बीकानेर सेंट्रल जेल में हिंसक झड़प में विचाराधीन बंदियों में मारपीट, एक घायल, बीछवाल थाने में केस दर्ज
बीकानेर सेंट्रल जेल में हिंसक झड़प में विचाराधीन बंदियों में मारपीट


बीकानेर, 10 मई। बीकानेर के केंद्रीय कारागार (सेंट्रल जेल) से सुरक्षा व्यवस्था में सेंध और बंदियों के बीच आपसी टकराव की बड़ी खबर सामने आई है। जेल परिसर के भीतर शनिवार दोपहर विचाराधीन बंदियों के दो गुटों या व्यक्तियों के बीच हुई हिंसक झड़प में एक बंदी गंभीर रूप से घायल हो गया है। इस घटना ने जेल प्रशासन की सतर्कता पर एक बार फिर सवालिया निशान लगा दिए हैं।


दोपहर सवा बारह बजे हुआ विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना शनिवार दोपहर करीब 12:15 बजे की है। जेल के भीतर सामान्य दिनचर्या के दौरान किसी बात को लेकर बंदियों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते खूनी संघर्ष में तब्दील हो गई। हमले में एक बंदी को शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं, जिसे तुरंत जेल अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया।


जेल प्रहरी ने दर्ज कराई एफआईआर
घटना की गंभीरता को देखते हुए जेल प्रशासन ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। केंद्रीय कारागार में तैनात जेल प्रहरी जितेंद्र सुरोला की रिपोर्ट पर बीछवाल थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
नामजद आरोपी: एफआईआर में विचाराधीन बंदी मनोज उर्फ कालिया को नामजद किया गया है।
आरोपी का बैकग्राउंड: मनोज उर्फ कालिया पहले से ही एक मामले में कोर्ट ट्रायल का सामना कर रहा है और जेल में बंद है।
जांच के घेरे में जेल सुरक्षा
घटना के बाद बीछवाल थाना पुलिस ने मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार जेल परिसर के भीतर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि हमले की असल वजह और घटनाक्रम का पता चल सके।
वजह की तलाश: पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि मारपीट किसी पुरानी रंजिश का नतीजा थी या तात्कालिक विवाद।
सुरक्षा चूक: घटना के समय मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है कि उन्होंने समय रहते बीच-बचाव क्यों नहीं किया।
प्रशासन में हड़कंप
केंद्रीय कारागार जैसी संवेदनशील जगह पर दिनदहाड़े हुई इस मारपीट से जेल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उच्चाधिकारी रिपोर्ट तलब कर रहे हैं। फिलहाल घायल बंदी की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।


