बीकानेर में चाइनीज मांझे पर सख्त पाबंदी: आखाबीज और अक्षय तृतीया पर पतंगबाजी के समय में भी कटौती; उल्लंघन पर दर्ज होगा केस

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खमत खामणा

बीकानेर। 8 अप्रैल। बीकानेर के स्थापना दिवस और अक्षय तृतीया के पर्व पर होने वाली पतंगबाजी को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। जिला कलेक्टर निशांत जैन ने जनसुरक्षा और बेजुबान पक्षियों के संरक्षण हेतु जिले में चाइनीज मांझे की बिक्री, भंडारण और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं।
सुबह और शाम पतंगबाजी पर रोक
प्रशासन ने न केवल मांझे पर प्रतिबंध लगाया है, बल्कि पतंगबाजी के समय को भी सीमित कर दिया है। आदेशानुसार प्रतिबंधित समय: प्रातः 6 बजे से 8 बजे तक और सायं 5 बजे से 7 बजे तक पतंग उड़ाने पर रोक रहेगी।

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कारण: प्रशासन का मानना है कि सुबह और शाम का यह समय पक्षियों के विचरण का मुख्य समय होता है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना सर्वाधिक रहती है।

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क्यों घातक है चाइनीज मांझा?
कलेक्टर ने आदेश में स्पष्ट किया कि नायलॉन, प्लास्टिक या सिंथेटिक मटेरियल से बने धागे, जिन पर कांच या लोहे के पाउडर (Iron Powder) की परत होती है, वे विद्युत के सुचालक होते हैं। इससे:

  • दुपहिया वाहन चालकों के गले कटने का गंभीर खतरा रहता है।
  • बिजली के तारों के संपर्क में आने पर पतंग उड़ाने वाले को करंट लग सकता है।
  • पक्षियों के पंख कटने से उनकी अकाल मृत्यु हो जाती है।

कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
इस निषेधात्मक आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता-2023 (BNS) की धारा 223 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और प्रशासन की टीमें बाजारों में निगरानी रखेंगी ताकि प्रतिबंधित मांझे की बिक्री को रोका जा सके।

जनता की मांग: सिर्फ आदेश नहीं, असर भी दिखे
स्थानीय नागरिकों और जीव प्रेमियों का कहना है कि हर साल ऐसे आदेश जारी होते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर चाइनीज मांझे का उपयोग कम नहीं होता। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाए, जहां गुप्त रूप से शिकायत दी जा सके और त्वरित छापेमारी कर दोषियों में कानून का भय पैदा किया जाए।

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