हिंदू नववर्ष पर उमड़ेगी मातृशक्ति; घर-घर संपर्क के लिए बनीं महिला टोलियां, 2083 के स्वागत की भव्य तैयारी
हिंदू नववर्ष पर उमड़ेगी मातृशक्ति; घर-घर संपर्क के लिए बनीं महिला टोलियां, 2083 के स्वागत की भव्य तैयारी


बीकानेर, 10 मार्च। भारतीय नववर्ष (संवत् 2083) के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाली हिन्दू धर्मयात्रा और महाआरती को ऐतिहासिक बनाने के लिए बीकानेर की मातृशक्ति ने कमर कस ली है। मंगलवार को महानंद मंदिर परिसर स्थित अनुराधा आचार्य के आवास पर आयोजित एक विशेष बैठक में महिला शक्ति की भागीदारी और प्रचार-प्रसार की रणनीति तैयार की गई। बैठक का उत्साहपूर्ण शुभारंभ पार्षद सुधा आचार्य द्वारा किए गए शंखनाद के साथ हुआ। विप्र फाउंडेशन की लक्ष्मी कश्यप ने इस अवसर पर हिंदू नववर्ष के आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि चैत्र प्रतिपदा का दिन सृष्टि के सृजन, चैत्र नवरात्रि के प्रारंभ, भगवान राम के राज्याभिषेक और सम्राट विक्रमादित्य के काल जैसे महान प्रसंगों का संगम है। यही कारण है कि सनातनी संस्कृति इस दिन को अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाती है।


घर-घर संपर्क और भव्य धर्मयात्रा की योजना
भारतीय नववर्ष समारोह समिति, बीकानेर के महामंत्री ने उपस्थित महिलाओं को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी। निर्णय लिया गया कि शहर के प्रत्येक मोहल्ले और बस्ती में मातृशक्ति की छोटी-छोटी टोलियां बनाई जाएंगी। ये टोलियां घर-घर जाकर परिवारों को नववर्ष की शुभकामनाओं के साथ धर्मयात्रा में शामिल होने का निमंत्रण देंगी। इस बार धर्मयात्रा में सर्व समाज की महिलाओं को जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि मातृशक्ति की भव्यता और एकजुटता का संदेश पूरी दुनिया में जाए।


बैठक में उपस्थित मातृशक्ति
इस संगठनात्मक बैठक में किसना जोशी, जशोदा व्यास, मंजू शर्मा, रेणू शर्मा, विजय लक्ष्मी पुरोहित, सुंदर देवी आचार्य, स्नेहलता आचार्य, चित्रा आचार्य, संतोष पुरोहित सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही। शशि आचार्य, योगिता आचार्य, दामिनी जोशी, डिम्पल आचार्य और अन्य कार्यकर्ताओं ने विश्वास दिलाया कि इस वर्ष की धर्मयात्रा में महिलाओं की उपस्थिति पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ देगी। समिति के अनुसार, चैत्र प्रतिपदा पर निकलने वाली यह धर्मयात्रा बीकानेर के मुख्य मार्गों से होते हुए महाआरती के साथ संपन्न होगी, जिसमें भगवा ध्वज और पारंपरिक परिधान आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
