पीबीएम अस्पताल के कायाकल्प की तैयारी: विधायक सिद्धि कुमारी ने चिकित्सा मंत्री को लिखा पत्र, सुविधाओं के विस्तार की मांग

पीबीएम अस्पताल के कायाकल्प की तैयारी: विधायक सिद्धि कुमारी ने चिकित्सा मंत्री को लिखा पत्र
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quicjZaps 15 sept 2025
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बीकानेर , 09 अप्रैल। बीकानेर में चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ और आधुनिक बनाने की दिशा में क्षेत्रीय विधायक सुश्री सिद्धि कुमारी ने एक बड़ा कदम उठाया है। पीबीएम अस्पताल में बढ़ते मरीजों के भार और वर्तमान सुविधाओं के अभाव को देखते हुए उन्होंने राज्य के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर को एक विस्तृत प्रस्ताव भेजा है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने अस्पताल के बुनियादी ढांचे में सुधार और नई स्वास्थ्य सुविधाओं को जोड़ने का आग्रह किया है।

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विधायक सिद्धि कुमारी की इस पहल को स्थानीय भाजपा नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं का भी पुरजोर समर्थन मिला है। भाजपा नेता मोहन सुराणा, कुनाल कोचर और मनीष सोनी ने इस संबंध में विधायक के साथ विस्तृत चर्चा की और जनहित में इन सुधारों को तत्काल लागू करवाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने अस्पताल की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए।

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प्रस्ताव में शामिल प्रमुख मांगें

सुपर स्पेशियलिटी सर्जिकल ब्लॉक: जटिल सर्जरी और गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए अस्पताल में एक अत्याधुनिक सुपर स्पेशियलिटी सर्जिकल ब्लॉक स्थापित करने की मांग की गई है।

इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार: अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए वर्तमान ढांचे को विकसित करने और उसे आधुनिक बनाने पर जोर दिया गया है।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य: महिला एवं बच्चों के अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और सुविधाओं का विस्तार करने का प्रस्ताव दिया गया है।

केंद्रीकृत आपातकालीन सेवाएं: आपातकालीन सेवाओं (Emergency Services) को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए उन्हें एक ही छत के नीचे केंद्रीकृत करने की योजना शामिल है।

प्रशासनिक अधिकारी की नियुक्ति: अस्पताल के दैनिक प्रबंधन और कुशल संचालन के लिए एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी (Senior Administrative Officer) नियुक्त करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है।

बीकानेर संभाग के सबसे बड़े केंद्र पीबीएम अस्पताल में सुधार की यह पहल न केवल शहर, बल्कि आसपास के जिलों और पड़ोसी राज्यों से आने वाले लाखों मरीजों के लिए वरदान साबित होगी। इस कदम से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ मरीजों को मिलने वाली राहत की उम्मीद जगी है।