कि इंस्टीट्यूट ने इन पांडुलिपियों को दशकों तक संरक्षित रख, मिसाल पेश की। अब सरकार इसे और आगे बढ़ा रही है।

संस्था संयोजक राजाराम स्वर्णकार ने बताया कि विश्व गुरूदीप आश्रम शोध संस्थान द्वारा इन पांडुलिपियों का निःशुल्क डिजिटलीकरण किया जाएगा। डिजिटाइजेशन का यह कार्य संस्थान के तकनीकी विशेषज्ञों आश्रम के मोहित बिस्सा और लव कुमार देराश्री द्वारा इंस्टीट्यूट के पदाधिकारियों की देखरेख में होगा। उन्होंने बताया कि इंस्टीट्यूट की 250 से अधिक पांडुलिपियों को संरक्षित किया जाएगा। पुस्तकायाध्यक्ष विमल शर्मा ने आगंतुकों का आभार जताया।
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  • राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे की अध्यक्षता में 13 मार्च को होगा बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय का चतुर्थ दीक्षांत समारोह
  • राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी होंगे दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि
  • दीक्षांत समारोह में बतौर विशिष्ट अतिथि आईआईटी जोधपुर के निदेशक प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल देंगे दीक्षांत उद्बोधन

बीकानेर, 9 मार्च। बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय का चतुर्थ दीक्षांत समारोह 13 मार्च को विश्वविद्यालय परिसर में माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री हरिभाऊ बागडे की अध्यक्षता में आयोजित किया जाएगा। इस भव्य समारोह में विभिन्न संकायों के स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोध उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की जाएंगी तथा उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और मेरिट प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।

इस अवसर पर राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे, जबकि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जोधपुर के निदेशक प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल दीक्षांत उद्बोधनकर्ता एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह की गरिमा बढ़ाएंगे।

कुलगुरु प्रो. अखिल रंजन गर्ग ने बताया कि चतुर्थ दीक्षांत समारोह के दौरान कुल 3380 डिग्रियों का वितरण किया जाएगा। इनमें बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (बीटेक) की 2588, बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर (बीआर्क) की 4, बैचलर ऑफ डिजाइन (बी डिजाइन) की 12, डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) की 9, मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए) की 483, मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (एमसीए) की 242 तथा मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी (एमटेक) की 42 डिग्रियाँ शामिल हैं। इसके अतिरिक्त उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को 23 स्वर्ण पदक तथा 166 मेरिटोरियस प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।

राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष देवनानी होंगे ‘मानद विद्या वाचस्पति’ से सम्मानित

कुलगुरु प्रो. गर्ग ने बताया कि इस अवसर पर राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी को शिक्षा एवं समाज के क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान के लिए ‘विद्या वाचस्पति’ (मानद उपाधि) से सम्मानित किया जाएगा।

आईआईटी जोधपुर के निदेशक प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल देंगे दीक्षांत उद्बोधन

चतुर्थ दीक्षांत समारोह में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जोधपुर के निदेशक प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। इस अवसर पर वे दीक्षांत उद्बोधन भी देंगे और विद्यार्थियों को अपने अनुभवों एवं विचारों से मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। प्रो. अग्रवाल नवउत्तीर्ण विद्यार्थियों को ज्ञान, नवाचार और तकनीकी उत्कृष्टता के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करेंगे।

भव्य दीक्षांत समारोह की तैयारियां तेज, 12 समितियां गठित
दीक्षांत समारोह के सफल आयोजन के लिए कुलगुरु प्रो. अखिल रंजन गर्ग और कुलसचिव श्रीमती रचना भाटिया के निर्देशन में 12 आयोजन समितियों का गठन किया गया है तथा उनके संयोजक एवं सह-संयोजक नियुक्त किए गए हैं।
कुलगुरु प्रो. गर्ग ने हाल ही में आयोजित समीक्षा बैठक में आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित समिति संयोजकों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, अतिथियों के स्वागत, सुरक्षा व्यवस्था, मंच संचालन, मीडिया समन्वय तथा अन्य व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई और सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।

ये करेंगे शिरकत
दीक्षांत समारोह में बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के विभिन्न सम्बद्ध महाविद्यालयों के चेयरमैन, निदेशक, प्राचार्य, विश्वविद्यालय प्रबंध मंडल एवं विद्या परिषद के सदस्य, राजस्थान के अन्य विश्वविद्यालयों के कुलगुरु, लोकभवन के अधिकारीगण, विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, अधिकारी एवं कर्मचारी, संकाय सदस्य, शिक्षकगण, शिक्षाविद, विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक, प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहेंगे। सोमवार को आयोजित प्रेस ब्रीफ में कुलगुरु प्रो. अखिल रंजन गर्ग, कुलसचिव रचना भाटिया, परीक्षा नियंत्रक डॉ. मुकेश एम. जोशी, दीक्षांत आयोजन समन्वयक डॉ. परबंत सिंह संधू, डीन अकादमिक डॉ. सुधीर भारद्वाज, तथा दीक्षांत मीडिया समिति के डॉ. ममता शर्मा पारीक, डॉ. नवीन शर्मा, डॉ. देवेंद्र तिवारी, डॉ. रूमा भदौरिया इत्यादि उपस्थित रहे।
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  • बीकानेर विकास प्राधिकरण बोर्ड की बैठक आयोजित, बीडीए अध्यक्ष श्रीमती नम्रता वृष्णि ने की अध्यक्षता
  • शहर के विकास के रोडमैप पर हुई चर्चा, नई योजनाएं और विकास कार्य किए प्रस्तावित

