घुमंतू बस्तियों में महिला स्वास्थ्य जागरूकता शिविर में स्वच्छता और पोषण पर दिया गया जोर
घुमंतू बस्तियों में महिला स्वास्थ्य जागरूकता शिविर में स्वच्छता और पोषण पर दिया गया जोर


बीकानेर, 14 मई। समाज के वंचित और घुमंतू समुदायों के स्वास्थ्य उत्थान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए घुमंतू जाति उत्थान न्यास द्वारा हाईवे स्थित बस्तियों में विशेष जागरूकता कैंप आयोजित किया गया। इस शिविर में गाड़िया लोहार, सांसी, भोपा और कंजर समुदायों की महिलाओं व बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।


स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता समय की मांग: राजेंद्र सिंह
घुमंतू कार्य संयोजक राजेंद्र सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं और किशोरियों को उनके शारीरिक, मानसिक और प्रजनन स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने स्वास्थ्य को ही जीवन का असली आधार बताया।


बीमारियों की जड़: अशुद्ध खान-पान और स्वच्छता की कमी
घुमंतू महानगर महिला प्रमुख डॉ. अर्पिता गुप्ता ने महिलाओं के जीवन चक्र से जुड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। उनके संबोधन के मुख्य बिंदु रहे। चुनौतियां: किशोरावस्था से मेनोपॉज तक मासिक धर्म की अनियमितता, गर्भावस्था और पीसीओएस (PCOS) जैसी समस्याओं पर प्रकाश डाला।
समाधान: डॉ. गुप्ता ने रेखांकित किया कि अधिकांश बीमारियों की जड़ अशुद्ध भोजन और हाइजीन (स्वच्छता) की कमी है। उन्होंने संतुलित आहार और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने की अपील की।
हाइजीन और सैनिटरी पैड्स के प्रति किया जागरूक
महिला सहयोगी नीति शर्मा और स्नेहा शर्मा ने महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया। उन्होंने पारंपरिक तरीकों के बजाय सैनिटरी पैड्स के इस्तेमाल के स्वास्थ्य फायदों के प्रति जागरूकता फैलाई।
भविष्य की योजनाएं: स्वास्थ्य जांच और बाल संस्कार केंद्र
समिति के सुनील जागा (बस्ती प्रकल्प प्रमुख) और श्री कृष्ण (कौशल विकास प्रमुख) ने आगामी सेवा कार्यों की घोषणा की:
निःशुल्क जांच: आने वाले दिनों में इन बस्तियों में मुफ्त स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जाएंगे।
शिक्षा और संस्कार: बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बस्तियों में बाल संस्कार केंद्र भी शुरू किए जाएंगे।
कार्यक्रम के समापन पर परोपकार की भावना के साथ संस्थान की ओर से उपस्थित महिलाओं को सैनिटरी नैपकिंस और वस्त्रों का वितरण किया गया। इस पहल की स्थानीय निवासियों ने सराहना की है।


