गंगाशहर में ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर पांच लाख की ठगी, खाते में करोड़ों के लेनदेन और सुसाइड केस में फंसाने की धमकी दी

गंगाशहर में ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर पांच लाख की ठगी,
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बीकानेर, 30 मार्च। बीकानेर में ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर ठगी का एक और मामला सामने आया है, जिसमें ठगों ने एक बुजुर्ग को वीडियो कॉल के जरिए डराकर 5.10 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए। बाद में जब ठगों ने 50 लाख रुपए की और मांग की, तब पीड़ित को शक हुआ और मामले का खुलासा हुआ। शिकायत के बाद साइबर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 1.76 लाख रुपए होल्ड करवा दिए हैं।

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वीडियो कॉल से शुरू हुआ ठगी का खेल

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गंगाशहर निवासी बुजुर्ग के पास 14 मार्च को एक वीडियो कॉल आया। कॉल करने वालों ने खुद को अधिकारी बताते हुए उनके खाते से करीब 3 करोड़ रुपए के संदिग्ध लेनदेन का हवाला दिया। ठगों ने केनरा बैंक के खाते का जिक्र कर उन्हें लगातार डराने-धमकाने की कोशिश की।

फर्जी केस में फंसाने की दी धमकी
ठगों ने एक सिम कार्ड से आपत्तिजनक मैसेज और वीडियो भेजने का आरोप लगाते हुए एक युवती की आत्महत्या के मामले में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद पीड़ित को ‘डिजिटल अरेस्ट’ बताकर किसी से संपर्क नहीं करने और लगातार उनके संपर्क में बने रहने के निर्देश दिए गए।

डर के चलते ट्रांसफर किए 5.10 लाख रुपए
लगातार दबाव और डर के माहौल में बुजुर्ग ने अपने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के खाते से एक निजी बैंक खाते में 5.10 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए।

50 लाख की मांग पर हुआ शक, परिजनों को बताया
27 मार्च को ठगों ने फिर संपर्क कर 50 लाख रुपए की और मांग की। इस पर पीड़ित को संदेह हुआ कि वह ठगी का शिकार हो चुके हैं। इसके बाद उन्होंने परिजनों को पूरी जानकारी दी, जिससे मामला सामने आया।

साइबर पुलिस की त्वरित कार्रवाई

साइबर थाना प्रभारी रमेश सर्वटा ने बताया – शिकायत मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 1.76 लाख रुपए होल्ड करवा दिए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। बीकानेर के गंगाशहर में ‘डिजिटल अरेस्ट’ के जरिए हुई इस ठगी के मामले में पुलिस द्वारा जारी की गई आधिकारिक जानकारी और पीड़ित बुजुर्ग का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है।

आम तौर पर साइबर अपराध और ठगी के मामलों में पीड़ित की सुरक्षा और निजता (Privacy) को ध्यान में रखते हुए पुलिस उनका नाम उजागर नहीं करती है। रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित गंगाशहर क्षेत्र के निवासी हैं और उनके साथ 14 मार्च से 27 मार्च के बीच यह ठगी की वारदात हुई, जिसमें ठगों ने उन्हें युवती की आत्महत्या और करोड़ों के संदिग्ध लेनदेन के झूठे केस में फंसाने की धमकी दी थी।
साइबर थाना प्रभारी रमेश सर्वटा के अनुसार, पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और ठगों के खातों को ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है।

सावधान रहें: साइबर पुलिस की सलाह
कानूनी प्रक्रिया: भारत में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा कोई कानूनी प्रावधान नहीं है। कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी या जुर्माना नहीं करती।

तत्काल सूचना: यदि आप या आपके आसपास कोई ऐसी संदिग्ध कॉल प्राप्त करता है, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या [suspicious link removed] पर शिकायत दर्ज करें।

निजी जानकारी: बैंक खाता, ओटीपी या व्यक्तिगत पहचान की जानकारी अनजान वीडियो कॉल पर कभी साझा न करें।

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