मंत्रालयिक सेवा निदेशालय और ग्रेड पे 3600 की मांग

कमल नारायण आचार्य
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quicjZaps 15 sept 2025
  • अखिल राजस्थान बाबू एकता मंच ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

बीकानेर, 23 मार्च 2026 (सोमवार)। राजस्थान के मंत्रालयिक कर्मचारियों (बाबू संवर्ग) की लंबित मांगों को लेकर अखिल राजस्थान बाबू एकता मंच ने एक बार फिर सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। मंच के प्रदेश संयोजक कमल नारायण आचार्य ने सोमवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास को ईमेल तथा स्पीड पोस्ट के माध्यम से एक विस्तृत ज्ञापन भेजा है।

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नए वित्तीय वर्ष से ‘मंत्रालयिक निदेशालय’ शुरू करने पर जोर
प्रदेश संयोजक आचार्य ने ज्ञापन में स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित मंत्रालयिक सेवा निदेशालय के गठन की प्रक्रिया को तेज किया जाना चाहिए। संघ की मुख्य मांग है कि बजट में इसके लिए आवश्यक प्रावधान करते हुए आगामी 01 अप्रैल 2026 (नये वित्तीय वर्ष) से इसे विधिवत रूप से प्रारंभ किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन की “रीढ़ की हड्डी” कहे जाने वाले इस संवर्ग के हितों के लिए निदेशालय का होना अनिवार्य है।

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ज्ञापन में प्रमुख 4 सूत्रीय मांगें:
निदेशालय का गठन: मंत्रालयिक निदेशालय के लिए बजट आवंटन कर 1 अप्रैल से इसे क्रियाशील करना।

ग्रेड पे 3600 (L-10): स्टेट पैरिटी (सचिवालय के समान) के आधार पर कनिष्ठ सहायकों की शैक्षिक योग्यता स्नातक की जाए और उन्हें 3600 ग्रेड पे देने के लिए नियमों में संशोधन हो। यह मांग अधीनस्थ विभागों, निगमों और बोर्डों के लिए भी की गई है।

RMS कैडर की अधिसूचना: संस्थापन अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी और अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी के पदों को राजस्थान मंत्रालयिक सेवा (राज्य स्तरीय) कैडर घोषित कर नवीन सेवा नियम अधिसूचित किए जाएं।

नया पद सृजन: मंत्रालयिक संवर्ग में ‘उपनिदेशक (प्रशासनिक)’ के नाम से नया पद (ग्रेड पे 8700) सृजित करने का प्रावधान आगामी बजट में शामिल किया जाए।

आंदोलन की चेतावनी
कमल नारायण आचार्य ने सरकार को आगाह किया कि इन वाजिब और तथ्यपूर्ण मांगों पर शासन स्तर से अब तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने मांग की कि इन मांगों को अविलम्ब स्वीकार किया जाए ताकि कर्मचारियों में व्याप्त निराशा दूर हो सके। संघ ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि समय रहते निर्णय नहीं हुआ, तो भविष्य में आंदोलन जैसी अप्रिय स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।