बीकानेर, 9 मार्च। बीकानेर विकास प्राधिकरण बोर्ड की बैठक सोमवार को बीकानेर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष तथा जिला कलक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णि की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। बैठक में बीकानेर विकास प्राधिकरण आयुक्त श्रीमती अपर्णा गुप्ता, नगर निगम आयुक्त श्री मयंक मनीष, बीडीए सचिव कुलराज मीणा, उपायुक्त ऋषि सुधांशु पांडे, रीको के रीजनल मैनेजर एसपी शर्मा, रोडवेज प्रबंधक इंद्रा गोदारा, बीकानेर विकास प्राधिकरण के निदेशक (वित्त) नरेश राजपुरोहित सहित बोर्ड के अन्य सदस्य मौजूद रहे।

बीडीए ने अर्जित की 375.33 करोड़ रुपए आय

इस दौरान श्रीमती वृष्णि ने बताया कि बीकानेर शहर के सुव्यवस्थित विकास तथा नागरिकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बीकानेर विकास प्राधिकरण द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रभावी वित्तीय प्रबंधन एवं योजनाबद्ध विकास कार्यों के माध्यम से उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त की गई। वर्ष 2024-25 में 90.49 करोड़ रुपए की आय के मुकाबले वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राधिकरण द्वारा 375.33 करोड़ रुपए की आय अर्जित की गई। यह गत वित्तीय वर्ष की तुलना में लगभग 315 प्रतिशत अधिक है। इससे शहर में विकास कार्यों को नई गति मिली।

उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में भूमि विक्रय के माध्यम से आय अर्जन में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई। भूमि विक्रय से 85 करोड़ रुपए के अनुमानित लक्ष्य के विरुद्ध 234.12 करोड़ रुपए की आय हुई। यह प्राधिकरण की योजनाओं के प्रति नागरिकों के विश्वास तथा प्रभावी वित्तीय प्रबंधन का परिणाम है।

विभिन्न योजनाएं की प्रस्तावित
बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्राधिकरण द्वारा नाल इंट्रीग्रेटेड योजना, 1 बीएसएम जयपुर-श्रीगंगानगर बाईपास योजना तथा भोजनशाला वेयरहाउस योजना सहित वर्तमान योजनाओं के माध्यम से लगभग 136 करोड़ रुपए की आय अर्जित करना प्रस्तावित किया गया है। इसी प्रकार कृषि भूमि नियमन से आय में गत वित्तीय वर्ष की तुलना में लगभग 1319 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस मद में लगभग 15 करोड़ रुपए की आय का अनुमान प्रस्तावित किया गया है।

विकास एवं जनसुविधाओं के विस्तार पर व्यय किए 111.29 करोड़
प्राधिकरण द्वारा राज्य सरकार को देय विभिन्न अंशदानों का समयबद्ध रूप से भुगतान किया गया है। कृषि भूमि नियमन, नगर निगम को देय राज्यांश, भूमि विक्रय का 20 प्रतिशत राज्यांश तथा आरयूडीएफ अंशदान के रूप में राज्य सरकार को महत्वपूर्ण राशि हस्तांतरित की गई है, जिससे राज्य के समग्र विकास में भी प्राधिकरण की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हुई है।

बीडीए अध्यक्ष ने बताया कि प्राधिकरण द्वारा शहर के विकास एवं जनसुविधाओं के विस्तार के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगभग 111.29 करोड़ रुपए व्यय किए गए। इनमें योजना क्षेत्र में सड़क एवं नाली निर्माण, पार्कों का सौंदर्यकरण, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था तथा अन्य आधारभूत अवसंरचना कार्य सम्पादित किए गए।

तीन सौ करोड़ की आय और विकास कार्य प्रस्तावित
श्रीमती वृष्णि ने बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्राधिकरण द्वारा 300 करोड़ रुपए की अनुमानित आय तथा 300 करोड़ रुपए के अनुमानित व्यय का संतुलित बजट प्रस्तावित किया गया है। प्रस्तावित बजट में शहर के योजना क्षेत्र में आधारभूत अवसंरचना विकास हेतु लगभग 82.55 करोड़ रुपए प्रस्तावित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त सड़क, पार्क, नाली निर्माण तथा स्ट्रीट लाइट आदि कार्यों पर लगभग 25.50 करोड़ रुपए व्यय किए जाने का प्रावधान किया गया है। साथ ही कच्ची बस्तियों के उन्नयन तथा नागरिक सुविधाओं के विस्तार पर विशेष बल दिया गया है।

इसके अतिरिक्त कबीर वाटिका विकास कार्य तथा जोड़बीड़ क्षेत्र में प्राधिकरण भवन निर्माण जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को भी आगामी वित्तीय वर्ष में प्राथमिकता के साथ क्रियान्वित किया जाना प्रस्तावित है। श्रीमती वृष्णि ने कहा कि बीकानेर विकास प्राधिकरण शहर के सतत एवं सुव्यवस्थित विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में भी वित्तीय संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन के माध्यम से नागरिकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास करता रहेगा।
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