वन्देमातरम महिला टीम ने सिटी कोतवाली से शुरू किया परिंडा (पालसिया) अभियान
वन्देमातरम महिला टीम ने सिटी कोतवाली से शुरू किया परिंडा (पालसिया) अभियान


पशु-पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करना ही सच्चा मानवीय धर्म: कामिनी


बीकानेर। 3 अप्रैल। भीषण गर्मी के आगमन के साथ ही बेजुबान पक्षियों को राहत पहुंचाने के लिए वन्देमातरम महिला टीम ने एक सराहनीय पहल शुरू की है। शुक्रवार को ‘आकाश में विचरण करने वाले पक्षियों के लिए दाना-पानी’ अभियान का शंखनाद सिटी कोतवाली थाने से किया गया। इस दौरान थाने की दीवारों और पेड़ों पर 11 पालसिये (परिंडे) लगाए गए।


मानवीय धर्म और शास्त्रों का संदेश
महिला टीम की अध्यक्ष कामिनी विमल भोजक ‘मैया’ ने इस अवसर पर कहा कि हम मनुष्य हर ऋतु में अपने और अन्य जरूरतमंद इंसानों के लिए तो व्यवस्था कर लेते हैं, लेकिन मूक पशु-पक्षियों का ध्यान रखना हमारा परम मानवीय धर्म है। शास्त्रों में भी जीव दया को सर्वोपरि बताया गया है। उन्होंने संकल्प जताया कि वन्देमातरम महिला टीम पूरे बीकानेर शहर में इस अभियान को व्यापक स्तर पर चलाएगी।
सफल संचालन के लिए नियुक्तियां
अभियान की गंभीरता को देखते हुए कामिनी मैया ने श्रीमती इंदु वर्मा को संयोजक और श्रीमती राजश्री कच्छावा को सह-संयोजक मनोनीत किया है। इन्हीं की देखरेख में आज का कार्यक्रम संपन्न हुआ और आगामी दिनों में भी यही टीम शहर के विभिन्न हिस्सों में पालसिये लगाने का कार्य सुनिश्चित करेगी।
पुलिस प्रशासन ने की सराहना
सिटी कोतवाली थानाधिकारी सविता ढाल ने महिला टीम के इस कदम को प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि धरती पर रहने वालों की सेवा तो सभी करते हैं, लेकिन बेजुबान आकाशीय पक्षियों की प्यास बुझाने का विचार अत्यंत नेक है। इस अवसर पर वन्देमातरम महिला टीम ने थानाधिकारी सविता ढाल का अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में उनके शानदार कार्यों के लिए शाल, श्रीफल और दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मान भी किया।
मातृशक्ति को पूर्ण सहयोग का भरोसा
वन्देमातरम मंच के संयोजक विजय कोचर ने कहा कि संस्था हर साल हजारों परिंडे लगाने का अभियान चलाती है। उन्होंने मातृशक्ति के इस उत्साह की सराहना करते हुए विश्वास दिलाया कि इस नेक कार्य के लिए टीम को संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। इस दौरान माया भाटी, दमयंती सुथार, विजयलक्ष्मी मूंधड़ा, आशु भाटिया और शशि गुप्ता सहित टीम की अनेक सदस्य एवं सहयोगी उपस्थित रहे।
