साइबर सुरक्षा पर जागरूकता सत्र में न्यायाधीश डॉ. अमित कड़वासरा ने कहा— ‘क्लिक करने से पहले सोचें’
साइबर सुरक्षा पर जागरूकता सत्र



बीकानेर। 7 अप्रैल। बीकानेर के श्री जैन पब्लिक स्कूल (SJPS) में ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडेज’ के अंतर्गत मंगलवार को साइबर सुरक्षा, कानूनी साक्षरता और संवेदनशीलता पर एक विशेष जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। ‘पैन इंडिया मूवमेंट’ के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया के खतरों से आगाह करना और सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के प्रति प्रशिक्षित करना था।


4 लाख विद्यार्थियों को जागरूक करने का लक्ष्य
इस अभियान के तहत राजस्थान के 1400 न्यायिक अधिकारियों द्वारा प्रदेश के 4 लाख से अधिक विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य वक्ता डॉ. अमित कुमार कड़वासरा (विशेष सत्र न्यायाधीश, एसीबी, बीकानेर), शालाध्यक्ष विजय कुमार कोचर, प्रधानाचार्या रूपश्री सिपानी और व्यवस्थापक विश्वजीत गौड़ ने दीप प्रज्वलन और नवकार महामंत्र के साथ किया।


डिजिटल सुरक्षा के गुरुमंत्र
मुख्य वक्ता डॉ. अमित कुमार कड़वासरा ने कक्षा 8वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को साइबर अपराधों और उनसे बचाव के कानूनी प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को विशेष हिदायत देते हुए कहा:
सावधान रहें: अनजान APK फाइल्स डाउनलोड न करें और संदेहास्पद लिंक्स पर क्लिक करने से बचें।
निजता की रक्षा: अपनी व्यक्तिगत, पारिवारिक और बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
सोशल मीडिया सुरक्षा: ऑनलाइन स्टॉकिंग, बुलिंग और हैकिंग जैसे खतरों को पहचानें और उनसे दूर रहें।
सहायता के लिए नंबर: साइबर फ्रॉड की स्थिति में लीगल सलाह हेतु 15100 और चाइल्ड हेल्पलाइन के लिए 1098 नंबरों का उपयोग करें।
संवाद और सुझाव
सत्र के अंत में न्यायाधीश महोदय ने प्रश्नोत्तरी के माध्यम से विद्यार्थियों के ज्ञान को परखा, जिसका छात्रों ने सटीक उत्तर दिया। प्रधानाचार्या रूपश्री सिपानी ने इंटरनेट को घर के दरवाजे की उपमा देते हुए कहा कि इसे केवल आवश्यकता और सही जानकारी के लिए ही खोलना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को देर रात तक फोन और सोशल मीडिया से दूरी बनाने की सलाह दी। शाला सचिव सीए माणक कोचर और सीईओ सीमा जैन ने वर्तमान समय में इस सत्र की प्रासंगिकता पर जोर देते हुए मुख्य वक्ता का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में सहायक अतिथि के रूप में अश्विनी रंगा, उमेश सुथार और धीरज व्यास भी उपस्थित रहे।
श्री अग्रवाल माध्यमिक बाल विद्यालय में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम , न्यायाधीश धनपत माली ने विद्यार्थियों को दिए सुरक्षित इंटरनेट के टिप्स
बीकानेर। 7 अप्रैल। माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में मंगलवार को श्री अग्रवाल माध्यमिक बाल विद्यालय में ‘साइबर क्राइम एवं साइबर सिक्योरिटी’ विषय पर एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डिजिटल युग की चुनौतियों को देखते हुए विद्यार्थियों को सुरक्षित रहने के गुर सिखाने के उद्देश्य से यह सत्र आयोजित हुआ।
मुख्य अतिथि का संबोधन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री धनपत माली (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या-3) ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए साइबर अपराधों की गंभीरता पर प्रकाश डाला। उन्होंने सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, पासवर्ड सुरक्षा, निजी डेटा की गोपनीयता और डिजिटल फ्रॉड से बचने के कानूनी व तकनीकी पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। न्यायाधीश माली ने जोर देकर कहा कि आज के समय में तकनीक का लाभ उठाने के साथ-साथ सतर्क रहना भी अनिवार्य है।
उत्साहपूर्ण सहभागिता और संवाद
जागरूकता सत्र के दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। सत्र के अंत में एक प्रश्नोत्तरी का भी आयोजन हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े अपने संदेहों और डिजिटल खतरों को लेकर न्यायाधीश महोदय से प्रश्न पूछे। इन चर्चाओं के माध्यम से विद्यार्थियों में साइबर जगत के प्रति एक परिपक्व समझ विकसित हुई।
विद्यालय प्रशासन का आभार
कार्यक्रम के सफल समापन पर विद्यालय के प्राचार्य श्री सौरव अग्रवाल ने मुख्य अतिथि श्री धनपत माली का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के ज्ञानवर्धक सत्र विद्यार्थियों को जागरूक नागरिक बनाने में सहायक सिद्ध होंगे। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों को साइबर सुरक्षा के प्रति हमेशा सजग और सतर्क रहने का सामूहिक संदेश दिया गया।
